देवघर में निशिकांत दुबे पर एफआईआर, गोड्डा सांसद ने शिकायतकर्ता पर बोला हमला
देवघर में सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सियासत गरमा गई है. निशिकांत दुबे थाने में अपनी गिरफ्तारी देंगे.

Published : August 9, 2025 at 10:26 AM IST
|Updated : August 9, 2025 at 11:51 AM IST
देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और उनके समर्थकों के खिलाफ देवघर के बाबा धाम थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह एफआईआर पंडा समाज के वरिष्ठ समाजसेवी कार्तिक ठाकुर ने 7 अगस्त यानी गुरुवार को दर्ज करायी है. निशिकांत दुबे और उनके समर्थकों पर मंदिर में जबरने घुसने का आरोप लगाया गया है.
शिकायतकर्ता पंडा कार्तिक ठाकुर ने बताया कि 2 अगस्त को जब सांसद मनोज तिवारी और सांसद निशिकांत दुबे शाम को मंदिर पहुंचे तो निशिकांत दुबे और उनके समर्थक निकास द्वार से मंदिर के अंदर जबरन घुसने लगे. मंदिर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने जब उन्हें रोका तो सांसद और उनके समर्थक सुरक्षाकर्मियों से भी भिड़ गए और नियमों को तोड़ते हुए अंदर जाने लगे. सुरक्षाकर्मियों के रोकने की कोशिशों के बावजूद दोनों सांसद और उनके समर्थक गर्भगृह की ओर चले गए. जिससे मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई और कुछ देर के लिए पूजा भी बाधित हुई. इसीलिए उन्होंने 7 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई.
वहीं शिकायतकर्ता कार्तिक ठाकुर से 5 दिन बाद शिकायत दर्ज कराने का कारण पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि निजी काम के चलते वह 2 अगस्त को शिकायत दर्ज नहीं करा सके थे. लेकिन मौका मिलते ही उन्होंने तुरंत पूरे मामले पर अपनी शिकायत और आपत्ति दर्ज कराई.
उन्होंने पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी भी वीआईपी का प्रवेश निकास द्वार से बंद है, तो स्थानीय सांसद और उनके समर्थक बंद प्रवेश द्वार से कैसे अंदर घुसकर गर्भगृह तक पहुंच गए, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि जब मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया, तो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले पर कार्रवाई की भी मांग की है.
वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने सोशल साइट के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी थी है कि वह शनिवार को देवघर पहुंचेंगे और मंदिर में की गई शिकायत को लेकर नगर थाने में गिरफ्तारी देंगे.

इसके बाद शनिवार को वे देवघर पहुंचे. सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर पहुंचकर शिकायतकर्ता कार्तिकेय ठाकुर पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिसने भी शिकायत की है, वह उससे डरते नहीं हैं. वह मंदिर थाना जाकर अपनी गिरफ्तारी देंगे.
निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उसका मंदिर पर कोई अधिकार नहीं है. जबकि वह एक सांसद के रूप में मंदिर के ट्रस्टी भी हैं. इसके बावजूद, जिस व्यक्ति का मंदिर प्रबंधन और वहां की सुरक्षा व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है, उसके द्वारा उनपर एफआईआर कैसे कर किया गया.
निशिकांत दुबे का बयान सोशल साइट पर आते ही राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी निशिकांत दुबे के साथ नजर आ रहे हैं और उन पर लगे आरोपों को अधिकारियों की निजी दुश्मनी बताते नजर आ रहे हैं.

वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने कहा कि जिस तरह से छोटे-छोटे मामलों को चिन्हित कर भाजपा नेताओं को फंसाने की कोशिश की जा रही है, उससे पता चलता है कि राज्य सरकार की मानसिकता ठीक नहीं है.
दरअसल, यह घटना 2 अगस्त की है, जब सांसद मनोज तिवारी और सांसद निशिकांत दुबे कांवड़ लेकर पूजा-अर्चना करने देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम मंदिर पहुंचे थे. सांसद मनोज तिवारी ने सुल्तानगंज से जल उठाकर 105 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी की थी और देवघर स्थित बाबा धाम में जल चढ़ाया था. सांसद मनोज तिवारी के स्वागत के लिए स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे भी उनके साथ देवघर के दुम्मा द्वार से मंदिर तक पैदल गए और साथ में मंदिर द्वार में प्रवेश कर जल चढ़ाया था.
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