सात जन्म में भी इरफान अंसारी नहीं बन पाते मंत्री! जानिए किसने ऐसा कहा
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के लिए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की आलोचना की.

Published : August 23, 2025 at 8:40 PM IST
रांचीः पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दोषी मानते हुए जमकर निशाना साधा है. प्रदेश भाजपा कार्यालय में ईटीवी भारत से बात करते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को यदि नंबर देना हो तो राज्य में एक रिक्शा चलाने वाला भी 100 में से जीरो नंबर देने का काम करेगा.
उन्होंने डॉक्टर इरफान अंसारी द्वारा भाजपा नेता के द्वारा उनके और स्वास्थ्य विभाग पर लगातार टारगेट किए जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उनमें आखिर क्या क्वालिटी है जो हम लोग ऐसी बात करेंगे. उन्होंने कहा कि उनमें न तो कोई क्वालिटी है, न ही कोई बौद्धिक स्तर और न ही वह स्वयं कोई बहुत बड़े डॉक्टर हैं.
भानु प्रताप शाही ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जांच हो जाए तो उनकी डॉक्टरी का सर्टिफिकेट फर्जी निकल जाएगा. यह तो बाप-दादा के नाम पर रूस से पढ़कर आए और जनता को डॉक्टर बताकर बेवकूफ बना रहे हैं.
आलमगीर जेल से बाहर होते तो सात जन्म में इरफान मंत्री नहीं बनतेः भानु प्रताप शाही
भानु प्रताप शाही ने मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जेपीएससी का फुल फॉर्म नहीं जानता हो और डॉक्टर का नाटक करता हो उससे समझा जा सकता है कि उनकी क्या योग्यता है. उन्होंने कहा कि चुंकि मुसलमान का वोट इस सरकार और कांग्रेस को चाहिए इसलिए उस कोटा से वह मंत्री बने हुए हैं और इसलिए भी बने हुए हैं क्योंकि आलमगीर आलम जेल में हैं. यदि आलमगीर आलम बाहर होते तो इस जन्म में क्या सात जन्म में इरफान अंसारी मंत्री नहीं बनते.
विपक्ष में होने के नाते हम सरकार की कमियां बताते रहेंगेः भानु प्रताप शाही
विपक्ष में होने के नाते सरकार में जो कमियां मुझे दिखाई पड़ती है, उसे मैं बताकर अपना फर्ज आज अदा करने की कोशिश करता हूं. हम लोग सरकार को कभी भी वॉक ओवर देने वाले नहीं हैं. यदि वह समझ रहे हैं कि हम लोग सदन से बाहर हैं तो हम ऐसा कर रहे हैं, यह सोचना गलत है. हम सदन में थे तो लड़ते थे अब सदन से बाहर हैं तो भी लड़ेंगे.
एक सवाल के जवाब में भानु प्रताप शाही ने कहा कि आप सदर अस्पताल में चले जाइए यदि वहां का मरीज बोल देगा कि इरफान अंसारी मंत्री बनने के लायक हैं तो उस दिन के बाद से किसी भी विषय पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है. इरफान अंसारी तो ऐसे हैं कि एक आदिवासी महिला उनके घर जाती है बेटे के इलाज के लिए तो 200 रुपया देकर उन्हें भगा दिया गया.
'इरफान एक कौम के मंत्री बन कर शासन कर रहे हैं'
इरफान अंसारी अपना काम छोड़कर सारा काम करते हैं. इसका जीता जागता उदाहरण है कि रामगढ़ में आफताब जो एक दुष्कर्म के केस में आरोपी था, उसको मुआवजा दिलाने की वह बात करते हैं. वह पुलिस पर कार्रवाई करने की वह बात करते हैं और जब सूर्य हांसदा का एनकाउंटर होता है तो इस पर सवाल नहीं करते.
भानु प्रताप शाही ने कहा कि आज जन-जन में यह हो गया है कि यदि खान या अंसारी आपके नाम से जुड़ा हुआ है, तो इरफान अंसारी आपके साथ खड़ा हो जायेगा. जहां हांसदा है, मुंडा है, उरांव है या खरवार है, जहां हिंदू का सरनेम है वहां इरफान आपको नहीं दिखाई पड़ेंगे चाहे उन्हें कुछ भी हो जाए. ऐसे में इरफान आज एक राज्य के मंत्री नहीं बल्कि एक कौम के मंत्री बन कर शासन कर रहे हैं.
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