नवरात्रि व्रत रखने वालों को इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए, जानिए क्या?
व्रत का पूरा लाभ पाने के लिए, व्रती को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए. कुछ गई गलतियां व्रत को अधूरा बना सकती हैं...

Published : September 23, 2025 at 5:13 PM IST
हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होगी. इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. भक्त देवी का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत रखते हैं. व्रत का पूरा फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है, अन्यथा व्रत अधूरा रह सकता है.
दरअसल, हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. इस दौरान भक्त पूरे विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. सच्चे मन से ऐसा करने पर देवी दुर्गा अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. व्रत का पूरा फल पाने के लिए व्रती को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए. जानबूझकर या अनजाने में की गई गलतियां, व्रत के अधूरेपन का कारण बन सकती हैं. तो आइए जानें कि नवरात्रि के दौरान क्या करें और क्या न करें...
नवरात्रि व्रत के दौरान क्या न करें?
- नवरात्रि व्रत के दौरान क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए. इस दौरान दूसरों के बारे में बुरा-भला नहीं बोलना चाहिए और न ही झूठ बोलना चाहिए.
- नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वालों को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए और न ही मुलायम गद्दे का प्रयोग करना चाहिए.
- आमतौर पर, भक्तगण दिन में केवल एक बार भोजन करके नवरात्रि व्रत रखते हैं. इस प्रकार व्रत रखने वालों को बीच में फलाहार नहीं करना चाहिए. हालांकि, यह नियम उन लोगों पर लागू नहीं होता जिन्हें शारीरिक समस्याएं हैं.
- अगर आपको नवरात्रि के दौरान किसी जरूरी काम से यात्रा करनी है, तो व्रत न रखें क्योंकि इस दौरान व्रत के नियमों का पालन करना मुश्किल हो सकता है.
- जिन लोगों को गंभीर शारीरिक समस्याएं हैं या जो सोचते हैं कि वे बीच में ही व्रत तोड़ देंगे, उन्हें नवरात्रि के दौरान उपवास नहीं करना चाहिए.
- नवरात्रि व्रत के दौरान घर में तामसिक भोजन न बनाएं. परिवार के सदस्यों को भी इस नियम का ध्यान रखना चाहिए.
- व्रत रखने वालों को अपने खाने में सामान्य नमक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे व्रत टूट जाता है. सेंधा नमक का इस्तेमाल सिर्फ व्रत के दौरान ही किया जाता है.
नवरात्रि व्रत के दौरान क्या करें
- नवरात्रि व्रत रखने वालों को सदैव सत्य बोलना चाहिए, मन को शांत रखना चाहिए और अपने इष्ट देव का ध्यान करना चाहिए.
- नवरात्रि व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दौरान क्षमा, दया, उदारता और उत्साह का विकास करना चाहिए और आसुरी भावनाओं से दूर रहना चाहिए.
- यदि व्रत सप्तमी, अष्टमी या नवमी तिथि को तोड़नी हो तो नौ कुंवारी कन्याओं को आमंत्रित करके भोजन कराना चाहिए. देवी के नाम पर हवन और पूजा करनी चाहिए.
- प्रतिदिन सुबह और शाम देवी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए, दीपक जलाना चाहिए और उसके बाद ही भोजन करना चाहिए.
- नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आरती करनी चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में कई प्रकार के व्रत रखे जाते हैं. कई लोग दिन में केवल एक बार भोजन करते हैं, कुछ केवल फल खाते हैं, कुछ जल पीते हैं और कुछ तुलसी के पत्तों में गंगाजल मिलाकर पीते हैं. जो लोग दिन में केवल एक बार भोजन करते हैं उन्हें सेंधा नमक का प्रयोग करना चाहिए.
- नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए. प्रतिदिन एक अध्याय का पाठ किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन पूजा के दौरान देवी दुर्गा को उनका प्रिय भोग अर्पित करना चाहिए.
(डिस्क्लेमर- यहां आपको दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है. यह खबर मीडिया रिपोर्ट के आधार पर के लिए लिखी गई है.)

