महाकुंभ में दूरबीन लेकर खामियां खोज रहे थे, भव्य आयोजन के बाद BJP ने विपक्ष को लपेटा!
भाजपा के नेता महाकुंभ के आयोजन के बाद अब उन तमाम नेताओं पर भी सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने इसकी आलोचना की थी. इस पर ईटीवी भारत की वरिष्ठ संवाददाता अनामिका रत्ना ने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा से खास बातचीत की

Published : February 27, 2025 at 9:54 PM IST
|Updated : February 27, 2025 at 10:08 PM IST
नई दिल्ली: प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 2025 दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन बना. 45 दिनों तक चले इस विराट मेले में देश-विदेश से 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. 45 दिन में ये महाकुंभ लगातार विपक्ष की आलोचना का भी शिकार बनता रहा, जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला.
महाकुंभ में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की यह संख्या अमेरिका, रूस और यूरोप के कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक थी.इस महाकुंभ में कई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बने. इस दौरान पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साधते नजर आए. सीएम योगी ने कहा कि, इस आयोजन के दौरान विपक्ष दूरबीन लेकर खामियां खोजता रहा. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन पर ब्लॉग लिखकर इस बड़े आयोजन की सफलता की बात कही.
भाजपा के नेता इस आयोजन के बाद अब उन तमाम नेताओं पर भी सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने इसकी आलोचना की और जिन्होंने डुबकी लगाने की बजाय इसे एक राजनीतिक मुद्दा और आरोप प्रत्यारोप का विषय बनाया. इस मुद्दे पर ईटीवी भारत से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के के शर्मा ने कहा कि, इस आयोजन पर दृष्टि का अंतर है.
महाकुंभ के बाद अब इस धार्मिक आयोजन पर भी राजनीति शुरू हो गई है. वैसे देखा जाए तो इस महायज्ञ में राजनीति, खेल, बॉलीवुड और आध्यात्मिक जगत की बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई. संगम तट पर करोड़ों लोगों की मौजूदगी, संत-महात्माओं के प्रवचन, साधु-संतों के अखाड़े और भक्तों की श्रद्धा,सभी ने इस महाकुंभ को ऐतिहासिक बना दिया. इस ऐतिहासिक आयोजन की गूंज न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दी.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के के शर्मा ने कहा कि, जो लोग इसे देव दृष्टि से देख रहे थे वो डुबकी लगा रहे थे और जो दैत्य दृष्टि से देख रहे थे वो इसमें खामियां ढूंढ रहे थे. मगर भाजपा की डबल इंजन की सरकार सिर्फ तालमेल बिठाते हुए लोगों को आस्था की डुबकियां लगवा रही थी और उन्हें मदद कर रही थी. सिर्फ सरकार तालमेल बिठाकर महाकुंभ की व्यवस्था कर रही थी. भाजपा प्रवक्ता के के शर्मा ने कहा कि महाकुंभ को लेकर विपक्षी पार्टियों ने ऐसे ऐसे सवाल उठाए और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की. मगर लोगों की आस्था के आगे किसी की राजनीति नहीं चली.
उन्होंने कहा कि, जहां तक सवाल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने का है, इस सफल आयोजन का दुनिया सराहना कर रही है. इसमें एक साथ इतने लोग शामिल हुए जितनी कई देशों की पूरी आबादी भी नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुत्व और धार्मिक आस्था की बात शुरू से करती रही है और ये हमारी पार्टी के लिए कोई चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि धार्मिक आस्था का विषय है.
उन्होंने शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि, हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे, जो धार्मिक आस्था में विश्वास रखते थे उनकी कमाई विरासत को मटियामेट कर दिया. आज उद्धव ठाकरे का कोई आधार नहीं है. ना ही जनता उनके साथ है. वहीं, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी चुनावी हिन्दू बनते .हैं चुनाव के समय मंदिर जाते हैं. वे लगातार कुंभ की बुराई करते और खामियां निकलते रहे. ऐसे लोगों को चुनाव के समय हिंदुत्व आखिर क्यों याद आता है ये सवाल भाजपा.जरूर पूछेगी.
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