केदारनाथ आपदा से मिलता जुलता धराली हादसे का पैटर्न, IIT रुड़की के साइंटिस्ट का दावा
उत्तरकाशी के धराली में अभी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. धराली से आर्मी के 11 घायल जवानों को मातली लाया गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 6, 2025 at 5:26 PM IST
रुड़की: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आई भीषण आपदा का पैटर्न साल 2013 में केदारनाथ में आई जल प्रलय से मेल खाता है. भारतीय प्रोधोगिकी संस्थान आईआईटी (IIT) रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक प्रोफेसर अंकित अग्रवाल के अनुसार इन दोनों घटनाओं के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की टकराहट प्रमुख कारण रही. जिसने बादल फटने की घटनाओं को विकराल बना दिया.
वैज्ञानिक प्रोफेसर अंकित अग्रवाल ने कहा जलवायु परिवर्तन की वजह से पश्चिमी विक्षोभ और मानसून का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा यह स्थिति आने वाले समय में और गंभीर हो सकती है. आईआईटी (IIT) रुड़की के प्रोफ़ेसर अंकित अग्रवाल के मुताबिक हिमाचल और उत्तराखंड में इसी पैटर्न पर अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने बताया साल 2023 सितंबर माह में हिमाचल के कई हिस्सों में आई तबाही के पीछे भी पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता थी. वैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यह स्थिति आने वाले समय में और भी गंभीर हो सकती है. बताते चलें आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अंकित अग्रवाल जर्मनी की पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी के साथ इंडो-जर्मन परियोजना पर भी शोध कार्य कर रहे हैं.
उत्तरकाशी जिले के धराली में खीरगंगा में आई बाढ़ के कारण धराली बाजार पांच अगस्त को पूरी तरह तबाह गया. इसके मलबे में कई लोग दब गये. प्राकृतिक आपदा के बाद आज 6 अगस्त को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सेना के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस राहत और बचाव कार्य में लगी है. धराली आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है. बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. 190 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. इसके साथ ही आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है. धराली गांव में बादल फटने की वजह से बनी आपदा जैसी स्थिति शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं.

बता दें इन दिनों उत्तराखंड में आसमान से आफत बरस रही है. जिसके कारण प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में आपदा जैसे हालात हो रहे हैं. चमोली जिले में बारिश ने आफत मचा दी है. उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. नदियां भी उफान पर हैं. पहाड़ी जिलों में कई जगहों पर भूस्खलन आ रहा है. इसी के साथ मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
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