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कफ सिरप से मौत का मामला, राज्यों के सचिवों के साथ केंद्र की बड़ी बैठक, उठाए जा सकते हैं कड़े कदम

कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले पर केंद्र कफ सिरप के उपयोग, दवाओं की गुणवत्ता पर सख्त कदम उठा सकता है.

Union Health Secretary on cough syrup tragedy
प्रतीकात्मक तस्वीर (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 5, 2025 at 12:08 PM IST

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव रविवार को शाम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगी.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग पर चर्चा करना तथा कफ सिरप से जुड़ी कई बच्चों की मृत्यु के बाद दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक खास कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत हो गई.

इसके कारण केरल और तेलंगाना जैसे अन्य राज्यों ने सिरप पर प्रतिबंध लगाने के लिए सार्वजनिक अलर्ट जारी किया गया है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) उस कफ सिरप के निर्माता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रहा है, क्योंकि उस खास सिरप को पीने से कई बच्चों की मौत हो गई.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीडीएससीओ तमिलनाडु-एफडीए को उस कफ सिरप निर्माता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए लिखेगा. मध्य प्रदेश में कफ सिरप की आपूर्ति करने वाली एक अन्य कंपनी के नमूनों के परिणाम अभी भी लंबित हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया के अनुसार सिरप के नमूनों के परिणाम अभी भी लंबित हैं. कुल 19 नमूने एकत्र किए गए. इन सिरपों का इस्तेमाल मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बीमार पड़े बच्चों द्वारा सेवन किया गया था.

आधिकारिक सूत्रों ने आगे बताया कि तमिलनाडु-एफडीए द्वारा डीईजी/ईजी की निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए कफ सिरप का नमूना मध्य प्रदेश औषधि नियामक प्राधिकरण द्वारा विश्लेषण के लिए भी लिया गया था. इसके अंतिम परिणाम अभी प्रतीक्षित हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ सिरपों के साथ-साथ इसी कंपनी द्वारा निर्मित अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर प्रतिबंध की घोषणा की.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं न दी जाएं. मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सेवा निदेशकों को पत्र लिखा है. औषधि अधिकारी सिरप निर्माता के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेंगे.

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