चप्पल पहन नहीं चला सकेंगे गाड़ी, रात को ड्राइविंग बैन, चारधाम यात्रा के लिए तैयार सख्त एसओपी
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले ये खबर जरूर पढ़ ले. क्योंकि उत्तराखंड परिवहन विभाग ने इस बार एसओपी ने कुछ संशोधन किया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 7, 2025 at 4:58 PM IST
|Updated : April 7, 2025 at 5:05 PM IST
देहरादून: तीस अप्रैल से उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की शुरुआत होने जा रही है. सबसे पहले तीस अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. उसके बाद दो मई को केदारनाथ और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. चारधाम यात्रा की तैयारियों में शासन से लेकर प्रशासन और परिवहन विभाग काफी दिनों से जुटा हुआ है. इसी बीच परिवहन विभाग ने चारधाम जाने वाले वाहनों के ड्राइवरों को लेकर नई एडवाइजरी करने जा रहा है, जिसका पालन करना सभी को जरूरी होगी.
परिवहन विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे एडवाइजरी में 43 मानक निर्धारित किए गए है. परिवहन विभाग इन दिशा-निर्देशों के जरिए यात्रा मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है. बता दें कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में सड़क हादसों की खबर सामने आती है. अधिकांश सड़क हादसों की वजह ड्राइवरों की लापरवाही के कारण होते है. इसीलिए परिवहन विभाग इस बार कुछ एडवाइजरी जारी की है, ताकि सड़क हादसे कम से कम होगा.
परिवहन विभाग की एसओपी के मुख्य बिंदु:
- इस बार यात्रा मार्ग पर वाहन चलाते समय ड्राइवर के चप्पल पहनने पर रोक लगा दी गई है. चालकों को जूते या बूट पहनकर ही वाहन चलाने की अनुमति होगी.
- चारधाम यात्रा रूट पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों का संचालन बंद रहेगा.
- सभी कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड अनिवार्य होगा.
- सभी वाहनों में उसके फिटनेस, आरसी, बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, परमिट और टैक्स से जुड़े दस्तावेज रखने अनिवार्य होंगे.
- सड़क सुरक्षा नियमों के तहत मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177A के तहत सामान्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान किया गया.
- हर वाहन में फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र, ओट लगाने के लिए लड़की का गुटका और रस्सी अनिवार्य रूप से रखनी होगी.
- वाहन में कूड़ा रखने के लिए कूडादान और वॉमिटिंग बैग रखना होगा.
- दोपहिया चालक और परिचालक दोनों के लिए हेलमेट पहनना भी जरूरी होगा.
- सभी व्यवसायिक वाहनों का पंजीकरण, फिटनेस, बीमा और परमिट के दस्तावेज पूरे होने चाहिए.
- वाहन खड़ी करने के लिए सुरक्षित स्थान का चयन करें और खड़ी गाड़ी में हैंडब्रेक और लकड़ी के गुटके का इस्तेमाल अनिवार्य होगा.
- पर्वतीय रूट पर वाहन चलाने के लिए अनट्रेंड वाहन चालक को अनुमति नहीं होगी.
- वाहनों में एलपीजी, डीजल, पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थ ले जाना प्रतिबंधित होगा.
- वाहन के पीछे त्रिकोणीय रेडियम बोर्ड लगाना भी आवश्यक कर दिया गया है, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके.
- किसी भी वाहन में निर्धारित सीमा से अधिक यात्री नहीं बैठाए जा सकेंगे.
- इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित चालक का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है.
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