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दीपावली की रात ऐसे करें खास पूजा, मां लक्ष्मी की कृपा से खुलेगा भाग्य का द्वार, बरसेगा धन और आएंगी खुशियां!

ज्योतिषी डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि, दीपावली पर श्री यंत्र की पूजा से धन, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.

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श्री यंत्र (canva)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 13, 2025 at 1:40 PM IST

3 Min Read
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हैदराबाद: दीपावली भारत का सबसे पवित्र और भव्य त्योहार माना जाता है. यह सिर्फ रोशनी और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, धन, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक भी है. इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और कुबेर की पूजा की जाती है ताकि जीवन में सुख, शांति और संपन्नता बनी रहे. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दीपावली की रात श्री यंत्र की पूजा का विशेष महत्व है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्री यंत्र मां लक्ष्मी का साक्षात प्रतीक माना गया है और इसकी स्थापना से घर में धन, सौभाग्य और स्थायी समृद्धि का प्रवाह होता है.

ETV Bharat से बातचीत में प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि श्री यंत्र ब्रह्मांड की दिव्य ऊर्जा का केंद्र है. इसमें नौ त्रिकोणों का ऐसा संयोजन होता है, जो ब्रह्मांड की समस्त शक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है. श्री यंत्र में ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ-साथ त्रिदेवी—लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती—की ऊर्जा समाहित होती है. यही कारण है कि दीपावली की रात जब वातावरण में सकारात्मक कंपन अपने चरम पर होते हैं, तब इसकी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है.

श्री यंत्र पूजा विधि
दीपावली की शाम श्री यंत्र की स्थापना उत्तर दिशा की ओर लाल या पीले कपड़े पर करनी चाहिए. इससे पहले घर को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है और यंत्र को दूध या गंगाजल से स्नान कराया जाता है. पूजा के दौरान श्री यंत्र के सामने लाल फूल, चावल, हल्दी, कुमकुम और दीपक अर्पित किए जाते हैं. “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से श्री यंत्र में ऊर्जा सक्रिय होती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. इस पूजा के समय दीपों की रोशनी और श्रद्धा का भाव वातावरण में आध्यात्मिक शक्ति का संचार करता है.

श्री यंत्र का प्रभाव
श्री यंत्र केवल पूजा का प्रतीक नहीं, बल्कि एक ज्यामितीय ऊर्जा केंद्र है जो व्यक्ति और उसके घर से नकारात्मकता को दूर करता है. इसे स्थापित करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता बढ़ती है. व्यापार या नौकरी में सफलता पाने के इच्छुक लोगों के लिए इसका पूजन अत्यंत शुभ माना गया है. कहा जाता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से श्री यंत्र की पूजा करता है, उसके जीवन में अचानक धन लाभ और नए अवसरों की प्राप्ति होती है.

श्री यंत्र के पीछे का रहस्य यह है कि यह “कॉस्मिक एनर्जी” को आकर्षित करता है. दीपावली की रात जब दीयों की रोशनी, मंत्रों की ध्वनि और श्रद्धा का कंपन एक साथ मिलते हैं, तो यह यंत्र उस ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है. इसलिए दीपावली की रात श्री यंत्र की पूजा को समृद्धि और शुभता की कुंजी माना गया है.

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