ETV Bharat / lifestyle

भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी

राखी एक पवित्र धागा है, जो आमतौर पर धागे से बनी होनी चाहिए. प्लास्टिक या धातु से बनी राखियां अपना आध्यात्मिक महत्व खो देती हैं...

Don't tie such a Rakhi on your brother's wrist even by mistake, it gives inauspicious result, it is important to know this
भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी (GETTY IMAGES)
author img

By ETV Bharat Lifestyle Team

Published : August 6, 2025 at 3:26 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

भाई-बहन के प्रेम और पवित्रता का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा. इस पावन दिन बहनें अपने भाई के हाथ पर राखी बांधकर उनकी खुशहाली की कामना करती हैं. हालांकि, गलत राखी चुनने से पूरा फल नहीं मिलता है. जानिए किस तरह की राखी से बचना चाहिए.

फैशन नहीं है राखी
आजकल बाजार में तरह-तरह के ब्रेसलेट, प्लास्टिक और कार्टून वाली राखियां उपलब्ध हैं. ये देखने में भले ही खूबसूरत लगती हों, लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ फैशन के तौर पर होता है. हिंदू धर्म में राखी को रक्षा सूत्र माना जाता है, जो आमतौर पर धागे से बनी होती है. इसलिए इन राखियों से बचना चाहिए.

Don't tie such a Rakhi on your brother's wrist even by mistake, it gives inauspicious result, it is important to know this
भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी (GETTY IMAGES)

भगवान के नाम या चित्र वाली राखी न पहनें
कई लोग सोचते हैं कि भगवान के नाम या चित्र वाली राखी पवित्र होती है. लेकिन बाद में जब उस राखी को हटा दिया जाता है या खेलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो इसे देवताओं का अनादर माना जाता है. इससे अशुभ परिणाम मिलते हैं.

काली राखी न बांधें
हिंदू संस्कृति में काले रंग को नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इसलिए बेहतर होगा कि काले धागे से बनी राखी न पहनें. इससे राखी का पूरा प्रभाव नहीं मिलेगा, बल्कि भाई पर बुरा असर पड़ सकता है.

Don't tie such a Rakhi on your brother's wrist even by mistake, it gives inauspicious result, it is important to know this
भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी (GETTY IMAGES)

कच्चे धागे की जगह प्लास्टिक या मेटल की राखियों का प्रयोग ना करें
राखी एक पवित्र धागा है, जो आमतौर पर धागे से बनी होनी चाहिए. प्लास्टिक, धातु या आभूषणों से सजी राखियां अपना आध्यात्मिक महत्व खो देती हैं.

पुरानी या फटी हुई राखी का इस्तेमाल ना करें
पुरानी या फटी हुई राखी का दोबारा उपयोग नहीं करना चाहिए. इसे अशुभ माना जाता है..

बाई हाथों से भाई को राखी नहीं बांधना चाहिए
बहनों को रक्षाबंधन के दिन भाई के दाहिने हाथ में राखी बांधना चाहिए क्योंकि दाहिने हाथे में राखी बांधना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर तिलक लगाना चाहिए और मीठा मुंह करना चाहिए.

दोपहर या शाम किस समय बांधनी चाहिए राखी
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन पूर्णिमा के दिन भद्रा काल से बचकर राखी बांधनी चाहिए. शाम के बाद राखी नहीं बांधनी चाहिए.

Don't tie such a Rakhi on your brother's wrist even by mistake, it gives inauspicious result, it is important to know this
भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी (GETTY IMAGES)

राखी बांधते समय एकाग्रता की कमी
राखी बांधते समय ध्यान और भक्ति का होना जरूरी है. यह कोई फैशन शो नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान है.

राखी के साथ ही भाइ की खुशहाली दिल से प्रार्थना करना
केवल राखी बांधना ही जरूरी नहीं है, बल्कि अपने भाई के अच्छे स्वास्थ्य, सफलता और सुरक्षा के लिए दिल से प्रार्थना करना भी महत्वपूर्ण है.

Don't tie such a Rakhi on your brother's wrist even by mistake, it gives inauspicious result, it is important to know this
भूलकर भी भाई की कलाई पर न बांधें ऐसी राखी, मिलता है अशुभ फल, जानना है जरूरी (GETTY IMAGES)

राखी को हाथ से उतारने के बाद उसे इधर-उधर न फेंकें
राखी एक पवित्र प्रतीक है. इसे फेंकना या अनदेखा करना अशुभ परिणाम दे सकता है.

रक्षाबंधन सिर्फ एक सामाजिक त्योहार नहीं है, यह भाई-बहन के बीच आध्यात्मिक बंधन और शुभ ऊर्जा का प्रतीक भी है. इस दिन बहनें अपने भाई के कल्याण के लिए उनके हाथ पर राखी बांधती हैं, जिसे रक्षा सूत्र माना जाता है. इसलिए राखी खरीदते समय इसके आध्यात्मिक महत्व और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करना जरूरी है. गलत राखी चुनने से पूरे फल नहीं मिल पाते.

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट मुख्यतः धार्मिक और आम मान्यताओं पर आधारित है. यहां दी गई जानकारी या सलाह का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. पाठकों से अनुरोध है कि वे स्वयं निर्णय लें. ETV भारत इस जानकारी की प्रामाणिकता या वैधता की गारंटी नहीं देता है और इसके आधार पर की गई किसी भी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)

ये भी पढ़ें-