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बारिश ने बढ़ा दी है घर में सीलन की समस्या, जाम हो गए हैं खिड़कियां-दरवाजे तो इससे निजात पाने के लिए आजमाएं ये टिप्स

बरसात के मौसम में नमी के कारण दरवाजे और खिड़कियां फूल जाती हैं. इन सुझावों का पालन कर समस्या को ठीक किया जा सकता है.

Rain has increased the problem of dampness in the house, windows and doors are jammed, so try these tips to get rid of the problem
बारिश ने बढ़ा दी है घर में सीलन की समस्या, जाम हो गए हैं खिड़कियां-दरवाजे तो समस्या से निजात पाने के लिए आजमाएं ये टिप्स (CANVA)
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By ETV Bharat Lifestyle Team

Published : August 5, 2025 at 6:00 PM IST

5 Min Read
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इस बार मानसून भारी बारिश के साथ आया है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है. लेकिन, यह मौसम अपने साथ कई बीमारियां और परेशानियां भी लेकर आता है. कीड़े-मकोड़े और मच्छर सबसे ज्यादा मानसून के मौसम में ही घर में घुसते हैं. इसके अलावा और भी कई परेशानियां हैं जो सिर्फ इसी मौसम में देखने को मिलती हैं. मानसून और उमस भरे मौसम में, हाई ह्यूमिडिटी के कारण लकड़ी के दरवाजे और खिड़कियां फूल जाती हैं, जिससे वे ठीक से बंद नहीं हो पाते और खोलना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या का समाधान कुछ घरेलू उपायों से किया जा सकता है। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय?

बरसात के मौसम में नमी ज्यादा होती है. इस नमी के कारण लकड़ी के दरवाजे, खिड़कियां और उनके फ्रेम फूल जाते हैं. आपको बता दें, आमतौर पर लकड़ी नमी को आसानी से सोख लेती है. यही वजह है कि ये फूल जाते हैं. इसी वजह से दरवाजे और खिड़कियां जाम हो जाते हैं. इस वजह से आपको दरवाजे और खिड़कियां खोलने और बंद करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. इससे उनके फ्रेम या कब्जे भी खराब हो सकते हैं. हालांकि, कुछ उपायों से इस समस्या से बचा जा सकता है.

  1. इस प्रकार इस समस्या से करें बचाव
    अगर आपके घर के लकड़ी के दरवाजें या खिड़कियां बारिश में चरमराने लगें, तो आपको बढ़ई बुलाने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद मोमबत्ती, मोम या सूखे साबुन को दरवाजोंं के किनारों पर रगड़ें. इससे लकड़ी और चौखट के बीच घर्षण कम होता है. इससे चिकनाई पैदा होती है. नतीजतन, दरवाजे और खिड़कियां आसानी से खुलने और बंद होने लगते हैं.
  2. अगर बारिश के मौसम में आपकी खिड़कियां और दरवाजें पूरी तरह सील गए हैं, तो सैंडपेपर आपके काम आएगा. लकड़ी के सीले हुए हिस्से को सैंडपेपर से रगड़कर इस समस्या को थोड़ा कम किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले देखें कि दरवाजे या खिड़की के चौखट में कहां समस्या हो रही है. दरवाजे को धीरे से बंद करें और देखें कि कहां सीलन है. जहां सीलन है, वहां चॉक या पेंसिल से निशान लगाएं. अब सैंडपेपर लें और उसे निशान वाली जगह पर हल्के से रगड़ें. इसे तब तक रगड़ें जब तक दरवाजा खुल या बंद न हो जाए. उसके बाद, जब दरवाजा या खिड़की ठीक से काम करने लगे, तो आप घिसे हुए हिस्से पर थोड़ा वार्निश या पॉलिश लगा सकते हैं.
  3. अगर मानसून में लकड़ी के दरवाजे फूल जाते हैं, तो किचन में मिलने वाला सरसों का तेल और नींबू उन्हें ठीक करने में मदद कर सकते हैं. इसके लिए, एक कटोरी में बराबर मात्रा में सरसों का तेल और नींबू का रस लें. इन्हें दरवाजे, खिड़की या चौखट के उन हिस्सों पर लगाएं जहां नमी या सीलन की समस्या हो रही है. इन्हें कुछ देर के लिए खुला रखें. ऐसा करने से सरसों का तेल और नींबू का रस नमी दूर करने में मदद करेगा. साथ ही, जो दरवाजे आपको परेशान कर रहे हैं, वे फिर से ठीक से बंद होने लगेंगे.
  4. अगर आपके घर में लकड़ी के दरवाजें या खिड़कियां हैं, तो आपको लकड़ी की सतह पर वाटरप्रूफिंग सीलेंट या वार्निश लगाना चाहिए. यह बारिश के मौसम में उन्हें नमी से बचाएगा. इसके लिए, आप लकड़ी के दरवाजों और खिड़कियों को तेज धूप में साफ करके ब्रश की मदद से उन पर सीलेंट या वार्निश लगा सकते हैं. फिर इसे पूरी तरह सूखने दें. इससे दरवाजे और खिड़कियां नमी से सुरक्षित रहेंगी.
  5. नमी के कारण दरवाजों और खिड़कियों को फूलने से बचाने के लिए आप लुब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए रैफिन वैक्स, पेट्रोलियम जेली और साबुन सबसे अच्छे ऑप्शन हैं. हालांकि यह एक अस्थायी उपाय है, लेकिन यह प्रभावी रूप से काम करता है. इन्हें दरवाजों और खिड़कियों के आसपास लगाने से नमी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है. ये उन्हें जाम होने से रोकने में मदद करेंगे. आप चाहें तो तारपीन का तेल या अलसी का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह लुब्रिकेंट घर्षण को कम करेगा.

यहां दी गई सभी जानकारी और सुझाव केवल आपकी जानकारी के लिए हैं. इनका पालन करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह करना हमेशा बेहतर होता है.)

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