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ट्रेन हादसे में खो दिए थे दोनों हाथ, 12 घंटे सर्जरी कर सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Hand transplant in Delhi: दिल्ली के रहने वाले 45 साल के एक शख्स को सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने हैंड्स ट्रांसप्लांट (हाथ प्रत्यारोपण) किये हैं. मरीज के हाथ ट्रेन हादसे में कट गए थे. डॉक्टर्स से अंगदान में मिले हाथों को ट्रांसप्लांट कर इस व्यक्ति को नई जिन्दगी दी है.

Hand transplant in Delhi
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : March 6, 2024 at 2:38 PM IST

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Updated : March 6, 2024 at 3:05 PM IST

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नई दिल्ली: कहते हैं डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं. धरती पर रहकर वो ना सिर्फ जिन्दगी बचाते हैं बल्कि कभी-कभी ऐसे चमत्कार कर देते हैं कि अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. हार्ट, किडनी, लीवर जैसे ट्रांसप्लांट तो आपने भी सुने होंगे लेकिन हैंड् ट्रांसप्लांट के बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने नए हाथ लगाकर एक शख्स को नई जिन्दगी दी है.

क्या है पूरा मामला: दिल्ली के रहने वाले 45 साल के एक शख्स को सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने हैंड्स ट्रांसप्लांट (हाथ प्रत्यारोपण) किये हैं. मरीज का प्रत्यारोपण करने वाले डॉ. निखिल झुनझुनवाला ने बताया कि पुरुष के हाथ साल 2020 में एक ट्रेन हादसे में कट गए थे. दरअसल, ब्रेन हेमरेज की शिकार 61 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंगदान से कुल तीन मरीजों को जीवन मिला और इसके अलावा दो लोगों को आंखों की रोशनी भी मिली है. दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के डाक्टरों ने बुजुर्ग महिला के अंगदान से मिले दोनों हाथ नांगलोई के रहने वाले एक 45 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित करने में सफलता हासिल की है.

दिल्ली का पहला हैन्ड्स ट्रांस्पलांट ऑपरेशन: अस्पताल का दावा है कि ये दिल्ली में हाथों का पहला प्रत्यारोपण है. जबकि उत्तर भारत का पहला हाथों का अंगदान है. अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डा. महेश मंगल और डॉक्टर निखिल झुनझुनवाला समेत कई डॉक्टरों ने करीब 12 घंटे की सर्जरी कर युवक के दोनों हाथ जोड़े. डॉक्टर निखिल झुनझुनवाला ने बताया कि सर्जरी के बाद युवक के हाथ में काफी सुधार है. मरीज कोहनी से हाथ चलाने में भी सक्षम है. आगे उसमें और भी सुधार आएगा. हाथ में रक्त का संचार ठीक से हो रहा है.

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डॉक्टरों ने बताया: 'ट्रेन हादसे में युवक का एक हाथ कोहनी से और दूसरा हाथ कोहनी से थोड़ा नीचे से कट गया था. जिस अस्पताल में पीड़ित का इलाज हुआ उस अस्पताल में सर्जरी करके दोनों हाथों को नीचे से बंद कर दिया गया था. हमने सर्जरी करके बंद जगह को खोलकर नीचे से दोनों हाथों को जोड़ दिया. डॉक्टर महेश मंगल के मुताबिक दोनों हाथों को प्रत्यारोपित करना चुनौतीपूर्ण था. दान में मिले हाथों को डोनर की कोहनी के उपर से निकाला गया और उसे युवक को जोड़ दिया गया. इस दौरान हाथ की नसों, धमनियों व हड्डियों को बारी-बारी से जोड़ा गया. सर्जरी सफल रही. अब मरीज को गुरूवार को सुबह 11 बजे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है. कल मरीज का परिवार उन्हें लेने आ रहा है'.

ब्रेन डैड महिला के अंगदान से मिले हाथ
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दिल्ली की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती की गई थीं. इलाज के दौरान वह ब्रेन डेड हो‌ गईं. इसके बाद स्वजनों ने अंगदान का फैसला किया. राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) ने दान में मिली एक किडनी गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल को दी जहां एक मरीज को यह किडनी प्रत्यारोपित की गई. दूसरी किडनी गंगाराम अस्पताल में ही 41 वर्षीय महिला मरीज को लगाई गई जो 11 वर्षों से डायलिसिस पर थी वहीं लीवर गंगाराम अस्पताल में ही एक 38 वर्षीय युवक को प्रत्यारोपित किया गया.

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Last Updated : March 6, 2024 at 3:05 PM IST