जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेल प्रोजेक्ट के सर्वे के लिए 10 करोड़ मंजूर, इन राज्यों में पहुंचना होगा आसान
केंद्र सरकार ने जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेललाइन परियोजना के लिए सर्वे को मंजूरी दी. प्रोजेक्ट तीन दशक से लंबित है.

Published : July 4, 2025 at 2:15 PM IST
बाड़मेर: तीन दशक से लंबित सामरिक महत्व की जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर रेललाइन परियोजना को लेकर उम्मीद जगी है.रेल मंत्रालय ने लगभग 380 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना के सर्वेक्षण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए कुल 10 करोड़ रुपए मंजूर किए. सर्वे की लागत 9.50 करोड़ रुपए तय की. यह सर्वे भारतीय रेलवे नीति निर्माण, निर्देशन,अनुसंधान और अन्य वित्तीय संगठनों के बजटीय प्रावधान के तहत किया जाएगा. इस परियोजना के सर्वे के लिए विस्तृत योजना उत्तर पश्चिम रेलवे तैयार करेगा. इस रेल लाइन पर 31 स्टेशन संभावित है. परियोजना की DPR तैयार की जाएगी. यह क्षेत्र को रेल से जोड़ने की दिशा में अहम कदम साबित होगा.
सासंद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट के सर्वे के लिए बजट से डीपीआर तैयार की जाएगी. उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया और उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र में इसकी घोषणा करेगी. इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को मजबूती व क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी.
यह होगा फायदा: सांसद ने कहा कि इस रेललाइन के बनने से जैसलमेर व बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी एवं सामरिक लिहाज से अहम जिले बेहतर ढंग से देश के अन्य हिस्सों से जुड़ेंगे. यह रेल लाइन पश्चिमी भारत के दूर दराज के क्षेत्रों को दिल्ली, मुंबई और अन्य औद्योगिक हब्स से जोड़ेगी. दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी बढ़ेगी. गुजरात के अहमदाबाद रास्ते महाराष्ट्र के मुंबई होते दक्षिण भारतीय शहर पुणे, बेंगलूरु, हैदराबाद, चेन्नई आदि बड़े शहरों से जुड़ेगा. इससे अन्य राज्यों में राजस्थानी प्रवासियों के लिए आवागमन सुगम होगा. सांसद ने इस प्रोजेक्ट को लेकर लोकसभा में कई बार आवाज उठाई और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की.

