पटियाला हाउस कोर्ट: मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को परिवार से फोन पर बात करने की मिली अनुमति
कोर्ट ने तहव्वुर राणा को अपने परिवार से नियमित रूप से बात करने की इजाजत दे दी है.

Published : August 7, 2025 at 5:19 PM IST
|Updated : August 7, 2025 at 5:26 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के आरोपी और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अपने परिवार से बात करने की अनुमति दे दी है. स्पेशल जज चंदर जीत सिंह ने राणा को अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी.
इसके पहले भी 9 जून को कोर्ट ने राणा को अपने परिवार से जेल अधिकारी की निगरानी में अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी थी. सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन राणा को अपने परिवार से नियमित रूप से बात करने की अनुमति देने की मांग का विरोध किया था.
एनआईए ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर को दिल्ली के पालम वायुसेना अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार किया था. अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई थी. तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है. 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है.
64 वर्षीय तहव्वुर राणा के समर्थन की वजह से उस समय भारत में हेडली की आवाजाही आसान हो गई थी. पाकिस्तान मूल के तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली बचपन के दोस्त थे और दोनों ने एक ही सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी. तहव्वुर राणा ने डेविड कोलमैन हेडली की मदद के लिए मुंबई में एक एजेंसी खोली थी.
मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को लेकर बड़ी खबर आ रही है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के आरोपी और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अपने परिवार से नियमित रूप से बात करने की इजाजत दे दी है.
इससे पहले कोर्ट ने राणा को अपने परिवार से नियमित रुप से बात करने की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए एनआईए को समय दिया था. जज चंदर जीत सिंह ने एनआईए को 25 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. 7 अगस्त को अदालत को इस मामले में फैसला सुनाना था.
13 अगस्त तक न्यायिक हिरासत बढ़ी
कोर्ट ने 9 जुलाई को उसकी न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ा दी थी. 9 जुलाई को एनआईए ने तहव्वुर राणा के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी. कोर्ट ने पूरक चार्जशीट पर भी 13 अगस्त को सुनवाई करने का आदेश दिया था. 3 मई को कोर्ट में तहव्वुर राणा के आवाज और लिखावट के नमूने लिए गए थे. एनआईए ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर को दिल्ली के पालम वायुसेना अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार किया था.
जेल में राणा को बेड और मैट्रेस दिए जाने की अनुमति मिली
16 जुलाई को सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा की ओर से पेश विधिक सेवा के वकील पीयुष सचदेव पेश हुए. कोर्ट ने राणा को जेल में एक बेड और मैट्रेस उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने कहा कि तहव्वुर राणा की उम्र 64 वर्ष है और उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या है. तहव्वुर राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. कोर्ट ने 9 जून को राणा को एक बार जेल अधिकारी की निगरानी में अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी थी. कोर्ट ने जेल प्रशासन से ये भी स्पष्टीकरण देने को कहा था कि क्या तहव्वुर राणा को आगे भी अपने परिवार से फोन पर बात करने की करने की अनुमति दी जा सकती है.
एनआईए ने तहव्वुर राणा की अपने परिवार से बात करने की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि अगर राणा को अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी गई तो संवेदनशील सूचनाओं का खुलासा हो सकता है. पटियाला हाउस कोर्ट ने इसके पहले भी 24 अप्रैल को तहव्वुर राणा को अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति की मांग खारिज कर दिया था.
बता दें कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई थी. तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है. 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है. 64 वर्षीय तहव्वुर राणा के समर्थन की वजह से उस समय भारत में हेडली की आवाजाही आसान हो गई थी. पाकिस्तान मूल के तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली बचपन के दोस्त थे और दोनों ने एक ही सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी. तहव्वुर राणा ने डेविड कोलमैन हेडली की मदद के लिए मुंबई में एक एजेंसी खोली थी.
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