धर्मांतरण के लिए लालच-लग्जरी लाइफ और ब्रेनवॉश का कॉकटेल; छांगुर बाबा जैसे गैंग पर आगरा पुलिस ने कसा शिकंजा
आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने एक साथ 7 लोकेशन पर छापेमारी की है. अभी दबिश जारी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 19, 2025 at 12:47 PM IST
|Updated : July 19, 2025 at 1:04 PM IST
आगरा: मार्च 2025 में आगरा से गायब हुई दोनों सगी बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर आगरा लाया जा रहा है. इतना ही नहीं पुलिस ने इनके धर्मांतरण गैंग की जड़ें तलाशने के लिए 7 राज्यों में दबिश दी है. आगरा की यह सगी बहनें हिंदू से मुस्लिम बन चुकी हैं. माना जा रहा है, कि अब ये भी धर्मांतरण रैकेट से जुड़ चुकी हैं. शुरुआती जांच में पता चला कि छांगुर बाबा की तरह इनकी फंडिंग के तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि बहुचर्चित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ की तरह आगरा की सगी बहनों का भी धर्मांतरण कराया गया. पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार इसकी लगाई. आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की. इसके बाद पुलिस को सगी बहनों का सुराग पश्चिम बंगाल में मिला. धर्मांतरण गैंग की धरपकड़ में आगरा पुलिस ने शुक्रवार को एक साथ 7 राज्यों में छापेमारी की. इसमें बैरकपुर, कोलकाता (प. बंगाल) से दो, समस्तीपुर, ऋषिकेश (उत्तराखंड) से एक, बरेली (उत्तर प्रदेश) से एक और राजस्थान से एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की एक टीम कोलकाता के बैरकपुर में पकड़ी गई दोनों बहनों को कोर्ट में पेश करके तीन दिन की ट्रांजिक्ट रिमांड आगरा ला रही है. दूसरे राज्यों से पकड़े गए आरोपियों को भी आगरा लाया जा रहा है.
आगरा में बहन ने कराया बहन का धर्मांतरण: बता दें, आगरा के सदर थाना क्षेत्र में रहने वाली पंजाबी समाज की एक युवती का धर्मांतरण गैंग ने ब्रेनवॉश किया था. इसके बाद गैंग ने उसका धर्मांतरण कराया. गैंग की सदस्य ऊधमपुर (जम्मू कश्मीर) निवासी साईमा उर्फ खुशबू है. इसके बाद वह युवती को 2021 में अपने साथ ले गई. युवती के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. इसी बीच रास्ते में लैंड स्लाइड होने से पुलिस के साथ परिजन पहुंच गए और बेटी को अपने साथ घर ले आए. मगर, घर में बेटी की हरकतें देखकर परिवार के होश उड़ गए. वह घर में पूजापाठ का विरोध और इस्लाम की पैरवी करने लगी थी.
दोनों बहनों मार्च 2025 में लापता हुईं: एडीसीपी सिटी आदित्य ने बताया कि घर में रहते समय ही बड़ी बहन ने अपनी छोटी बहन का ब्रेनवॉश किया. इसके बाद दोनों बहनें 24 मार्च 2025 को घर से गायब हो गईं. 4 मई को सदर थाने में दोनों बहनों का अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया. तब से ही सदर थाना पुलिस दोनों सगी बहनों की तलाश में लगी हुई थी.
सर्विलांस के सहारे पहुंची पुलिस: एडीसीपी सिटी आदित्य ने बताया कि जब लापता सगी बहनों के बारे में जानकारी मिली तो 7 टीमें बनाई गईं. इसके साथ ही सर्विलांस, साइबर सेल की मदद से पुलिस ने अहम जानकारियां जुटाईं. इसके बाद एक साथ पुलिस टीम ने छापेमारी शुरू की. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बैरकपुर कोलकता में लोकेशन मिलने पर सबसे पहले सगी बहनों की जानकारी जुटाकर दोनों को सुरक्षित किया. इसके बाद बैरकपुर छावनी में बकर महल निवासी शेखर रॉय उर्फ हसन अली को पकड़ा. आरोपी बारासात अदालत में कर्मचारी है. आरोपी हसन अली से पूछताछ के बाद पुलिस ने बैरकपुर के माणिकरामपुर इलाके में दबिश देकर रीत बनिक उर्फ मोहम्म्द इब्राहिम को पकड़ा. इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया. दोनों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है.
पुलिस की छापेमारी जारी: पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि एक टीम ने ऋषिकेश (उत्तराखंड) के समस्तीपुर में दबिश दी. जहां से रहमान को पकड़ा है. इसके अलावा यूपी के बरेली और राजस्थान से भी एक-एक आरोपी को पकड़ा गया है. इन सभी को आगरा लाया जा रहा है. इसके अलावा अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है. जल्द ही बड़ा खुलासा होगा.
छांगुर बाबा उर्फ जलालउद्दीन की तरह गैंग: बलरामपुर का छांगुर बाबा उर्फ जलालउद्दीन इस समय धर्मांतरण मामले में मर्चा में है. इसमें ईडी, एटीएस, एसटीएफ ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. विदेशी फंडिंग की भी जानकारी मिली है. आगरा पुलिस सगी बहनों को बरामद करके जिस धर्मांतरण गैंग तक पहुंची है, उसकी जड़ें भी बहुत गहरी हैं. प्रारंभिक छानबीन में विदेशों से फंडिंग के सुराग मिले हैं. यह गैंग 2015 से युवक और युवतियों का धर्मांतरण करा रहा है.
हाईटेक गैंग चला रहा धर्मांतरण मुहिम: आगरा पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ है, कि धर्मांतरण गैंग ब्रेनवॉश करके धर्मांतरण कराता है. जिनका धर्मांतरण होता है, वह गैंग के सदस्य बन जाते हैं. इसके बाद खुद ही गैंग के लिए काम करने लगते हैं. इस्लाम के पक्ष में मुहिम चलाते हैं. धर्मांतरण गैंग हाईटेक है. इसलिए इस गैंग के निशाने पर पढ़ने-लिखने वाले युवक-युवतियां ज्यादा होते हैं. पहले उन्हें प्रलोभन दिया जाता है, फिर धर्मांतरण गैंग की ओर से हाईटेक तरीके से सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जाती है. ब्रेनवॉश करके गैंग में शामिल कर लिया जाता है.

