आर्मी कमांडर पहुंचे राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, 'अभिव्यक्ति' का विमोचन, कैडेट्स के साथ किया संवाद
आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का अजमेर स्थित मिलिट्री स्कूल का दौरा.

Published : August 28, 2025 at 4:46 PM IST
जयपुर. आर्मी के जनरल कमांडिंग इन चीफ (सदर्न कमांड) लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ आज गुरुवार को अजमेर स्थित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल पहुंचे. जहां उन्होंने मिलिट्री स्कूल की वार्षिक पत्रिका 'अभिव्यक्ति' का विमोचन किया. इसके साथ ही कैडेट्स से संवाद किया और चरित्र निर्माण के साथ ही अनुशासन पर भी जोर दिया. इससे पहले उनके आगमन पर मिलिट्री स्कूल की प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ऋतु छेत्री ने उनका सैन्य परंपराओं के अनुरूप औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन किया.
आर्मी कमांडर ने संस्थान का विस्तृत भ्रमण किया और शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं आवासीय सुविधाओं का निरीक्षण किया. उन्हें विद्यालय प्रशासन की ओर से कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई. जिनमें विशेष रूप से शिक्षा, सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और चरित्र निर्माण पर बल दिया गया. आर्मी कमांडर ने विद्यालय की उच्च मानकों वाली परंपरा की सराहना की और कैडेट्स को भविष्य के सैन्य नेतृत्व के रूप में तैयार करने के लिए संकाय एवं स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की.

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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स का सम्मान : अपने दौरे के दौरान जनरल ऑफिसर ने स्कूल की वार्षिक पत्रिका ‘अभिव्यक्ति’ का विमोचन किया. जिसमें कैडेटों की साहित्यिक और रचनात्मक प्रतिभा, उपलब्धियों और बहुमुखी प्रयासों का वर्णन किया गया है. आर्मी कमांडर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक एवं अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताओं में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया.

कैडेट्स के सवालों का भी दिया जवाब : इस मौके पर आर्मी कमांडर ने कैडेट्स के साथ एक प्रेरक संवाद सत्र किया. इस दौरान उन्होंने कैडेट्स से उनके अनुभवों, आकांक्षाओं और चुनौतियों पर चर्चा की तथा उनके प्रश्नों का धैर्यपूर्वक जवाब दिया. उन्होंने कैडेट्स से अनुशासन, परिश्रम, आत्मविश्वास और देशभक्ति को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया. आर्मी कमांडर की इस यात्रा से विद्यालय परिसर में नवीन गौरव, उत्साह और प्रेरणा का वातावरण बना. जिसने कैडेट्स को भविष्य की चुनौतियों को आत्मविश्वास से स्वीकार करने और राष्ट्र की सेवा के प्रति पूर्ण समर्पण के लिए प्रेरित किया.


