ETV Bharat / bharat

'नशे की लत में फंस रहे युवा', महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला को लिखा पत्र, जानें क्या की डिमांड?

महबूबा मुफ्ती ने सरकारी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए 4000 पूर्व सैनिकों की भर्ती पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.

Mehbooba Mufti
महबूबा मुफ्ती (ANI)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : May 19, 2025 at 2:12 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सरकार से पहलगाम हमले और भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष के बाद सरकारी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए 4000 पूर्व सैनिकों की भर्ती पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.

महबूबा ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए 4000 पूर्व सैनिकों को नियुक्त करने के अपने सरकार के फैसले पर फिर से करने को कहा है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैं अपने पूर्व सैनिकों के प्रति अत्यंत सम्मान और कृतज्ञता रखती हूं. हमें जम्मू-कश्मीर में युवाओं को प्रभावित करने वाले बेरोजगारी के बढ़ते संकट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और न ही कर सकते हैं, जिनकी संख्या अब लाखों को पार कर गई है. यह बढ़ती बेरोजगारी केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि एक सोशल इमरजेंसी है."

Mehbooba
महबूबा मुफ्ती की पोस्ट (X@Mehboobamufti)

नशे की लत में फंस रहे युवा
जम्मू-कश्मीर में शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी और रोजगार के कम अवसरों का हवाला देते हुए महबूबा ने कहा कि निराशा के बीच कई युवा नशे की लत में फंस रहे हैं और दुखद रूप से कुछ तो आत्महत्या तक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमें उनके भविष्य के बारे में अधिक सचेत होकर उनकी मदद करनी चाहिए."

पूर्व सीएम ने बताया कि पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर सरकार ने सैनिक बोर्ड के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को तैनात करने का प्रस्ताव था.

4000 पूर्व सैनिकों की तैनाती
इस संबंध में जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता सुनील बर्तवाल ने कहा कि 4000 पूर्व सैनिकों की तैनाती, जिनमें से 435 के पास लाइसेंसी निजी हथियार हैं, स्थानीय सुरक्षा स्थितियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी.

बर्तवाल ने कहा, "इन पूर्व सैनिकों को जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में बिजली स्टेशनों, पुलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील बिंदुओं सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एडजस्ट किया जाएगा."

पूर्व सैनिकों को जुटाने का प्रस्ताव
रक्षा पीआरओ के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के सैनिक कल्याण बोर्ड ने समुदाय आधारित सुरक्षा को मजबूत करने और पूर्व सैन्य कर्मियों की क्षमताओं का दोहन करने के लिए पूर्व सैनिकों को जुटाने का प्रस्ताव रखा था.

रक्षा पीआरओ ने कहा कि जिला अधिकारियों के प्रशासनिक सहयोग से सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से वर्दी और बुनियादी उपकरण प्रदान किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि स्टैंडर्डलाइज आचरण और एफिशिएंसी सुनिश्चित करने के लिए ट्रेनिंग और अभिविन्यास कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है.

यह भी पढ़ें- पंजाब से दो पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, ISI के साथ शेयर कर रहे थे जानकारी