20 या 21 अक्टूबर? जानें इस बार कब मनाई जाएगी दिवाली, जानें क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य
दीपावली की तारीख को लेकर भ्रम है. पंचांग के अनुसार, प्रदोष और निशीथ काल 20 अक्टूबर को पड़ने से दिवाली इसी दिन मनाई जाएगी.

Published : October 13, 2025 at 6:44 PM IST
हैदराबाद: इस वर्ष दीपावली को लेकर लोगों में उलझन की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि अमावस्या तिथि दो दिनों — 20 और 21 अक्टूबर — को पड़ रही है. कई जगहों पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लक्ष्मी पूजा किस दिन की जाए — 20 या 21 अक्टूबर? ज्योतिषाचार्यों और धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर की रात को ही मनाई जानी चाहिए, क्योंकि इस दिन अमावस्या तिथि, प्रदोष काल और निशीथ काल — तीनों का संगम एक साथ हो रहा है.
कब से कब तक रहेगी अमावस्या तिथि
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगी. हालांकि अमावस्या तिथि अगले दिन तक रहेगी, लेकिन चूंकि दीपावली रात्रि का पर्व है, इसलिए 20 अक्टूबर की रात में लक्ष्मी पूजन और दीपदान करना ही शुभ और फलदायी रहेगा.
क्यों 20 अक्टूबर की रात ही श्रेष्ठ मानी गई है
ETV Bharat से बातचीत में प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि दीपावली का संबंध रात्रि पूजन, प्रदोष काल और निशीथ काल से है. इस वर्ष यह तीनों शुभ योग 20 अक्टूबर की रात को एक साथ बन रहे हैं. ऐसे में, इस दिन की रात्रि में पूजा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है.
माशंकर मिश्र के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात्रि को काली चौदस का प्रभाव भी रहेगा, जिसे दीपावली की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है. इस रात में दीपदान और लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
21 अक्टूबर को केवल दिन में रहेगी अमावस्या
21 अक्टूबर को अमावस्या तिथि तो शाम 5:43 बजे तक रहेगी, लेकिन उस समय न तो प्रदोष काल रहेगा और न ही निशीथ काल. इसलिए 21 अक्टूबर की रात को दीपावली नहीं मनाई जाएगी. हां, जो लोग अपने कार्यालयों या प्रतिष्ठानों में दिन में पूजन करना चाहते हैं, वे 21 अक्टूबर की सुबह अमावस्या काल में ऐसा कर सकते हैं.
धर्मशास्त्रों के अनुसार निर्णय स्पष्ट
अधिकांश हिंदू त्योहार उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय उपस्थित तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, लेकिन दीपावली इस नियम का अपवाद है. यह पर्व अमावस्या की रात्रि में प्रदोष काल में मनाया जाता है. इस वर्ष उदया तिथि 21 अक्टूबर को होने के बावजूद प्रदोष और निशीथ काल 20 अक्टूबर की रात को आ रहे हैं.
इसीलिए, धर्मशास्त्रों और पंचांगों के अनुसार, दीपावली 2025 का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर की रात्रि को ही मनाया जाएगा. इस दिन लक्ष्मी पूजन और दीपदान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी और घर में सुख-समृद्धि का संचार होगा.
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