ETV Bharat / state

रीतलाल यादव अपराध की दुनिया का बना बादशाह, जानें फिर कैसे राजनीति और बाहुबल का कॉकटेल बनाया?

रीतलाल यादव का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है. आइये जानते हैं कैसे वह बाहुबली से 'माननीय' तक का सफर तय किया. पढ़ें यह रिपोर्ट

Ritlala Yadav
रीतलाल यादव (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : April 18, 2025 at 8:51 PM IST

8 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : बिहार के राजनीति में यदि बाहुबली विधायकों की बात की जाती है तो उसमें से एक नाम दानापुर से राजद के विधायक रीतलाल यादव का लिया जाता है. फिर से बाहुबली विधायक रीतलाल यादव सुर्खियों में है. बिल्डर से रंगदारी मांगे जाने के मामले में उनको कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा. रीतलाल यादव का अपराध से कोई नया नाता नहीं है.

90 के दशक से अपराध की शुरुआत : रीतलाल यादव दानापुर के कोथवा गांव के रहने वाला हैं. दानापुर में अवस्थित कोथवा गांव यादव बहुल गांव है. अपराध की दुनिया में आने से पहले रीतलाल यादव गांव में अपनी दबंगई के लिए जाना जाने लगा था. शुरू से ही विवादित जमीन पर उसकी नजर रहती थी.

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि जमीन के खरीद बिक्री का कारोबार उसने शुरू किया. धीरे-धीरे अपने गांव और उसके आसपास के इलाकों में रीतलाल यादव की तूती बोलने लगी. जमीन कारोबार के बाद धीरे-धीरे रीतलाल यादव का मन ठेके की दुनिया में जाने का करने लगा. बिहार में राजद का शासन था उस समय रेलवे में ठेके को लेकर हमेशा वर्चस्व की लड़ाई चलती रहती थी.

रीतलाल यादव ने रेलवे में ठेकेदारी का काम शुरू किया. दानापुर मंडल से रेलवे का ठेका शुरू करने वाले रीतलाल यादव का दबदबा बिहार के सभी रेल के जोन में चलने लगा. पटना से बनारस रूट एवं हाजीपुर से समस्तीपुर रूट तक रेलवे के अधिकांश टेंडर रीतलाल यादव के नाम होने लगा. समस्तीपुर से लेकर गुवाहाटी और गोरखपुर तक रेलवे के टेंडर और निर्माण कार्यों में उनकी सीधी या परोक्ष भूमिका बताई जाती है.

दानापुर में बढ़ा दबदबा : रेलवे के ठेके के बाद रीतलाल यादव का पूरे दानापुर इलाके में एकछत्र राज होने लगा. धीरे-धीरे ठेके के बाद रीतलाल यादव अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया. हत्या, रंगदारी, जबरन वसूली जान से मारने की धमकी, जमीन पर अवैध कब्जा के दर्जनों आरोप रीतलाल यादव पर लगे. ताजा मामला बिल्डर से रंगदारी मांगने का है जिस मामले में रीतलाल यादव पर कानूनी शिकंजा कसा. जिस कारण उसे दानापुर कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा और अभी वह 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल में हैं.

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ ओझा ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि रीतलाल यादव का अपराध से पुराना इतिहास रहा. उस पर अपराध के 30 से अधिक मामले दर्ज हैं. रेलवे के ठेके में उसकी तूती बोलती है. उसके पिताजी गांव के मुखिया थेस यही कारण है कि उसके गांव के आसपास के इलाकों में रीतलाल के जेल में रहते हुए भी दहशत बना रहता था.

''दानापुर के इलाके में कोई भी व्यक्ति यदि अपने घर का निर्माण करवाना चाहता है तो उसे रीतलाल यादव के दुकान से ही सारा सामान खरीदना पड़ता है. उस इलाके में यदि कोई अपना प्राइवेट मकान बना रहा है या कोई स्कूल बन रहा है तो जो भी कंस्ट्रक्शन का सामान होता है सबको रीतलाल यादव के दुकान से ही लेना पड़ता है. उसके मन माने रेट पर लोगों को कंस्ट्रक्शन का सामान खरीदना पड़ता है.''- अमिताभ ओझा, वरिष्ठ पत्रकार

वरिष्ठ पत्रकार और आरजेडी प्रवक्ता का बयान (ETV Bharat)

अमिताभ ओझा ने बताया कि रीतलाल यादव का दबदबा इतना ही है कि एम्स जैसी संस्था में ठेके के काम के लिए वह अपने आदमी को वहां बैठना चाहता था. रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव पर ठेके को लेकर एम्स के सिक्योरिटी ऑफिसर पर गोली चलाने का आरोप लगा. इसी गोलीकांड के बाद पिंकू यादव को अपने एक सहयोगी के साथ आत्मसमर्पण भी करना पड़ा.

''दानापुर में ही दही गोप की हत्या हुई थी उसमें भी पिंकू यादव के नाम सामने आया था. अब नया मामला बिल्डर से रंगदारी का आया है, जिसमें बिल्डर ने हिम्मत करके प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें कहा गया कि रीतलाल यादव की तरफ से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई है.''- अमिताभ ओझा, वरिष्ठ पत्रकार

बीजेपी की पूर्व विधायक आशा सिन्हा के पति सत्यनारायण सिन्हा के हत्या का आरोप रीतलाल यादव पर लगा था. 30 अप्रैल 2003 को आरजेडी की ओर से राजधानी पटना के गांधी मैदान में 'तेल पिलावन, लाठी घुमावन' रैली का आयोजन किया गया था. उसी दिन खगौल के जमालुद्दीन चक गुमटी के पास आशा सिन्हा के पति सत्यनारायण सिन्हा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

रीतलाल यादव अपराध की दुनिया के बाद राजनीति में भी अपनी पैठ बनाने शुरू कर दी. 2016 में बिहार विधान परिषद के चुनाव में उसने किस्मत अजमाया. जेल में रहते हुए उसने बिहार विधान परिषद का चुनाव जीता और वह एमएलसी बना. 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जेल में रहते हुए उसने पाटलिपुत्र लोकसभा से लड़ने की तैयारी की.

Ritlala Yadav
तेजस्वी के साथ रीतलाल यादव (फाइल फोटा) (ETV Bharat)

आरजेडी से लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती चुनाव लड़ रही थी. रीतलाल यादव यदि चुनाव लड़ता तो आरजेडी को नुकसान होता. इसको देखते हुए लालू प्रसाद रीतलाल के पिताजी से मिले. रीतलाल को राजद का प्रदेश महासचिव बनाया गया. 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद ने उसे दानापुर से अपना उम्मीदवार बनाया और वह आशा सिन्हा को हराकर विधायक बना.

रीतलाल यादव के जेल जाने का दानापुर की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा इस पर वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ ओझा का कहना है कि दानापुर यादव बहुल क्षेत्र माना जाता है. इससे पहले भी दानापुर से स्वर्गीय सत्यनारायण सिन्हा की पत्नी आशा सिन्हा दो बार बीजेपी से वहां विधायक रह चुकी हैं.

जो दो बड़े चेहरे रीतलाल यादव को वहां चुनौती दे सकते थे उनकी हत्या हो चुकी है. एक तो कोई प्रतिद्वंदी मैदान में नहीं है दूसरा रीतलाल जेल में रहे या जेल के बाहर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि उनका पूरा संगठन काम कर ही रहा है.

''कोर्ट में मामला है लेकिन ट्रायल में क्या होता है यह देखने वाली बात होगी. यदि 6 महीने के अंदर ट्राइल करके उसको दोषी साबित किया जाता है तब वह चुनाव नहीं लड़ सकता है, नहीं तो जेल में रहते हुए भी वह चुनाव लड़ सकता है. रीतलाल जेल के अंदर रहे या बाहर, इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा."- अमिताभ ओझा, वरिष्ठ पत्रकार

ईटीवी भारत GFX
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

यादव बहुल दानापुर सीट : वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ ओझा का कहना है कि दानापुर यादव बहुल क्षेत्र है. जहां रीगलाल यादव ने अपना अलग प्रभाव बना लिया है. यही कारण है कि जेल में रहते हुए भी वह एमएलसी का चुनाव जीता. मीसा भारती को जीताने के लिए लालू प्रसाद यादव को उसके घर तक जाना पड़ा. 2020 में विधायक का टिकट देना पड़ा.

''अभी रीतलाल जेल में है, चुनाव में 6 महीने का समय है. जो एक्शन प्रशासन के द्वारा अभी लिया गया वह यदि पहले लिया गया रहता तो मामला कुछ और होता. अभी एक आदमी उसके खिलाफ खड़ा हुआ है. पुलिस यदि पहले कार्रवाई की होती तो अनेक ऐसे गवाह सामने आते जो उससे पीड़ित है. विधानसभा चुनाव समय है, ऐसे में राजनीति में कब क्या हो यह कहा नहीं जा सकता."- अमिताभ ओझा, वरिष्ठ पत्रकार

रीतलाल पर RJD की सफाई : रीतलाल यादव के सरेंडर पर राजद प्रवक्ता आरजू खान का मानना है कि हम लोग न्यायपालिका का सम्मान करने वाले लोग हैं. रीतलाल यादव ने सरेंडर करने से पहले अपनी बात मीडिया के सामने रखी. जब भी प्रशासन की तरफ से या कोई एजेंसी किसी मामले के लिए उनके लोगों को बुलाती है वे लोग उनके सामने जाकर अपना पक्ष रखते हैं.

''जब भी चुनाव का समय आता है अनेक केसों को शुरू कर दिया जाता है, जो केस बंद भी हो जाता है. उसके तुरंत बाद कोई दूसरा मामला खोल दिया जाता है. दूसरा मामला खुलते ही वह मामला एक्टिव हो जाता है. लोगों को परेशान करना और प्रताड़ित करना हमलोग देख चुके हैं. विपक्षी दलों को परेशान कर राजनीतिक लाभ लेना एनडीए की सरकार कोशिश करती है."- आरजू खान, प्रवक्ता, आरजेडी

ये भी पढ़ें :-

'मेरी हत्या के लिए AK-47 दिया..' RJD विधायक रीतलाल यादव का बड़ा आरोप, बोले- 'जान पर है आफत'

RJD विधायक रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गए बेऊर जेल

क्या रीतलाल यादव का एनकाउंटर करने पहुंची थी पुलिस?, विधायक की पत्नी ने लगाया गंभीर आरोप

लालू के करीबी रीतलाल यादव के घर STF की रेड, 6 पेन ड्राइव और 77 लाख के ब्लैंक चेक मिले

RJD विधायक रीतलाल यादव पर शिकंजा, सैकड़ों STF और पुलिस जवान ने बोला धावा