जेल मनोचिकित्सक कैदी को बना रहा था 'आतंकी'! NIA ने किया गिरफ्तार
एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े जेल कट्टरपंथीकरण मामले में शामिल होने के आरोप में मनोचिकित्सक समेत 3 को गिरफ्तार किया.


Published : July 9, 2025 at 2:02 PM IST
नई दिल्ली/बेंगलुरु: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक के दो जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद लश्कर ए तैयबा से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक जेल का मनोचिकित्सक (psychiatrist) और एक सिटी आर्म्ड रिजर्व (City Armed Reserve) पुलिसकर्मी भी शामिल है. इन पर जेल के अंदर बंद कैदियों को उग्रपंथी या आतंकी विचारधारा की ओर मोड़ने के आरोप हैं.
कहां-कहां ली गयी तलाशीः
एनआईए ने मंगलवार को प्रेस रिलीज़ के माध्यम से यह जानकारी दी. यह विज्ञप्ति सोशल मीडिया एक्स पर साझा की गयी है. एनआईए की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कर्नाटक के बेंगलुरु और कोलार जिलों में पांच स्थानों पर तलाशी ली गई. जिससे डॉ. नागराज, मनोचिकित्सक, केंद्रीय कारागार, परप्पाना अग्रहारा, बेंगलुरु, सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) एएसआई चान पाशा और एक फरार आरोपी की मां अनीस फातिमा को गिरफ्तार किया गया.
NIA Arrests 3 Key Accused following Searches in Karnataka in LeT Prison Radicalisation Case pic.twitter.com/IHLuF501o4
— NIA India (@NIA_India) July 8, 2025
तलाशी में क्या-क्या मिलाः
तलाशी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों के घरों से विभिन्न डिजिटल उपकरण, नकदी, सोना और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए. मामला आरसी-28/2023/एनआईए/डीएलआई, आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और दो वॉकी-टॉकी सहित डिजिटल उपकरणों की बरामदगी से संबंधित है.
आतंकी गतिविधियों की साजिशः
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बेंगलुरु शहर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. साजिश के तहत, डॉ. नागराज बेंगलुरु के केंद्रीय कारागार में आतंकवाद के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तड़ियांदावीद नसीर उर्फ टी नसीर सहित जेल के कैदियों के इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन की तस्करी कर रहा था.
इस गतिविधि में डॉक्टर नागराज को पवित्रा नाम की एक महिला का साथ मिल रहा था. नागराज और पवित्रा के घरों के अलावा, एनआईए ने भगोड़े जुनैद अहमद की मां अनीस फातिमा के घर की भी तलाशी ली, जो नसीर से अपने बेटे को धन जुटाने और जेल में टी नसीर को सौंपने के निर्देश देने में शामिल थी.
भगोड़े की तलाशः
एनआईए की जांच के अनुसार, एएसआई चान पाशा 2022 में पैसे के बदले में टी नसीर को जेल से विभिन्न अदालतों तक पहुंचाने से संबंधित जानकारी देने में शामिल था. एनआईए ने इस मामले में भगोड़े जुनैद अहमद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और यूए(पी) एक्ट, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया है. भगोड़े की तलाश के प्रयास जारी हैं.
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