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बिहार की ये सड़क देखिए, 7.84 KM रोड में हर जगह 'मौत वाला पेड़', खर्च हुए 98 करोड़

बिहार में करोड़ों खर्च कर एक ऐसी सड़क बनायी गई, जिसमें गाड़ी चलाने से डर लगेगा. सड़क के बीचो-बीच बड़े-बड़े पेड़ छोड़ दिये गए.

JEHANABAD road construction
सड़क पर बड़े-बड़े पेड़ (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : July 1, 2025 at 1:40 PM IST

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जहानाबाद: रात को सड़क पर गाड़ी चलाते समय खास सावधानी बरती जाती है. बिहार के सड़कों का हाल किसी से छुपा नहीं है. ऐसे में एक सड़क ऐसी है जिसपर रात को गाड़ी चलाना मतलब मौत को गले लगाना है. यह बिल्कुल बाइकिंग गेम की तरह है, जहां आप बाधाओं से बचते हुए आगे निकल सकते हैं या फिर अपनी जान गंवा सकते हैं. सड़क बनाने का यह मामला जहानाबाद से सामने आया है.

बिना NOC बना दी सड़क: दरअसल जहानाबाद में पटना गया पुरानी सड़क NH 83 में पथ निर्माण विभाग और ठेकेदार ने चमचमाती सड़क बना दी. सड़क चौड़ीकरण के लिए वन विभाग ने एनओसी नहीं दी. ऐसे में बिना पेड़ काटे ही सड़क का निर्माण करा दिया गया. सड़क के बीचो-बीच खड़े पेड़ हादसे को न्योता दे रहे हैं.

देखें यह रिपोर्ट (ETV Bharat)

''पटना से डोभी गया तक 100 करोड़ की लागत से यह सड़क बनाया गया है. एरकी में यहां बीच रोड पर कई पेड़ लगा हुआ है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, पेड़ हटाना जरूरी है.'' - लालदेव सिंह, एरकी, जहानाबाद

''यह रोड NH 83 है, यह गया डोभी रोड व्यस्तम सड़क है, रात में पेड़ दिखाई नहीं देता है, लोगों की जान जा सकती है. इस पर सरकार जल्द ही कोई फैसला लें.'' - शिवम कुमार, हाजीसराय, जहानाबाद

JEHANABAD road construction
जहानाबाद में सड़क के बीचो-बीच खड़े पेड़ (ETV Bharat)

SDO ने क्या कहा?: वहीं जहानाबाद के एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा ने मामले की लीपापोती करते हुए कहा कि मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है. वन विभाग से अभी एनओसी प्राप्त नहीं हुआ है. इस कारण पेड़ की कटाई संभव नहीं है. इस कारण हमने पेड़ों में रेडियम लगाने का निर्देश दिया था.

"सभी पेड़ों में आरसीडी से बातकर रेडियम पट्टी लगवा लिया जाएगा. हम एक टीम का गठन करेंगे और स्टडी करेंगे कि कैसे दुर्घटना को रोका जा सकता है. जितना पेड़ कटता है उसके बदले में वन विभाग को लैंड अलॉट करना होता है. जहानाबाद में लैंड नहीं है. विभाग के स्तर पर विचाराधीन है कि कहां पर उनको जमीन दिया जाए. जल्द ही क्लियर हो जाएगा."- राजीव रंजन सिन्हा, एसडीओ, जहानाबाद

सड़क के बीचो-बीच पेड़: इस सड़क पर गाड़ी चलाना मतलब यात्रियों पर दुर्घटना का खतरा बना रहेगा. खासकर रात के समय इस रास्ते पर सफर करना मौत को गले लगाने की तरह है. राजधानी पटना से 50 किमी दूर जहानाबाद में पटना गया पुरानी सड़क NH 83 पर 7.84 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई है. सड़क चौड़ीकरण में 98 करोड़ रुपए लागत है.

JEHANABAD road construction
बिना NOC बना दी सड़क (ETV Bharat)

"जितना पेड़ है उसका तीन गुणा पेड़ लगाया जाना है. उसके बाद अनुमति मिलेगी. जिला प्रशासन से 3.60 एकड़ जमीन की मांग की गई थी, लेकिन नहीं मिल पायी है. पर्यावरण को देखते हुए वन विभाग ने एनओसी नहीं दी है. भविष्य में आने वाली क्षति को लेकर अनुमति नहीं मिली है. रातों रात पेड़ का निर्माण कर दिया गया है. इस सड़क पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहेगा. ठेकेदार ने रातोंरात सड़क का निर्माण कर दिया है."- नंद सिंह, अधिकारी, वन विभाग

पेड़ों की कटाई की मांगी गई थी अनुमति: बता दें कि पिछले दो साल से सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है. इसके लिए करीब 98 करोड़ की लागत को राज्य सरकार द्वारा मंजूर दी गई थी.इस दौरान सड़क के बीचो-बीच खड़े दर्जनों पेड़ निर्माण में बाधा थे, जिसके लिए जिला प्रशासन ने वन विभाग से पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी.

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हादसों से लोगों को बचाने के लिए पेड़ पर लगा रेडियम (ETV Bharat)

वन विभाग ने की भूमि की मांग: हालांकि,वन विभाग ने पेड़ काटने की परमिशन देने के बदले में वन भूमि की मांग की थी. वहीं जिला प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं करने से वन विभाग ने अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया. लिहाजा निर्माण एजेंसी, पथ निर्माण विभाग ने पेड़ को बीच में छोड़कर सड़क का चौड़ीकरण कर दिया.

चोटिल हो चुके हैं कई लोग: 14 हेक्टेयर जमीन की भरपाई की मांग भी अधूरी है. यह पुरानी सड़क NH 83 अब RCD के पास चली गई है. विभागीय समन्वय की कमी का प्रमाण सड़क के बीचो-बीच पेड़ों की श्रृंखला है. पेड़ व अतिक्रमण की बाधाओं के कारण 7.48 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण अधर में अटक गया है. रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं.

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रोशन कुमार भारद्वाज, मखदुमपुर (ETV Bharat)

''यहां बीच सड़क पर कई पेड़ है. रात में इधर से गुजरते है तो बहुत परेशानी होती है, अचानक पेड़ आ जाता है. आय दिन दुर्घटना होता है लगता है कि प्रशासन को कोई मतलब नहीं है. स्थानीय प्रशासन को जल्दी से पेड़ को रोड पर से हटाना चाहिए.'' - रोशन कुमार भारद्वाज, मखदुमपुर

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