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'रावण की तरह होगा पीएम की मां को गाली देने वालों का सर्वनाश..' बक्सर की रैली में कांग्रेस पर बरसे नित्यानंद

बक्सर में एनडीए महासम्मेलन में नित्यानन्द राय ने विपक्ष पर निशाना साधा. कहा- पीएम मोदी की मां को गाली देने वालों का सर्वनाश होगा-

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 29, 2025 at 6:21 PM IST

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बक्सर : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच बक्सर में एनडीए का चुनावी महासम्मेलन हुआ, जहां केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली देने वालों का सर्वनाश रावण, कौरव और कंस की तरह होगा.

बक्सर में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन : बक्सर जिले के ऐतिहासिक किला मैदान में एनडीए का चुनावी महासम्मेलन आयोजित हुआ. इससे पहले डुमरांव और राजपुर में भी एनडीए ने बड़े सम्मेलन किए थे. इस कार्यक्रम में नित्यानन्द राय, पूर्व मंत्री संतोष निराला समेत पांचों दलों के नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे.

चारों सीट जीतने का लिया संकल्प : महासम्मेलन में एनडीए नेताओं ने बक्सर जिले की सभी चार विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने का संकल्प लिया. मंच से नेताओं ने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति के लिए प्रेरित किया और विपक्ष को करारा जवाब देने का आह्वान किया.

नित्यानन्द राय का तीखा हमला : मंच से आक्रामक लहजे में नित्यानन्द राय ने कहा कि नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय मां ने जीवन भर दूसरों के घर बर्तन मांजकर बेटे का पालन-पोषण किया, और आज वही बेटा देश का प्रधानमंत्री है. इस वजह से विपक्ष को परेशानी हो रही है.

'दर्द हो या गुस्सा, फर्क नहीं पड़ेगा' : राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ललकारते हुए नित्यानन्द राय ने कहा कि तुम्हारे पेट, सिर या सीने में दर्द हो, इससे जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता. जब तक नरेंद्र मोदी हैं, देश का प्रधानमंत्री वही रहेंगे.

'मां तो मां होती है' : मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीब की मां हो या अमीर की, मां तो मां होती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मां को गाली देने वालों का सर्वनाश रावण, कौरव और कंस की तरह होगा.

एनडीए में बढ़ी दावेदारी की होड़ : इस महासम्मेलन में एनडीए नेताओं की आक्रामकता साफ झलकी. हालांकि बढ़ते नए दावेदारों की वजह से वरीय नेताओं की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं. लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही है-बक्सर की चारों सीटों पर जीत सुनिश्चित करना.

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