उत्तरकाशी में कई बार कुदरत हो चुकी 'क्रूर', जानिए कब-कब मचाई तबाही!
उत्तराखंड का उत्तरकाशी जिला आपदा के लिहाज है संवेदनशील, कई बार झेल चुका है आपदा, कई लोगों की जान लील चुकी कुदरत

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 5, 2025 at 4:39 PM IST
किरनकांत शर्मा, देहरादून: उत्तराखंड के सीमांत उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. खीर गंगा में भारी मलबा आने से कई घर, होटल, होमस्टे जमींदोज हो गए. इसके अलावा सेब के बगीचे के साथ धराली बाजार मलबे में तब्दील हो गया. जिस जगह पर यह तबाही मची है, वो बेहद खूबसूरत स्थल है, लेकिन कुदरत ने सब तहस नहस कर दिया. यह कोई पहली घटना नहीं है, जब कुदरत ने अपनी नजर तिरछी नजर की है. अतीत में भी कई बार उत्तरकाशी को बड़े कुदरती गुस्से का शिकार होना पड़ा है.
जिस इलाके में यह तबाही हुई है, वो गंगोत्री धाम का अहम पड़ाव है. जो अपनी बेपनाह खूबसूरती के जाना जाता है, लेकिन सैलाब ने एक झटके में ही इसकी सूरत को ही बदल दिया. ऐसा नहीं है कि सिर्फ धराली में इस तरह की घटना हुई हो. इससे पहले भी कई बार उत्तरकाशी इस तरह की आपदाओं को झेल चुका है. जिसमें कई लोगों की जानें जा चुकी है. ऐसे में जान लेते हैं कि उत्तरकाशी में कब-कब आपदाएं आई?

उत्तरकाशी में आई आपदाएं-
- साल 1978 में डबराणी के पास भागीरथी में झील बनने के कारण विनाशकारी बाढ़ आई थी.
- साल 1991 में विनाशकारी भूकंप में 700 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई थी.
- साल 2003 में वरुणावत पर्वत से भूस्खलन के कारण कई बड़े होटल भवन जमींदोज हुए थे.
- साल 2012-13 में जिला मुख्यालय, अस्सी गंगा घाटी और भटवाड़ी आदि जगहों पर अस्सी गंगा एवं भागीरथी नदी में बाढ़ आई थी.
- साल 2019 में आराकोट बंगाण क्षेत्र में आपदा आई थी. जिसमें कई लोगों की जान गई. सेब की खेती, भवन, पुल आदि तबाह हो गए थे.
- साल 2023 में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग धंस गयी थी. जिसके कारण 17 दिनों तक 41 मजदूर फंसे रहे.
- साल 2025 में 20 जून की रात ओडाटा के मोरा तोक में भारी बारिश के चलते एक घर का हिस्सा गिर गया. जिसमें परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई.
- साल 2025 में 28 जून को बड़कोट के सिलाई बैंड पास अतिवृष्टि से भूस्खलन हुआ था. इस हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई थी. जबकि, 7 लोग आज भी लापता हो गए.
धराली में आया जलसैलाब: बता दें कि बीते तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. जबकि, पहाड़ी इलाकों में पहाड़ी खिसकने, मलबा आने की वजह से हालत बद से बदतर बने हुए हैं. आज भी धराली में खीर गंगा में भारी सैलाब आ गया. जिसकी चपेट में सब कुछ आ गया. इस घटना के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना आदि ने मोर्चा संभाल लिया है. उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य मौके के लिए रवाना हो गए हैं.

फिलहाल, आज की घटना में कितने लोग लापता हैं और कितने मकान जमीदोज हुए हैं. इसका जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर आकलन करेगा, लेकिन अभी रेस्क्यू अभियान जारी है. इस घटना ने चमोली जिले में 7 फरवरी 2021 को आई रैणी आपदा की याद दिला दी है. उस दौरान भी भारी सैलाब आ गया. जिसमें करीब 200 लोग काल कलवित हो गए थे.

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