चंडीगढ़ में फुहारों के बीच लोग चख रहे लज़ीज़ खाना, गर्मी से बचाने के यूनिक आईडिया की खूूब हो रही तारीफ
चंडीगढ़ में भीषण गर्मी पड़ रही है, ऐसे में एक ढाबे वाले ने अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए यूनिक आईडिया निकाला है.

Published : June 12, 2025 at 4:32 PM IST
चंडीगढ़ : सिटी ब्यूटीफुल कहे जाने वाले चंडीगढ़ शहर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. ऐसे में चंडीगढ़ के सेक्टर 28 के एक ढाबे वाले ने अपने ग्राहकों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए यूनिक आईडिया निकाला है.
गर्मी से बचाने के लिए यूनिक आईडिया : चंडीगढ़ के लोग बाहर खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन चंडीगढ़ शहर में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ता चला जा रहा है जिसके चलते लोगों का पसंदीदा रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाना थोड़ा मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 28 के ओल्ड पाल ढाबा ने यूनिक कॉन्सेप्ट निकाला है और अपने ढाबे के बाहर मिस्ट फॉगिंग सिस्टम लगा दिया है.
लंदन में देखकर आया आईडिया : मिस्ट फॉगिंग सिस्टम से लोगों को गर्मी से निजात मिल रही है, वहीं मिस्ट के जरिए आ रही फुहारें ढाबे के आसपास तापमान में भी कमी ला रही है. ओल्ड पाल ढाबे के मालिक ने बताया कि उन्होंने आज से 4 साल पहले मिस्ट फॉगिंग सिस्टम लंदन में देखा था, जहां पर लोगों को गर्मी के बीच इस तरीके से राहत दी जा रही थी. उन्हें ये आईडिया काफी ज्यादा पसंद आया.

मिस्ट फॉगिंग सिस्टम इंस्टॉल : इस बार चूंकि चंडीगढ़ में भीषण गर्मी पड़ रही है तो उन्होंने इस आईडिया को यहां पर इस्तेमाल करने की सोची और फिर उन्होंने अपने ढाबे के सामने मिस्ट फॉगिंग सिस्टम को इंस्टॉल कर दिया. अब इस सिस्टम के जरिए लोगों को गर्मी के बीच कुछ सुकून के पल मिल पा रहे हैं. मिस्ट फॉगिंग के लिए उन्होंने ख़ास तरह के फिल्टर का इस्तेमाल किया है और फॉगिंग के लिए साफ पानी यूज़ किया जाता है. रोजाना सुबह के वक्त 4 घंटे और शाम के वक्त 4 घंटे के लिए इसे चलाया जाता है. मिस्ट फॉगिंग के लिए रोजाना 1000 लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाता है.

कई बॉलीवुड हस्तियां भी आ चुकी हैं : ओल्ड पाल ढाबे की बात करें तो ये साल 1960 से चल रहा है और देश-विदेश में अपने खाने के लिए ख़ासा मशहूर है. कई बॉलीवुड और टीवी हस्तियां पाल ढाबे पर खाना खाने के लिए आ चुकी है जिसकी तस्वीरें पाल ढाबे पर लगी हुई है. पिछली तीन पीढ़ियों से पाल ढाबे के मालिकों की ओर से ग्राहकों को बेहतर खाना परोसने की रवायत चली आ रही है. पाल ढाबे के मालिक ने बताया कि रेस्टोरेंट में आने वाले जहां 40 प्रतिशत कस्टमर जहां शहर से आते हैं, वहीं आने वालों में 60 प्रतिशत टूरिस्ट होते हैं.

कस्टमर्स को पसंद आ रहा यूनिक आईडिया : ओल्ड पाल ढाबे में काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि इस यूनिक कॉन्सेप्ट के चलते उनके रेस्टोरेंट में आने वाले लोगों की तादाद में इजाफा हो गया है. कस्टमर भी यहां आकर गर्मी के बीच सुकून महसूस कर रहे हैं और उन्हें ये आईडिया काफी ज्यादा पसंद आ रहा है. वहीं यहां आने वाले कस्टमर्स ने बताया कि वे ओल्ड पाल ढाबे में आकर काफी खुश हैं. उन्हें यहां आकर गर्मी के बीच राहत महसूस हो रही है. साथ ही शाम के वक्त यहां का समां और भी कहीं ज्यादा खुशनुमा हो जाता है.

शाम के वक्त बढ़ जाती है खूबसूरती : आपको बता दें कि शाम के वक्त यहां पर रंग-बिरंगी लाइटें भी लगाई जाती है जिससे मिस्ट फॉगिंग सिस्टम कलरफुल नज़र आता है और यहां आने वाला इसको देखता ही रह जाता है. साथ ही लोग यहां आकर इसकी तस्वीरें लेना नहीं भूलते. अगर मिस्ट फॉगिंग सिस्टम पर खर्चे की बात करें तो इस पर सालाना 3 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च आता है. हर हफ्ते इसकी मेंटेनेंस भी की जाती है ताकि इस सिस्टम में किसी तरह की कोई समस्या ना हो और यहां आने वाले ग्राहकों को एक अच्छा एक्सपीरियंस मिल सके.





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