ETV Bharat / bharat

तेज प्रताप की नादानी या फिर सोची समझी चाल, जानिए अनुष्का प्रकरण की इनसाइड स्टोरी

तेज प्रताप पार्टी और परिवार से बाहर हो गए. लालू यादव के इस फैसले के राजनीतिक मायने क्या हैं? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

TEJ PRATAP YADAV
तेज प्रताप यादव (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 26, 2025 at 8:52 PM IST

8 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : ''अनुष्का यादव प्रकरण के बाद यदि कोर्ट संज्ञान लेता है तो उसमें लालू यादव का परिवार पर संकट बढ़ सकता है. यही कारण है कि तेज प्रताप यादव को लेकर निर्णय लिया गया. राबड़ी देवी, मीसा भारती समेत केस में पूरा परिवार आरोपी है.'' यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार इंद्रभूषण का. उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इस वजह से सारे घटनाक्रम को राजनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है.

''अगले 5-6 महीने में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इसी महीने के अंत में ऐश्वर्या-तेज प्रताप प्रकरण पर सुनवाई है. उन दोनों से कैसे परिवार को अलग किया जाए, इसलिए आनन-फानन में फैसला लिया गया.''- इंद्रभूषण, वरिष्ठ पत्रकार

पत्रकारों की प्रतिक्रिया (ETV Bharat)

क्या है राजनीतिक मायने? : वरिष्ठ पत्रकार इंद्रभूषण का कहना है कि ऐश्वर्या राय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती है और उनके पिता चंद्रिका राय हैं. दरोगा प्रसाद राय 1973 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे जो सारण क्षेत्र के हैं. सारण कमिश्नरी में 24 विधानसभा की सीट है. यदि यह लोग राजनीतिक रूप से उस क्षेत्र में घूम जाएंगे तो आरजेडी के लिए मुश्किल हो जाएगी. यही सब देखते हुए की विधानसभा चुनाव में किस तरीके से पार्टी को कोई परेशानी ना हो इसीलिए यह निर्णय लिया गया है.

''यह पूरा फैसला तेज प्रताप यादव से पूछ कर ही लिया गया है. कानूनी पचरा से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी एवं परिवार के अन्य सदस्यों को कैसे अलग किया गया है, इसको लेकर यह फैसला किया गया है.''- इंद्रभूषण, वरिष्ठ पत्रकार

तेज प्रताप पर कार्रवाई की वजह : वरिष्ठ पत्रकार इंद्रभूषण का कहना है कि यदि यह राजनीतिक बात नहीं होती तो लालू प्रसाद यादव एक वसीयतनामा बनवाकर क्यों नहीं तेज प्रताप यादव को अलग कर रहे हैं. लालू प्रसाद ने न संपत्ति से बेदखल का वसीयतनामा दिया है और ना ही पार्टी की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष को तेज प्रताप यादव की सदस्यता खत्म करने को लेकर पत्र लिखा गया है. यह पूर्ण रूप से राजनीति से जुड़ा हुआ है. इसका मुख्य मकसद अनुष्का यादव प्रकरण का विधानसभा चुनाव में कम से कम नुकसान हो.

तेज प्रताप का पोस्ट और मचा बवाल : दरअसल, लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवाद में हैं. इस बार अनुष्का यादव के साथ अपने 12 वर्षों के रिलेशनशिप को लेकर तेजप्रताप यादव सुर्खियों में आ गए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से प्रताप यादव ने जैसे ही अपने प्यार का इजहार किया बिहार की राजनीति में भूचाल आ गई. हालांकि जिस 24 मई की शाम को पोस्ट हुआ उसके बाद तेज प्रताप यादव ने रात 11 बजे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया है. उनके परिवार को बदनाम करने की साजिश चल रही है.

पार्टी और परिवार से बेदखल : तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव प्रकरण के बाद कल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक्स पर पोस्ट कर तेज प्रताप यादव को पार्टी से 6 वर्षों के लिए निलंबित कर दिया. साथ ही परिवार के किसी भी काम में हस्तक्षेप से दूर कर दिया. यानी परिवार से बेदखल करने की बात कही गई.

तेज प्रताप पर कार्रवाई पर सवाल : लालू प्रसाद की कार्रवाई पर जदयू ने सवाल खड़ा किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार का कहना है कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जब स्वस्थ थे और जब कार्रवाई करने का स्वविवेक था तो ऐश्वर्या के साथ जो हुआ उसपर चुप क्यों रहे?

''बिहार की बेटी को सार्वजनिक रूप से जलील किया गया. मामला थाना तक पहुंचा, उस समय लालू प्रसाद यादव का ट्विटर खामोश था, लालू जी की आवाज खामोश थी. आज जब लालू प्रसाद यादव बीमार हैं तो तेज प्रताप यादव के मामले में फैसला ले रहे हैं. सवाल उठता है कि क्या यह फैसला किसी दबाव में लिया गया है?''- नीरज कुमार, विधान परिषद सदस्य सह मुख्य प्रवक्ता, जदयू

'विधायक की सदस्यता खत्म क्यों नहीं?' : नीरज कुमार ने कहा कि जब तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाल दिया गया है तो पार्टी के विधायक दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देना चाहिए कि उनकी सदस्यता खत्म कर दिया जाए. अति पिछड़ा के बेटा रामबलि चंद्रवंशी की सदस्यता खत्म हो सकती है तो तेज प्रताप का क्यों नहीं? क्योंकि वह लालू प्रसाद के पुत्र हैं. तेज प्रताप के खिलाफ आवेदन देने की हिम्मत क्यों नहीं.

नीरज कुमार का बयान (ETV Bharat)

''तेज प्रताप यादव को लेकर वसीयतनामा जारी किया जाए, अगर अपने परिवार से अलग कर दिया है तो आपके (लालू यादव) अर्जित संपत्ति में तेज प्रताप हिस्सेदारी है या नहीं है? यह लोग हारे हुए खिलाड़ी हैं केवल चेहरा बचाने की कवायत है. इसके अलावा कुछ नहीं है आई वॉश है केवल आई वॉश.''- नीरज कुमार, विधान परिषद सदस्य सह मुख्य प्रवक्ता, जदयू

क्या विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप? : वरिष्ठ पत्रकार इंद्रभूषण का मानना है कि विधानसभा में तेज प्रताप फिर से चुनाव लड़ेंगे. राजद के परोक्ष समर्थन से वह चुनावी मैदान में उतरेंगे. पूरा परिवार परोक्ष रूप से उनके समर्थन में रहेगा. तेज प्रताप यादव निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं तो उनके खिलाफ कमजोर प्रत्याशी या फिर कांग्रेस का प्रत्याशी खड़ा हो सकता है.

तेज प्रताप मजबूरी क्यों ? : वरिष्ठ पत्रकार इंद्रभूषण का कहना है तेज प्रताप यादव को परिवार इग्नोर नहीं कर सकता क्योंकि कई मामले में तेज प्रताप यादव परिवार के साथ हैं. ताजा मामला लैंड फॉर जॉब है. इस मामले में राजद सांसद प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता सरकारी गवाह बन गई हैं. सोचिए यदि तेज प्रताप यादव लैंड फॉर जॉब मामले में सरकारी गवाह बन जाते हैं तो क्या होगा.

''जब तक लालू प्रसाद और राबड़ी जीवित हैं तब तक तेज प्रताप यादव अपने परिवार के खिलाफ नहीं जाएंगे. सात बेटी के बाद तेज प्रताप यादव का जन्म हुआ है. बिहार में कहावत है कि मनसोख है यानी अपने मन का करता है. बेटा कभी मन से अलग नहीं हो सकता.''- इंद्रभूषण, वरिष्ठ पत्रकार

अनुष्का प्रकरण के टाइमिंग पर सवाल : तेज प्रताप यादव एवं अनुष्का यादव प्रकरण के प्रकरण के समय पर अब सवाल उठने लगे हैं. वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय का कहना है कि इस प्रकरण का अभी आना यह संकेत दे रहा है कि इस पर अब राजनीति होगी. राजनीतिक दल इसको अब लाभ एवं नुकसान के आधार पर देखेंगे.

Tej Pratap Yadav
तेज प्रताप यादव (ETV Bharat)

जिस लड़की के साथ तेज प्रताप यादव के संबंध होने की चर्चा हो रही है उसका समय अभी ही क्यों चुना गया. एक यह भी हो सकता है कि उस लड़की की तरफ से तेज प्रताप पर दबाव बनाया गया हो कि उसे अब सामाजिक मान्यता दिया जाए. लेकिन तेज प्रताप के साथ द्वंदिता यह है कि अपनी पहली पत्नी के साथ वह कानूनी मामले में फंसे हुए हैं.

जहां तक लालू प्रसाद यादव की भूमिका का सवाल है तो इस मामले में यदि लालू प्रसाद यादव उनका राजनीतिक एवं पारिवारिक रूप से बेदखल नहीं करते तो वह कानूनी पचड़े में फंस सकते थे. इसके अलावा उनका राजनीतिक नुकसान भी होता.

''लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे को राजनीतिक रूप से भले बेदखल कर दें, लेकिन कानूनी रूप से बेदखल नहीं कर सकते. यह पूरा प्रकरण चुनावी रंग में रंगेगा, विपक्ष अब इसको पूरी तरीके से बनाएगा अब इस मामले में सामाजिक मूल्य एवं सामाजिक आदर्श की बात उठाई जाएगी और लालू प्रसाद यादव के परिवार को जवाब देना पड़ेगा.''- सुनील पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार

ये भी पढ़ें :-

अनुष्का के साथ 12 साल से रिलेशनशिप में हैं लालू के लाल तेजप्रताप यादव, साझा की गर्लफ्रेंड की तस्वीर

अनुष्का के साथ रिलेशनशिप में थे तो ऐश्वर्या की जिंदगी क्यों बर्बाद किया? मांझी का लालू परिवार पर बड़ा हमला

तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव वाली पोस्ट को किया डिलीट, बोले- मेरे सोशल मीडिया अकाउंट को हैक किया

लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निकाला, कहा-'इनके संस्कार हमारे अनुरूप नहीं'

तेजप्रताप की हरकत से गुस्से में तेजस्वी, कहा- मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करूंगा

बहन ने भी छोड़ा तेजप्रताप का साथ! रोहिणी ने कहा- मर्यादित आचरण और परिवार की प्रतिष्ठा जरूरी

'नाटक कर रहे हैं लालू यादव', JDU ने पूछा- तेजप्रताप को संपत्ति से कब निकालेंगे?