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गुरु का कर्क राशि में गोचर, इन राशियों के जीवन में आ सकती है कठिनाई, रहें सावधान!

सुख-संपदा के ग्रह गुरु 19 अक्टूबर 2025 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों को नुकसान होने की संभावना है.

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ह गुरु 19 अक्टूबर 2025 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 7, 2025 at 6:10 PM IST

3 Min Read
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हैदराबाद: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह समय-समय पर न केवल राशि परिवर्तन करते हैं बल्कि नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं. इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ता है. सुख, संपदा और विकास के कारक गुरु ग्रह 19 अक्टूबर को कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, गुरु का यह गोचर कुछ राशियों के लिए हानिकारक प्रभाव ला सकता है. लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार विशेष रूप से वृषभ, सिंह और कुंभ राशि के जातकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.

वृषभ – वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर तृतीय भाव में होगा. तृतीय भाव में गुरु का अतिचारी प्रभाव खर्चों को बढ़ा सकता है. आर्थिक स्थिति अस्थिर हो सकती है और कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं. नौकरीपेशा जातकों को विरोध और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक है और किसी भी बड़े निवेश या नए काम की योजना सोच-समझकर ही करें.

सिंह – सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर आलस्य और कामकाज में सुस्ती ला सकता है. कई महत्वपूर्ण कार्य इस अवधि में अटक सकते हैं. मानसिक अशांति और उदासी बनी रह सकती है. घर का वातावरण भी तनावपूर्ण हो सकता है. ऑफिस में काम करने की रुचि कम हो सकती है और किसी से विवाद होने की संभावना भी है. इस समय संयम और धैर्य रखना अत्यंत आवश्यक है.

कुंभ – कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर छठवें भाव में होगा, जो शत्रु और रोगों का भाव माना जाता है. इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है और जीवन में अस्थिरता का अनुभव हो सकता है, खासकर भावनात्मक और मानसिक स्तर पर. जल्दबाजी या आवेश में लिए गए निर्णय भारी पड़ सकते हैं. किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले सलाह लेकर ही आगे बढ़ें.

उपाय – ज्योतिषियों के अनुसार, इस समय गुरुवार का व्रत रखना शुभ रहेगा. भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले वस्त्र पहनें. गुरुवार को हल्दी और चने की दाल का दान करना लाभकारी है. गुरु मंत्र का जाप करें और केले के पेड़ की सेवा करें. गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करने से भी गुरु ग्रह की शुभता प्राप्त होती है और नकारात्मक प्रभाव कम होता है.

गुरु ग्रह का यह गोचर जातकों के जीवन में उथल-पुथल ला सकता है, लेकिन सही उपायों और सतर्कता से इसके दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं. इस समय संयम, सत्कर्म और पूजा-पाठ से जीवन में संतुलन बनाए रखा जा सकता है.