जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने ही एएसपी और दो दलालों को बजरी माफिया से सांठगांठ और सवाई माधोपुर में सरकारी अधिकारियों से अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है. तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमें लाखों रुपए की नकदी मिलने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल, एसीबी अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं. यह पूरा मामला सवाई माधोपुर में बजरी के अवैध खनन से जुड़ा है. पूछताछ के बाद एसीबी तीनों को गिरफ्तार कर सकती है.
एसीबी को मिली थी दलाल रामराज की शिकायत: एसीबी के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि सवाई माधोपुर में तत्कालीन एएसपी सुरेंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों में सामने आया कि निजी व्यक्ति रामराज मीणा बजरी के अवैध खनन को संरक्षण देने के एवज में विभागों के अधिकारियों और दलालों के जरिये अवैध रूप से राशि वसूल रहा था.
इसे भी पढ़ें- दौसा में पॉक्सो मामले में डीएसपी का दलाल रिश्वत लेते गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद डीएसपी और रीडर हुआ फरार
मोबाइल सर्विलांस से हुआ खुलासा: एसीबी ने रामराज मीणा का मोबाइल सर्विलांस पर लिया तो जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन एएसपी सुरेंद्र शर्मा सरकारी अधिकारियों को डरा-धमकाकर चौथवसूली कर रहे थे. उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शराब ठेकेदारों से शराब की बोतलें भी लीं. जांच में यह भी सामने आया कि रामराज मीणा और प्रदीप उर्फ बंटी के माध्यम से डीटीओ और अन्य अधिकारियों से हर महीने मोटी रकम वसूली जा रही थी.
झूठी रिकॉर्डिंग का भय दिखाकर लेते थे घूस: जांच में यह भी सामने आया है कि एएसपी सुरेंद्र शर्मा सरकारी अधिकारियों को झूठी रिकॉर्डिंग का भय दिखाकर मामले को अपने स्तर पर निपटाने के नाम पर रिश्वत लेते थे. पुलिस अधिकारियों से भी रिश्वत मांगने के प्रमाण मिले हैं. डीआईजी राजेश सिंह के सुपरविजन में एएसपी विशनाराम आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और उनके ठिकानों पर सर्च अभियान जारी है.