कवर्धा में बैगा आदिवासियों का बवाल, अतिक्रमण पर एक्शन से हुए नाराज, पट्टा देने की मांग
कवर्धा में बैगा आदिवासियों ने सोमवार को हंगामा कर दिया. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 22, 2025 at 4:39 PM IST
कवर्धा: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले कवर्धा में बैगा आदिवासियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. अतिक्रमण पर जिला प्रशासन की कार्रवाई से नाराज होकर आदिवासियों ने बवाल काटा है. बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी महिलाएं, पुरुष और बच्चे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यथा स्थान पर रहने की अनुमति मांगी. प्रदर्शनकारियों ने वन अधिकार पट्टा देने की मांग भी की है.
सरोधा वन परिक्षेत्र की घटना: यह पूरी घटना बोड़ला ब्लॉक के ग्राम सरोधा वन परिक्षेत्र की है. यहां नहर किनारे लगभग 40 बैगा आदिवासी परिवार करीब दस वर्षों से रह रहे हैं. इन परिवारों को हाल ही में वन विभाग ने अवैध कब्जा हटाने का नोटिस जारी कर मकान खाली करने और नहीं मानने पर बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी है. नोटिस से घबराए आदिवासी परिवारों का कहना है कि अचानक बेघर होने की स्थिति बन रही है, जिससे उनके बच्चों और बुजुर्गों को गंभीर परेशानी झेलनी पड़ेगी.
दस वर्षों तक प्रशासन ने कोई आपत्ति नहीं की, लेकिन अब अचानक नोटिस देकर जमीन खाली करने का दबाव डाला जा रहा है. हम चेतावनी देते हैं कि यदि हमें पट्टा नहीं दिया गया तो हम बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे- दारा सिंह, पीड़ित

सरोधा में वन भूमि पर क्यों बसे ग्रामीण, बताई वजह : प्रदर्शन कर रहे कामू बैगा ने बताया कि हम मूल रूप से बांधा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पंढरीपानी में रहते थे. यहां सरोधा जलाशय का पानी हर बरसात में गांव तक पहुंचकर घरों में भर जाता था. डूबान क्षेत्र होने से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी. इलाज के लिए मरीजों को कंधे पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था और समय पर इलाज न मिलने से कई लोगों की मौत तक हो चुकी है. इन मुश्किलों से बचने के लिए सभी परिवार मुख्य मार्ग के पास सरोधा गार्डन किनारे वन भूमि में झोपड़ियां बनाकर बस गए.


