बदतर स्थिति में मुसलमान, पहले पढ़ें बिल, फिर करें विरोध: सलीम राज
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने बड़ा बयान दिया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : April 15, 2025 at 7:51 PM IST
|Updated : April 15, 2025 at 8:15 PM IST
रायपुर: संशोधित वक्फ बिल मुस्लिम समाज की तरक्की, उन्नति, शिक्षित करने का बिल है. विपक्ष मुद्दे नहीं बता पा रहा है कि वह विरोध क्यों कर रहे हैं. वक्फ बोर्ड बिल का विरोध करने वाले विपक्ष और मुस्लिम भाई पहले बिल का अध्ययन करें, उसके बाद अपनी राय रखें, सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध ना करें. यह कहना है छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज का.सलीम राज ने यह बयान ETV भारत से खास बातचीत के दौरान दिया है.
"भूमाफिया का काम कर रहा था वक्फ बोर्ड": वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार दलितों से भी खराब हालत मुसलमानों की है. जितने मुसलमानों की प्रापर्टी का किराया ही नहीं आ पा रहा है. जिस उद्देश्य से वक्फ बोर्ड बनाया गया था वह नजर नहीं आ रहा था, वक्फ बोर्ड सिर्फ भूमाफिया का काम कर रहा था और राजनीतिक अखाड़ा बन गया था.
वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों को चेतावनी: सलीम राज ने कहा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास लगभग 5000 करोड़ की संपत्ति है. जिसमे से 85% संपत्ति पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है. कुछ लोगों ने गलत तरीके से रजिस्ट्री करा रखी है. उन्होंने कहा कि लगभग 400 से ज्यादा लोगों को नोटिस भी भेजा गया है. स्पष्टीकरण के लिए बुलाया जाएगा. यदि वह किराया दे देते हैं तो कोई मुश्किल ही नहीं है लेकिन यदि किराया नहीं देते हैं तो उन्हें बेदखल किया जाएगा. 1927 से लेकर अब तक की वक्फ संपत्ति के सारे दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं.
वक्फ बोर्ड कमेटी में गैर मुस्लिम का समर्थन: सलीम राज ने वक्फ बोर्ड कमेटी में दो गैर मुसलमानों के शामिल होने का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उनके शामिल होने से हमें कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही कह दिया है कि इनका मस्जिद दरगाह में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. बिल में यह भी कहा गया है कि मस्जिद और दरगाह की एक इंच भी जमीन वापस नहीं ली जाएगी, ना ही वह कम होगी. "मैं विरोध करने वाले विपक्ष और मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं कि पहले वह एक बार वक्फ 'बोर्ड बिल को ध्यान से पढ़ें, उसके बाद अपनी राय रखें."

सनातन बोर्ड बनाए जाने की मांग: सलीम राज ने सनातन बोर्ड बनाए जाने की मांग भी की. उनका कहना था कि वर्तमान में मंदिर की राशि का अन्य कामों के लिए उपयोग होता है. यदि सनातन बोर्ड बन जाएगा तो इस राशि का इस्तेमाल मठ मंदिर के जीर्णोद्धार और पुजारी को वेतन देने के लिए किया जाएगा.
वही मंदिर समिति का अध्यक्ष कलेक्टर के होने के सवाल पर सलीम राज ने कहा कि कलेक्टर इस राशि का इस्तेमाल सिर्फ मंदिर मठ के जीर्णोद्धार के लिए नहीं करते है बल्कि अन्य कामों के लिए भी करते हैं. इसलिए सनातन बोर्ड का होना जरूरी है.

