भगवान भी सुरक्षित नहीं! तीसरी बार चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियां, खिड़की तोड़ प्रतिमा ले गए चोर
गोपालगंज में 40 साल पुरानी राम जानकी मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति चोरी हो गई है. चोरों ने तीसरी बार वारदात को अंजाम दिया. पढ़ें.

Published : June 21, 2025 at 2:46 PM IST
गोपालगंज: गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव में 1962 में स्थापित राम-जानकी मंदिर से अष्टधातु की भगवान राम और माता जानकी की प्राचीन मूर्तियों की चोरी का मामला सामने आया है. अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में मंदिर की पीछे की खिड़की तोड़कर इस चोरी को अंजाम दिया.
लाखों की अष्टधातु मूर्तियां गायब: मूर्तियों की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही मांझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

चोरी की सूचना से मचा हड़कंप: मंदिर के पुजारी कृष्णा साह ने बताया कि वे सुबह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ है और दरवाजा खुला पड़ा है. अंदर जाकर देखा तो पाया कि भगवान राम और माता जानकी की मूर्तियां अपने स्थान से गायब हैं. पुजारी ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए.
"चोरी की खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. मैंने तत्काल मांझा थाने को सूचना दी, जिसके बाद थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है."- कृष्णा साह, पुजारी
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व: राम-जानकी मंदिर की स्थापना 1962 में ग्रामीणों के सहयोग से की गई थी, जब एक छोटे मंदिर में अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित की गई थीं. यह मंदिर आसपास के क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.
बार-बार हो रहा चोरी का शिकार: यह पहली बार नहीं है जब मंदिर चोरों के निशाने पर आया है. इससे पहले 2012 में भी मूर्तियां चोरी हुई थीं, जिन्हें पुलिस की सख्ती के बाद चोरों ने खेत में फेंक दिया था. वहीं, 3 फरवरी 2022 को हुई चोरी में पुलिस ने सरेया मोड़ के पास मूर्तियां बरामद की थीं, जिन्हें कोर्ट की अनुमति के बाद फिर से स्थापित किया गया था.

ग्रामीणों की मांग, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार: मूर्ति चोरी की इस ताजा घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा है. ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं. वे मांग कर रहे हैं कि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. साथ ही, ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों की तत्काल गिरफ्तारी और मूर्तियों की बरामदगी की मांग की है.

सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस: थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने बताया कि चोरों ने मंदिर की पीछे की खिड़की तोड़कर मूर्तियों की चोरी की है. पुलिस ने आसपास के खेतों और झाड़ियों में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला है. अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है.
"मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि चोरों की पहचान हो सके. मूर्तियों की बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की गई है."- राजीव रंजन सिंह, थानाध्यक्ष
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