वर्ल्ड नंबर वन शूटर सुरुचि सिंह का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, बोली- 100 किलोमीटर जाकर करती थी शूटिंग, पिता ने किया पूरा सपोर्ट
झज्जर की बेटी सुरुचि सिंह वर्ल्ड नंबर वन शूटर बन गई हैं. ISSF रैंकिंग में 10 मीटर एयर पिस्टल कैटेगरी में उन्हें ये स्थान मिला.

Published : September 20, 2025 at 7:05 PM IST
झज्जर : हरियाणा के झज्जर की 19 वर्षीय बेटी सुरुचि सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल कैटेगरी में वर्ल्ड की नंबर वन शूटर बन गई है. सुरुचि सिंह को सुरुचि फोगाट के नाम से भी जाना जाता है. अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) की ताज़ा रैंकिंग में उन्होंने ये स्थान हासिल किया है. ईटीवी भारत ने सुरुचि सिंह और उनके परिवार से एक्सक्लूसिव बातचीत की है.
झज्जर की बेटी ने रचा इतिहास : हरियाणा की धरती हमेशा से खिलाड़ियों की जन्मभूमि रही है. कुश्ती, कबड्डी, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स के बाद शूटिंग में भी हरियाणा की बेटियों ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है. इसी कड़ी में झज्जर जिले की बेटी सुरुचि सिंह ने ऐसा इतिहास रचा है, जिस पर ना सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरा देश गर्व कर रहा है. अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) की ताज़ा रैंकिंग में सुरुचि ने पहला स्थान हासिल कर वर्ल्ड नंबर वन शूटर का खिताब अपने नाम कर लिया है.
सुरुचि ने अब तक 35 पदक जीते : सुरुचि ने अब तक कुल 35 पदक जीते हैं. ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी सुरुचि में बचपन से ही खेलों के लिए ख़ास दिलचस्पी थी. उनके पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटी के सपनों को पंख देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. सुरुचि ने राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीतकर अपनी पहचान बनाई. इसके बाद उन्होंने एशियाई और वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर ये साबित कर दिया कि उनमें वर्ल्ड नंबर वन शूटर बनने की पूरी क्षमता है. उनके सटीक निशानों ने उन्हें गोल्ड मेडल दिलाया और इसके साथ ही उनकी रैंकिंग भी शीर्ष पर पहुंच गई.

परिवार और गांव में खुशी की लहर : सुरुचि सिंह के वर्ल्ड नंबर वन बनने की घोषणा के साथ ही उनके गांव सासरौली में जश्न का माहौल बन गया. गांव के लोगों ने सुरुचि के परिवार को बेटी की कामयाबी पर बधाई दी. वहीं सुरुचि के माता-पिता अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

हरियाणा सीएम ने दी बधाई : सुरुचि की इस उपलब्धि पर खेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने भी उन्हें बधाई दी है. हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि " झज्जर की बेटी सुरुचि फोगाट ने अपने कठिन परिश्रम, सादगी और देसी मिट्टी की ताकत से पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया है. सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में विश्व शूटर रैंकिंग में नंबर-1 बनना ना सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि है, बल्कि हरियाणा की हर बेटी और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. सुरुचि की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का मान-सम्मान विश्व पटल पर ऊंचा किया है. उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, आगे बढ़ो और देश की बेटियों के लिए हौसले की मिसाल बनो."
झज्जर की बेटी सुरुचि फोगाट ने अपने कठिन परिश्रम, सादगी और देसी मिट्टी की ताकत से पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया है।
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) September 19, 2025
सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में विश्व शूटर रैंकिंग में नंबर-1 बनना न सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि है, बल्कि हरियाणा की हर बेटी और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का… pic.twitter.com/awqLENtxUM
पहलवान से बनी शूटर : सुरुचि ने ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि "वो शुरुआत में पहलवान बनना चाहती थीं. एक मैच के दौरान जब वे रेसलिंग कर रही थीं तो उनकी कॉलरबोन (हंसली) में फ्रैक्चर हो गया जिसके चलते उन्हें रेसलिंग छोड़नी पड़ी और फिर वे शूटिंग करने लगी. उनके पिता ने उन्हें काफी ज्यादा सपोर्ट किया जिसके बाद आज वो विश्व की नंबर एक शूटर बन पाई है. "

"अब ओलंपिक गोल्ड पर लगाऊंगी निशाना" : सुरुचि ने कहा है कि "उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतना है. वे चाहती हैं कि देश का नाम शूटिंग के खेल में टॉप पर हो. उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि खेलों को सिर्फ कैरियर नहीं बल्कि जुनून और राष्ट्रभक्ति की भावना से खेलना चाहिए."

"खिलाड़ी" का सपना पूरा किया : सुरुचि के पिता इंद्र फोगाट खुद ही स्पोर्ट्स में बड़े मुकाम पर पहुंचना चाहते थे लेकिन गरीबी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे अपना सपना पूरा नहीं कर पाए. इसके बाद उनकी आर्मी में नौकरी लग गई और फिर वे शादी के बाद परिवार पर फोकस करने लगे लेकिन मन में खिलाड़ी वाली चाह हमेशा बनी रही और ऐसे में उन्होंने घर में बेटी के आने के बाद उसे एक खिलाड़ी बनाने का निश्चय किया. उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के आर्मी की नौकरी से रिटायरमेंट ले ली ताकि वे बेटी के सपनों को साकार करवा सके.

जब सुरुचि की कॉलर बोन टूटी : 12 साल की उम्र में वे अपनी बेटी सुरुचि को पहलवानी के लिए गांव के ही अखाड़े में ले जाने लगे. लेकिन एक बार मैच के दौरान सुरुचि की कॉलर बोन टूट गई और फिर उन्होंने उसे कभी अखाड़े में नहीं उतरने दिया. बड़ी मुश्किल से सुरुचि की हड्डी जुड़ी और फिर सुरुचि शूटिंग करने लगी. दो साल की मेहनत कर सुरुचि ने नेशनल में मेडल जीत लिया. 2019 से सुरुचि ने शूटिंग स्टार्ट की थी और 6 साल की मेहनत के बाद आज वो दुनिया की नंबर वन शूटर बन गई है.

"बेटों से कम नहीं बेटियां" : ईटीवी भारत से बात करते हुए सुरुचि के पिता इंद्र फोगाट ने कहा कि "ये फैसला आसान नहीं था, क्योंकि देश सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं, बल्कि बेटी को दुनिया का नंबर वन खिलाड़ी बनाकर भी की जा सकती है. हमारी बेटियां किसी भी हालत में बेटों से कम नहीं है और उन्होंने जो कदम उठाया था, आज बेटी ने दुनिया में नंबर वन बनकर उसे सार्थक कर दिया है."

रोजाना 100 किलोमीटर का सफर तय किया : सुरुचि भिवानी के गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग रेंज में शूटिंग की प्रैक्टिस करती हैं और उनके कोच सुरेश सिंह हैं. सुरुचि रोजाना 100 किलोमीटर का सफर तय करके शूटिंग रेंज जाती थी. सुरुचि की मां सुदेश देवी गृहिणी (हाउस वाइफ) हैं. सुरुचि का छोटा भाई भी शूटिंग की प्रैक्टिस कर रहा है. सुरुचि की मां सुदेश देवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि बड़ी मेहनत से आज सुरुचि इस मुकाम पर पहुंची है. वे अपनी बेटी की उपलब्धि से काफी ज्यादा खुश हैं और अब वे चाहती हैं कि उनकी बेटी भारत के लिए ओलंपिक का मेडल लेकर आए.

सुरुचि की बड़ी उपलब्धियां : अगर सुरुचि की बड़ी उपलब्धियों की बात करें तो उसने विश्व पटल पर एक अमिट छाप छोड़ी है -
- जूनियर वर्ल्ड कप जर्मनी 2023 में 1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता
- एशिया शूटिंग चैंपियनशिप साउथ कोरिया 2023 में सिल्वर मेडल जीता
- आईएसएसएफ वर्ल्ड कप अर्जेंटीना अप्रैल 2025 में गोल्ड मेडल, टीम ब्रॉन्ज मेडल जीता
- आईएसएसएफ वर्ल्ड कप पेरू 2025 में 2 गोल्ड मेडल जीते
- आईएसएसएफ वर्ल्ड कप जर्मनी 2025 में गोल्ड मेडल जीता
- शूटिंग एशियन चैंपियनशिप 2025 में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते


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