बिहार में इम्तिहान अब होगा आसान, 12 शहरों में आदर्श परीक्षा केंद्रों ने बदली सूरत
बिहार में परीक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण हो रहा है. 12 शहरों में 'आदर्श परीक्षा केंद्र' स्थापित हो रहे हैं. पढ़ें खबर

Published : August 6, 2025 at 8:34 PM IST
पटना : बिहार में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 'आदर्श परीक्षा केंद्रों' की स्थापना की है. यह पहल 22 मार्च 2025 को औपचारिक रूप से शुरू हुई थी.
12 शहरों में आदर्श परीक्षा केंद्र : फिलहाल पटना, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, गया, सहरसा और मुंगेर समेत कुल 12 शहरों में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस ये परीक्षा केंद्र सक्रिय हो चुके हैं. इस पहल का उद्देश्य राज्य की पुरानी परीक्षा समस्याओं, जैसे अस्थायी व्यवस्था, अव्यवस्थित प्रबंधन, सीमित सीटें और बड़े पैमाने पर नकल की घटनाओं को समाप्त करना है.
पारदर्शिता और तकनीक पर जोर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि आदर्श परीक्षा केंद्रों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो. ये केंद्र कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) और पेपर आधारित टेस्ट (PBT), दोनों प्रकार की परीक्षाओं के संचालन में सक्षम हैं.

''यहां ISO-प्रमाणित इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई-सक्षम CCTV सिस्टम, जिसमें कोई ब्लाइंड स्पॉट नहीं है. बायोमेट्रिक पंजीकरण और सुरक्षित प्रिंटिंग जोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. केंद्रीकृत कमांड कंट्रोल रूम और अलग पर्यवेक्षक कक्ष से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाती है.''- आनंद किशोर, अध्यक्ष, बीएसईबी
परीक्षा हॉल में है सेंट्रलाइज्ड एसी : बीएसईबी का कहना है कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयर कंडीशंड परीक्षा हॉल, पर्याप्त बैठने की जगह, बैग रखने का स्थान और प्रतीक्षा कक्ष जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं. इन आधुनिक सुविधाओं के चलते परीक्षाएं न केवल सुरक्षित बल्कि सहज और छात्र-अनुकूल बन गई हैं. परीक्षाओं में शामिल छात्रों और पर्यवेक्षकों की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक रही है. प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक पूरी प्रक्रिया अनुशासित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ रह रहीं हैं.
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का सफल आयोजन : बीएसईबी ने जानकारी दी है कि इन परीक्षा केंद्रों पर हाल ही में भारतीय नौसेना की अधिकारी भर्ती परीक्षा को CDAC (Centre for Development of Advanced Computing) के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. इसके अलावा, कई अन्य राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाएं भी यहां संपन्न हुईं. इससे यह स्पष्ट होता है कि बिहार अब न केवल शैक्षणिक बल्कि परीक्षा संचालन और तकनीकी पारदर्शिता के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

बढ़ेगी परीक्षा क्षमता और रोजगार के अवसर : BSEB का कहना है कि इन केंद्रों की सफलता को देखते हुए आगे और जिलों में भी इसी मॉडल पर परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएंगे. योजना के अनुसार, पूरे राज्य में लगभग 14,000 सीटों की परीक्षा क्षमता तैयार होगी. इसका सीधा फायदा यह होगा कि राज्य के छात्र स्थानीय स्तर पर ही अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित परीक्षा दे सकेंगे.
इन परीक्षा केंद्रों ने न केवल परीक्षा प्रणाली को नई दिशा दी है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं. तकनीकी स्टाफ, डेटा ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े पदों पर स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इससे शिक्षा तंत्र मजबूत होने के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिल रही है.
डिजिटलीकरण की मिसाल : बीएसईबी के अनुसार आदर्श परीक्षा केंद्र बिहार सरकार की डिजिटलीकरण और सुशासन की नीति का हिस्सा है. इन केंद्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. यह पहल न केवल छात्रों के लिए परीक्षा अनुभव को सहज बनाती है, बल्कि राज्य की छवि को भी मजबूत करती है.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की यह क्रांतिकारी पहल आज पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन रही है. परीक्षा संचालन में तकनीकी मजबूती और पारदर्शिता की यह मिसाल आने वाले वर्षों में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी.
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