मानव तस्करों के चंगुल से 12 नाबालिगों को SSB ने छुड़ाया, दो आरोपी भी गिरफ्तार
भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है. साथ ही 13 लोगों को छुड़ाया गया है.

Published : June 28, 2025 at 2:05 PM IST
मधुबनी: इंडो नेपाल सीमा से आए दिन तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं. इसी क्रम में एसएसबी के जवानों ने दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके द्वारा बच्चों को नेपाल से अवैध रूप से भारत लाया जा रहा था. गिरफ्तार मानव तस्करों और मुक्त कराए गए बच्चों को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए जयनगर पुलिस को सौंप दिया गया है.
दो मानव तस्कर गिरफ्तार: भारत नेपाल बोर्डर पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल जयनगर बीओपी जवान नियमित चेक पोस्ट पर ड्यूटी कर रहे थे, तभी मानव तस्करी करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

नाबालिगों की हो रही थी तस्करी: मानव तस्कर 12 नाबालिग और 1 बालिग युवक की तस्करी कर रहे थे. ये कार्रवाई इंडो -नेपाल सीमा स्तंभ से लगभग 30 मीटर भारत की ओर स्थित चेक पोस्ट बलदिया पर की गई है.
बिहार में मानव तस्करी का ये है कारण: एनसीआरबी डेटा के मुताबिक बिहार में मानव तस्करी का मुख्य उद्देश्य अंगों को निकालना, शादी, गरीबी, जबरन श्रम और यौन शोषण है.
सबसे ज्यादा तेलंगाना में हुई थी मानव तस्करी: एनसीआरबी द्वारा 2022 के दौरान राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के AHTU द्वारा मानव तस्करी के 2,250 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से बिहार में 260 मामले में दर्ज किए गए थे, जबकि सबसे ज्यादा केस तेलंगाना में 391 दर्ज किए गए थे.

मासूमों को प्रलोभन देते हैं तस्कर: तस्कर हमेशा नई नौकरी, बेहतर लिविंग स्टैंडर्ड और पीड़ित के परिवारों को सहायता करने का झूठा वादा करके उनकी कमजोरियों का फायदा उठाते हैं. कई लोगों को ऐसे वादे वैध लग जाते हैं, जिससे कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे तस्करी का शिकार हो जाते हैं.
''भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी जैसी अमानवीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एसएसबी के जवान हर समय सजग हैं. एसएसबी के जवान हमेशा अलर्ट मोड में ड्यूटी पर तैनात रहत हैं. यही वजह है दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है''. गोविंद सिंह भंडारी, कमांडेंट, एसएसबी 48वीं वाहिनी
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