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कांग्रेस में अध्यक्षों के लिए सिफारिशों का पुलिंदा, दिग्विजय सिंह ने कुछ और शर्तें जोड़ी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को नए सिरे से संगठित करने के लिए कई पैरामीटर्स तय, इसके बाद भी सिफारिशी अध्यक्ष बनने की होड़.

MP congress Criteria fixed
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 16, 2025 at 4:06 PM IST

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भोपाल : मध्यप्रदेश में कांग्रेस आजकल पार्टी संगठन मजबूत करने के लिए कार्यक्रम चला रही है. इसके ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी और मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक प्रदेश भर के जिला और ब्लॉक स्तर तक पहुंच रहे हैं. ये पर्यवेक्षक तय किए गए क्राइटेरिया के हिसाब से और स्थानीय लोगों की राय लेकर जिला और ब्लॉक अध्यक्षों का पैनल तैयार करेंगे. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इस पूरी प्रक्रिया कुछ शर्तें जोड़ दी हैं.

जिला व ब्लॉक अध्यक्ष के लिए क्राइटेरिया फिक्स

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ किया है "वह जिला और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए किसी के भी नाम की सिफारिश नहीं करेंगे. ऐसा न करने के पीछे उन्होंने वजह भी बताई." मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा "संगठन सृजन कार्यक्रम के लिए पूरे देश से एआईसीसी मध्यप्रदेश पर्यवेक्षक भेज रही है. इसी तरह मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी जिलों और ब्लॉक में पर्यवेक्षक भेजे हैं. जिला और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए किस तरह का व्यक्ति चयनित होना है, इसके लिए पहले से क्राइटेरिया बनाया गया है."

हाल ही में कांग्रेस में आए लोगों को अध्यक्ष नहीं बनाएं

दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया है "अध्यक्षों की चयन प्रक्रिया में ऐसा व्यक्ति नहीं होना चाहिए, जो कुछ समय पहले ही दूसरी पार्टी से कांग्रेस पार्टी में आया हो. इसके अलावा अध्यक्ष पद पर रहते हुए जिनको 5 साल पूरे हो गए हों, उन्हें खुद ही परिवर्तन के लिए आगे आना चाहिए. अध्यक्ष के लिए मैं किसी का नाम नहीं दे रहा हूं. मेरे पास चारों तरफ से नाम आ रहे हैं. लेकिन मैं किसी के नाम की पैरवी पर्यवेक्षक के सामने नहीं करूंगा. मैं इसमें पार्टी नहीं बनने वाला." दिग्विजय सिंह का कहना है "मेरी एक ही प्रार्थना है कि वह किसी भी व्यक्ति का नाम ले रहे हैं तो वे पर्यवेक्षक से पूछ लें कि क्राइटेरिया क्या है और वह उस क्राइटेरिया के हिसाब से होना चाहिए."

राहुल गांधी की गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रिया

बता दें कि संगठन सृजन अभियान की शुरूआत 3 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भोपाल पहुंचकर की थी. इस दौरान उन्होंने साफ कहा था "दावेदारों की विचारधारा, पार्टी के प्रति समर्पण, संपर्क और जमीनी काम करने की स्थिति को देखा जाएगा. नियुक्ति सिफारशों के आधार पर नहीं होगी."