उत्तरकाशी में फिर अलर्ट! यमुना में बनी झील, घरों ने घुसा पानी, कस्बा कराया गया खाली
उत्तरकाशी जिले में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. यमुना में झील बनने से बड़ा खतरा पैदा हो गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 21, 2025 at 6:26 PM IST
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक बार फिर से टेंशन देने वाली खबर सामने आई है. उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में अचानक यमुना नदी का प्रवाह रुक जाने की वजह से एक झील बन गई है, जिसकी वजह से यमुना का पानी न केवल आबादी वाले क्षेत्र में घुस गया, बल्कि वहां मौजूद पुल भी पूरी तरह से डूबने लगा है. हालत खराब होते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने पूरे इलाके को खाली कर दिया है.
यमुना का पानी रुका: स्यानाचट्टी के समीप खुले मौसम के बावजूद भी कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने के कारण उसने यमुना नदी का प्रवाह रोक दिया है. इस कारण वहां पर पूर्व में बनी झील का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के भवनों, दुकानों, होटलों और स्कूलों में पानी घुस गया है. यमुनोत्री हाईवे पर बने मोटर पुल का भी डूबने का खतरा बना गया है. जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है.
झील का जल स्तर बढ़ गया: बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह को मौसम खुलने के बाद नदी का जलस्तर कम हुआ था. लेकिन देर शाम को अचान कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने से यमुना का प्रवाह रुक गया, जिससे अचानक झील का जल स्तर बढ़ गया.
गढगाड गदेरे से मलवा आने के कारण यमुना नदी का प्रवाह बाधित होने से स्यानाचट्टी में एक अस्थाई झील बन गयी है, निकासी बाधित होने से जलभराव लगातार बढता जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा आस-पास के घर, मकान व होटल खाली करवा दिये गये हैं। pic.twitter.com/q87bK2Nv5b
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) August 21, 2025
पत्थरों ने यमुना नदी के बहाव को प्रभावित किया: वहीं बताया जा रहा है कि स्यानाचट्टी के दाईं ओर से बहने वाले कुपडा खड्ड में बारिश के साथ ही चटख धूप में मलबा पत्थरों बह कर आने से वह यमुना नदी के बहाव को प्रभावित कर झील की स्थिति उत्पन्न कर रहा है. हालांकि वहां लंबे समय से सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें यमुना नदी के जलप्रवाह को चैनेलाइजेशन का कार्य कर रही है, लेकिन बार-बार कुपडा खड्ड के रौद्र रूप यमुना नदी के चैनेलाइजेशन कार्य को प्रभावित करने के साथ ही झील की स्थिति उत्पन्न होने से समस्या पैदा हो रही है.

स्यानाचट्टी को सुरक्षित करने की मांग: स्थानीय निवासी जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह, चित्रमोहन राणा आदि ने कहा कि यमुना नदी के मुहाने पर बड़े बड़े बोल्डर के आने से भी यमुना नदी का बहाव प्रभावित हो रहा है. उन्होंने उन बोल्डरों को तुड़वा कर हटाया जाए और समस्या का स्थाई समाधान निकालकर स्यानाचट्टी को सुरक्षित करने की मांग की.

नवदीप रावत कहते हैं कि कुपडा खड्ड में चटख धूप में भी रुक रुक कर मलबा बोल्डर पत्थर बह कर आ रहे हैं. वहीं ईई पन्नी लाल का कहना है कि उनकी मशीनों के साथ ही जेई भी मौके पर मौजूद हैं. विपरीत परिस्थितियों के चलते काम करने में दिक्कत आ रही है. फिर भी अनुकूल समय पर यमुना नदी के मुहाने को खोलने का प्रयास जारी हैं.
झील बनने और झील का पानी आबादी वाले क्षेत्र में जैसे ही घुसने की सूचना प्राप्त हुई, वैसे ही मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने सभी को क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा. इसके बाद सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. एसडीआरएफ की एक टीम मौके पर मौजूद है, जबकि अन्य टीमों को भी झील खोलने के लिए भेजा जा रहा है. फिलहाल हालत सामान्य है, परंतु पानी जितना तेजी से बढ़ रहा था, उसको देखते हुए तुरंत एक्शन लिया है.
-सरिता डोभाल, एसपी, उत्तरकाशी-
वहीं, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि अस्थायी झील को खोलने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंच चुकी है. साथ ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद है और स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं. टीम द्वारा आज शाम या फिर कल प्रातः तक झील को सुरक्षित रूप से खोलने का प्रयास किया जाएगा. स्यानाचट्टी में झील की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचे और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए. एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि सुबह झील खोलने का प्रयास किया जाएगा.
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