PM मोदी और CM नीतीश का भोजपुर की रीता ने जताया आभार, कहा- '10 हजार रुपये से मुर्गी खरीदूंगी'
भोजपुर की रीता का सफर संघर्षों से भरा रहा. 10 रुपये की बचत करने वाली रीता आज गांव की लखपति और ड्रोन दीदी बन गई.

Published : September 29, 2025 at 1:14 PM IST
भोजपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा योजना के तहत बिहार की 75 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 7,500 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की. इसी क्रम में उन्होंने भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के मोहम्मदपुर की रहने वाली रीता देवी से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया. रीता ने अपने संघर्षों की कहानी ईटीवी भारत से साझा की और बताया कि शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा, लेकिन आज परिस्थिति बदल गई है.
भोजपुर की रीता ने पीएम को दिया धन्यवाद: प्रधानमंत्री ने शिव गुरु जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रीता देवी से सीधा संवाद किया. रीता देवी ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत दिए गए लाभ, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख का मुफ्त इलाज, राशन कार्ड, मुफ्त 125 यूनिट बिजली एवं पेंशन राशि वृद्धि के लिए धन्यवाद दिया.
पीएम ने की थी सराहना: उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है और गांव-गांव में उत्सव का माहौल है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी रीता देवी के आत्मविश्वास और कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद पहचान मिली. जीविका नहीं होता तो मौका नहीं मिलता. घर में खाना पकाते रह जाते.
"मेरे पति फोटो बनाते हैं. एक फोटो बनाने में 15 रुपये मिलते हैं. पीएम और सीएम से बात करने के बाद फर्क हो रहा है. परिवार के लोगों का पूरा सपोर्ट मिला. महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये आए हैं. इससे मुर्गी खरीदूंगी."- रीता देवी, जीविका दीदी
रीता ने प्रधानमंत्री को बताया कि स्वयं सहायता समूह 'जीविका' से जुड़ने के बाद न सिर्फ उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि अब वे 'ड्रोन दीदी' बनकर खेती में तकनीकी सहायता भी दे रही हैं. रीता देवी ने कहा कि जीविका से जुड़ने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. समूह से मिले सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई.
"आज मैं ड्रोन चलाने की तकनीक सीखकर खेती में नई क्रांति ला रही हूं. ड्रोन की माध्यम से खेतों में खाद का छिड़काव कर रही हूं. इससे मुझे और मेरे समूह को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल रहा है."- रीता देवी, जीविका दीदी

रीता देवी MA की कर रही पढ़ाई: 2015 में जीविका से जुड़ने के बाद रीता देवी ने पढ़ाई शुरू की. वर्ष 2016 में उन्होंने मैट्रिक पास किया और 2021 में इंटर पास करने के बाद 2024 में उन्होंने स्नातक पास किया और 2025 में वह इग्नू से एमए में रूरल डेवलपमेंट की पढ़ाई कर रही हैं.
रीता देवी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल: भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के मोहम्मदपुर गांव की रीता देवी आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं. वर्ष 2015 में शिव गुरु जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आया.
रीता का परिवार पहले आर्थिक तंगी में गुजर-बसर करता था, लेकिन समूह से 25,000 रुपये का ऋण लेकर उन्होंने बकरी पालन, मुर्गी पालन और एक छोटी दुकान शुरू की. इसके बाद 2017 में 70,000 रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ड्रोन कैमरा खरीदा और शादी-विवाह में रिकॉर्डिंग का काम शुरू किया, जिससे आय के नए स्रोत बने.
'गांव की लखपति दीदी': 2018 में फिर से ऋण लेकर बड़ा कैमरा खरीदा, जिससे उनका व्यवसाय और भी आगे बढ़ गया. रीता देवी अब हर महीने 15,000 से 18,000 रुपये तक कमा रही है. उन्होंने न सिर्फ अपने बच्चों को शिक्षित किया, बल्कि खुद भी पढ़ाई जारी रखते हुए 2024 में स्नातक पास कर अब MARD प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं. रीता देवी आज अपने गांव की लखपति दीदी के रूप में जानी जाती हैं.

महिलाओं के खाते में राशि: भोजपुर जिले में कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री ने 1,45,000 से अधिक महिलाओं के खाते में DBT के माध्यम से प्रथम किस्त की राशि भेजी. शेष लाभुक महिलाओं को आगामी 3 अक्टूबर 2025 को होने वाले अगले कार्यक्रम में राशि हस्तांतरित की जाएगी. योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को रोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है.
इसके लिए जीविका महिला ग्राम संगठनों के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए गए हैं. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं सीधे इस योजना का लाभ ले रही हैं, जबकि जो महिलाएं समूह की सदस्य नहीं हैं, उन्हें पहले समूह से जुड़ना अनिवार्य है.

ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए ऑफ़लाइन आवेदन ग्राम संगठन के माध्यम से और शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन आवेदन नगर पालिका के माध्यम से लिया जा रहा है.आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है. ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम संगठन एवं शहरी क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जा रहा है.
आयकर दायरे में आने वाले या सरकारी नौकरी वाले परिवारों की महिलाओं को छोड़कर सभी पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा.आवेदन स्वीकृत होने और जांच पूर्ण होने के उपरांत महिलाओं के खाते में सीधे 10,000 की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है. साथ ही, रोजगार के आकलन के आधार पर भविष्य में आवश्यकतानुसार 2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है.
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