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150 रुपए का रेजर 169 में बेचा, उपभोक्ता फोरम ने स्टोर पर लगाया जुर्माना

भोपाल में एक स्टोर ने कस्टमर को दिया महंगा सामान, लगाई ज्यादा GST, उपभोक्ता फोरम ने स्टोर पर लगाया जुर्माना.

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उपभोक्ता फोरम ने स्टोर पर लगाया जुर्माना (Getty Image)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 23, 2025 at 1:27 PM IST

3 Min Read
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भोपाल: राजधानी के एक निजी कंपनी के स्टोर पर ग्राहक को महंगा सामान बेचना भारी पड़ गया. अब 19 रुपए अधिक वसूलने के एवज में संबंधित स्टोर को 4 हजार रुपए का जुर्माना चुकाना होगा. इसके आदेश राजय उपभोक्ता आयोग ने स्टोर प्रबंधन को दिया है. हालांकि इस मामले में संबंधित स्टोर के अधिकारियों ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी, लेकिन वहां भी जिला आयोग के आदेश को यथावत रखा है.

रिलायंस स्मार्ट स्टोर से खरीदा था सामान

भेल क्षेत्र में रहने वाले हरीश कुमार ने बताया कि "पिपलानी में स्थित एक स्टोर से मई में उन्होंने घरेलू सामान खरीदा था. जब घर पहुंचकर उन्होंने बिल देखा तो समझ में आया कि उसमें खरीदे गए रेजर का दाम अधिक जोड़ा गया है. साथ ही इसमें जीएसटी भी अधिक वसूली गई है. इसके बाद हरीश ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की थी.

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भोपाल उपभोक्ता फोरम का आदेश (ETV Bharat)

19 रुपए के साथ 25 रुपए जीएसटी भी वसूली

हरीश ने बताया कि उन्होंने घरेलू सामान के साथ थ्री पैक रेजर खरीदा था. इसके लिए स्टोर ने 169 रुपए का बिल वसूला. जबकि इसकी एमआरपी 150 रुपए लिखी हुई थी. यानि स्टोर ने उपभोक्ता से 19 रुपए अतिरिक्त वसूल किए. इसके साथ ही टोटल बिल में भी जीएसटी की राशि भी 25 रुपए से अधिक ली गई. इस घटना के एक सप्ताह के अंदर हरीश ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की थी."

कंपनी ने आयोग में दिया यह जवाब

इस मामले में स्टोर प्रबंधन के अधिकारी भी अपना बयान दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता आयोग के समझ उपस्थित हुए थे. जिसमें उन्होंने बताया कि यह पैक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं था, क्योंकि सिस्टम में उसकी कीमत अपडेट नहीं थी, लेकिन आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया और स्टोर को अतिरिक्त पैसे ब्याज सहित लौटाने के साथ ही 4 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना देने के आदेश दिए हैं.

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स्टोर पर लगा जुर्माना (ETV Bharat)

उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ला ने बताया कि "इस मामले में कंपनी प्रबंधन उपभोक्ता की गलती बता रहा था. उनका तर्क था कि गलती से बिलिंग हुई है. इसकी जगह आप दूसरा प्रोडक्ट ले सकते हैं. कंपनी प्रबंधन ने बताया कि इस मामले में ग्राहक स्टोर के कर्मचारियों और मैनेजर से विवाद भी कर चुका है, लेकिन स्टोर प्रबंधन इस मामले में उपभोक्ता की गलती साबित नहीं कर सका.

योगेश शुक्ला ने बताया कि आयोग ने इस मामले में स्टोर से कहा कि जब कोई सामान बिक्री के लिए नहीं है, तो उसे ग्राहकों की पहुंच में क्यों रखा गया. इसे बिलिंग के बाद भी हटाया जा सकता था. आयोग ने इस मामले में स्टोर की लापरवाही और सेवा में कमी मानी है."