केदारनाथ धाम के वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ का 31 की उम्र में आकस्मिक निधन, बदरी-केदार मंदिर समिति ने जताया शोक - Vedapathi Mrityunjay Hiremath
Kedarnath Dham's Vedapathi Mrityunjay Hiremath passes away केदारनाथ धाम के वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ नहीं रहे. 31 वर्ष की अल्प आयु में उनका निधन हो गया है. वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ के आकस्मिक निधन से शोक की लहर है. वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ शिव स्त्रोतम् सहित भगवान भोलेनाथ के भजनों को लयवद्ध गाते थे. केदारनाथ मंदिर परिसर से भगवान शिव से संबंधित गाए उनके श्लोक और स्त्रोत के वीडियो लोगों को काफी पसंद आते थे. बदरीनाथ केदार मंदिर समिति ने वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ के आकस्मिक निधन पर शोक जताया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 20, 2024 at 9:13 AM IST
|Updated : April 20, 2024 at 1:03 PM IST
रुद्रप्रयाग: श्री केदारनाथ धाम में वेदपाठी का कार्य संभाल रहे मृत्युंजय हीरेमठ (31) का शुक्रवार शाम को आकस्मिक निधन हो गया. जिससे श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में शोक की लहर है.
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बीकेटीसी पदाधिकारियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों ने हीरेमठ के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है. उनके शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी है. बदरीनाथ-केदानाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने प्रार्थना की है कि भगवान केदारनाथ हीरेमठ को अपने श्री चरणों में स्थान दें. उनके पारिवारिक जनों को इस दुख को सहन करने की क्षमता प्रदान करें.
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बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने जताया शोक: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने केदारनाथ धाम में वेदपाठी का कार्य संभाल रहे मृत्युंजय हीरेमठ (31) के आकस्मिक निधन पर शोक- संवेदना जतायी है. उन्होंने कहा कि मृत्युंजय हीरेमठ ने हमेशा निष्ठा एवं सेवा भाव से कार्य किया तथा शोसल मीडिया में उनके शिव भक्ति स्त्रोत, भजन तथा लय पूर्ण गायन लोकप्रिय रहे. कहा कि उनके निधन से मंदिर समिति को अपूर्णीय क्षति हुई है.

बीते कल शुक्रवार देर शाम को मृत्युंजय हीरेमठ का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया था. आज उन्हें मंदाकिनी तट पर समाधि दी गयी. वहीं श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में शोक की लहर है. दक्षिण भारत के जंगम शैव समुदाय से तालुक रखनेवाले मृत्युंजय हीरेमठ अविवाहित थे. उनका परिवार अब स्थायी रूप से उखीमठ (रुद्रप्रयाग) में ही निवास करता है. उनके पिता गुरुलिंग भी केदारनाथ धाम के पुजारी के रूप में सेवा दे चुके हैं. उनके बड़े भाई शिवशंकर लिंग मंदिर समिति केदारनाथ प्रतिष्ठान में पुजारी के पद पर हैं.

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि मृत्युंजय हीरेमठ के निधन की खबर मिलने पर मंदिर समिति के उखीमठ, जोशीमठ, देहरादून सहित सभी कार्यालयों, विश्रामगृहों में शोक सभा आयोजित हुई. दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती एवं सभी सदस्यों, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, विशेष कार्याधिकारी रमेश सिंह रावत, मुख्य वित्त नियंत्रक आनंद सिंह, कार्याधिकारी आरसी तिवारी,अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने शोक जताया.

मंदिर समिति के कार्याधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में हीरेमठ ने वेदपाठी का कार्य कर्तव्यपरायणता से निभाया. वह शिव स्त्रोतम् सहित भगवान भोलेनाथ के भजनों का लय वद्ध गायन करते थे. सोशल मीडिया में उनके भजनों को काफी प्रशंसा भी मिली. केदारनाथ मंदिर परिसर में उनका गाया 'सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥' लोगों को बहुत पसंद आया था. सोशल मीडिया पर उनकी मधुर आवाजा में गाया ये श्लोक मंत्र बहुत वायरल हुआ था.
वो अक्सर केदारनाथ मंदिर परिसर से भगवान शिव से जुड़े वीडियो बनाते थे. इन वीडियो को लोग बहुत पसंद करते थे. इन वीडियो में वो भगवान शिव से जुड़ी बातें श्लोकों के माध्यम से गाते थे. उन वीडियो को देखकर उनकी आवाज सुनकर लोग अभिभूत हो जाते थे. मृत्युंजय हीरेमठ केदारनाथ धाम की महत्ता बताते वाले वीडियो भी अक्सर बनाते थे. जब वो केदारनाथ मंदिर परिसर से श्लोक का उच्चारण करते और पार्श्व में केदारनाथ धाम मंदिर दिखाई देता था तो उस वीडियो को देखना और उन मंत्रों, श्लोकों को सुनना अद्भुत अनुभव देता था.
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