भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला: 4 आरोपियों की जमानत अर्जी हाईकोर्ट से मंजूर
भारतमाला प्रोजेक्ट में घोटाले का मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है. हालांकि इस बीच हाईकोर्ट ने 4 आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर की है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 18, 2025 at 5:44 PM IST
बिलासपुर: भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले के 4 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है. आरोपी हरमीत खनूजा, उमा देवी तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन की नियमित जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है. सभी आरोपी पिछले तीन माह से रायपुर जेल में बंद थे. केस की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में हुई.
इस तरह दी गई दलीलें: मामले में हरमीत, विजय, उमा और केदार की ओर से वकील मनोज परांजपे और सरफराज खान ने दलीलें पेश की. कहा कि आरोपियों के खिलाफ जमानत न देने का कोई वैधानिक कारण नहीं है. मुख्य न्यायाधीश ने दलीलों और दस्तावेज़ों की सुनवाई के बाद नियमित जमानत दी. साथ ही स्पष्ट किया कि यह कोई अंतरिम राहत नहीं है बल्कि कानूनी अधिकार के तहत जमानत दी जा रही है.
क्या ये घोटाला: यह घोटाला रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के लिए भारतमाला परियोजना के तहत हुए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है. इसमें जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को ज्यादा का भुगतान दिखाया गया. इसके बाद मुआवजा राशि को गलत व्यक्तियों को ट्रांसफर करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए राशि हड़पने का आरोप है.
गिरफ्तार आरोपियों ने हाईकोर्ट में लगाई थी जमानत अर्जी: इस मामले में बीते अप्रैल माह में गिरफ्तार हरमीत खनूजा, विजय, उमा और केदार ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी. इस मामले में हाईकोर्ट ने EOW से केस डायरी मंगाई थी. शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई.
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा: कल ही (17 जुलाई) छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में इस घोटाले को लेकर बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने तीखे सवाल सदन में किए. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की. इस मुद्दे पर सरकार का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियां ही पर्याप्त और सक्षम हैं. आने वाले समय में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है.

