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ओखला में लैंडफिल साइट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल द्वारा Bamboo Plantation’ अभियान की शुरुआत

ओखला लैंडफिल साइट पर कचरे की बायोमाइनिंग कर पुनः प्राप्त हुई भूमि पर वृक्षारोपण की शुरुआत की गई है.

ओखला में लैंडफिल साइट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल
ओखला में लैंडफिल साइट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : June 6, 2025 at 11:35 PM IST

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Updated : June 7, 2025 at 12:12 AM IST

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नई दिल्ली: उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट पर कचरे की बायोमाइनिंग कर पुनः प्राप्त हुई भूमि पर वृक्षारोपण की शुरुआत की. इस अवसर पर दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह, दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा,दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी,मध्य क्षेत्र की अध्यक्षा योगिता सिंह,स्थानीय पार्षद सुगंधा बिधूड़ी,दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र,निगमायुक्त अश्वनी कुमार, अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल,मध्य क्षेत्र के उपायुक्त दिलखुश मीणा सहित दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

बांस 30% तक अधिक ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता: उपराज्यपाल ने कहा कि आज का बांस पौधारोपण का कार्यक्रम भले ही छोटा लगे किंतु इसका महत्व बहुत अधिक है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले 3 वर्षों में 170000 बांस के पौधे लगाए गए हैं और आज के 8000 पौधे मिलकर यह संख्या 178000 हो जाती है. उपराज्यपाल महोदय ने कहा कि बांस का पौधा दिल्ली के प्रदूषण को देखते हुए काफी उपयोगी है क्योंकि बांस 30% तक अधिक ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है. उन्होंने कहा कि बांस के पौधे को ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती एवं यह थोड़े से पानी में भी काफी तेजी से बढ़ता है. उपराज्यपाल महोदय ने कहा कि आज लगाए गए यह पौधे 8 से 9 महीनों में 20 फुट तक पहुंच जाएंगे. उन्होंने कहा कि बांसेरा पार्क में 3 फीट के बांस के पौधे लगाए थे जोकि डेढ साल में 40 -42 फीट के हो गए हैं. उपराज्यपाल महोदय ने कहा कि बांस की एक खास बात यह है कि अगर इस जमीन का उपयोग और किसी कार्य के लिए करना है तो बिना किसी मंजूरी के इसे काट सकते हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही यह क्षेत्र हरित क्षेत्र में बदल जाएगा.

ओखला लैंडफिल साइट पर कूड़े के निस्तारण का कार्य: उपराज्यपाल ने कहा कि ओखला लैंडफिल साइट पर कूड़े के निस्तारण का कार्य कर रही एजेंसी ने बताया कि इस वर्ष दिसंबर माह तक लैंडफिल साइट पर मौजूद कचरे का निस्तारण कर इसे समतल कर दिया जाएगा लेकिन उन्होंने अनुरोध किया है कि यह कार्य 2 महीने पहले पूरा कर लिया जाए. उपराज्यपाल ने कहा कि पहले की सरकार के कार्यकाल में तीनों लैंडफिल साइट पर 11 ट्रामेल मशीन कार्य कर रही थी और कुल 6000 टन कूड़े का निस्तारण प्रतिदिन होता था किंतु आज औसत 25000 टन कूड़े का निस्तारण प्रतिदिन हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस सरकार की भावना दिल्ली के इस कलंक को जल्द से जल्द हटाने की है.

रेखा गुप्ता का आप पर तंज: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ओखला स्थित 62 एकड़ में फैला यह 60 मीटर ऊंचा कूड़े के पहाड़ को शीघ्रता से कार्य करते हुए 40 मीटर पर ला दिया गया है. ओखला लैंडफिल साइट पर स्थित 60 लाख मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़ आज 28 लाख मीट्रिक टन रह गया है जोकि प्रशंसनीय है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकार कूड़े के पहाड़ को हटाने का झूठा वादा करके जनता को बरगलाती रही और आखिरी में दिल्ली की जनता ने उन्हें ही हटा दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के लोग पिछली सरकार की नाकामी के चलते कूड़े के पहाड़ों के बीच जिंदगी बिताने के लिए मजबूर थे.

उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों ने कई समस्याओं का सामना किया है,कहीं ऐ क्यू आई बढ़ा है कहीं कूड़े के पहाड़ हैं कहीं पर यमुना जी मैली हैं. ऐसा लगता था कि यत्र तत्र पूरी प्रकृति ने प्लास्टिक का आवरण ओढ़ रखा था और हर जगह कूड़े और मलबे के ढेर दिखाई देते थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा क्या हुआ कि 100 दिनों के अंदर दिल्ली बदली बदली नजर आने लगी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब नाम करने वाली नहीं काम करने वाली सरकार है जिसका पूरा श्रेय दिल्ली की जनता को जाता है. दिल्लीवासियों के वोट की ताकत ने दिल्ली को गतिशील कर दिया है.

लैंडफिल साइट पर जाकर कूड़े के निस्तारण के कार्य का निरीक्षण: मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर महीने लैंडफिल साइट पर जाकर कूड़े के निस्तारण के कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन 11000 मीट्रिक टन कचरे का उत्पादन होता है और इसमें से प्रतिदिन 7000 टन कूड़े का निस्तारण हो पाता है और रोजाना 4000 टन अतिरिक्त कूड़ा जमा होता है जिसके चलते 2 से 3 साल में लीगेसी वेस्ट की एक नई समस्या खड़ी हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस समस्या के निस्तारण के लिए दिल्ली सरकार 2 नए वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र एवं मौजूदा 2 संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि आज जो कूड़ा निस्तारण की क्षमता 7000 टन है उसे बढ़ा कर आने वाले समय में 15000 टन प्रतिदिन किया जा सके एवं 1 भी टन अतिरिक्त कूड़ा न बचे.

दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि यह कूड़े के पहाड़ पिछली सरकार से हमे लीगेसी में मिले हैं. उन्होंने कहा कि आज बातों वाली नहीं काम वाली सरकार है. महापौर ने कहा कि आज इस लैंडफिल साइट पर 8000 बांस के पौधे लगाए गए हैं जोकि दिल्ली वालों के लिए एक सुखद दिन है. उन्होंने कहा कि यह कूड़े के पहाड़ अब कुछ दिनों की बात हैं और जल्द ही यहां हरियाली नजर आएगी.

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Last Updated : June 7, 2025 at 12:12 AM IST