उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, बदरीनाथ में अलकनंदा का रौद्र रूप, तप्तकुंड खाली कराया, स्कूलों में छुट्टी - Uttarakhand weather forecast
Uttarakhand weather red alert उत्तराखड में मानसून झमाझम बरस रहा है. बारिश इतनी ज्यादा है कि मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही आज उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश के चेतावनी है. बदरीनाथ में अलकनंदा का जलस्तर बहुत बढ़ गया है. कई जिलों में बारिश के कारण स्कूल बंद रखे गए हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 2, 2024 at 6:47 AM IST
देहरादून: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने बवाल मचा रखा है. मानसून आए अभी आज चौथा ही दिन है और बारिश ने जन जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है. जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं. नदियों का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है. मैदानी इलाकों में जलभराव होने लगा है.
भारी बारिश का रेड अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज उत्तराखंड में हैवी रेन फॉल का अनुमान है. 6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है. इन जिलों में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और उधमसिंह नगर शामिल हैं. इसके साथ ही चार जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. जिन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी है, उनमें टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार जिले शामिल हैं.
5 जिलों में बंद रहेंगे स्कूल: भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने उत्तराखंड के 5 जिलों में स्कूल बंद रखे हैं. जिन जिलों में स्कूलों को बंद रखा गया है, उनमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर, और चंपावत शामिल हैं. इन जिलों में पहली से 12वीं तक के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र आज मंगलवार को बंद रहेंगे.
बदरीनाथ में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा: बदरीनाथ धाम में अलकनंदा का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. बाढ़ में बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी बह गया है. इस कारण रिवर फ्रंट का कार्य बंद हो गया है. बाढ़ में कंपनी की मशीनें भी फंसी हुई हैं. अब कार्यदायी संस्था के पास कार्य शुरू करने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने का रास्ता ही बचा है, जिस पर काम चल रहा है.
बदरीनाथ का तप्तकुंड कराया खाली: अलकनंदा नदी में आई बाढ़ का आलम ये है कि श्रद्धालु जिस तप्तकुंड में स्नान करते हैं, उसे श्रद्धालुओं से खाली करा दिया गया है. अलकनंदा का पानी तप्तकुंड तक न पहुंच जाए, इसलिए एहतियातन ये कदम उठाया गया है. देर रात तक बदरीनाथ धाम में लगातार माइक से अनाउंस किया जा रहा है कि कोई भी नदी किनारे न जाए.
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