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मेनका गांधी ने 'आवारा कुत्तों' पर सुप्रीम कोर्ट के नये फैसले का किया स्वागत

मेनका गांधी ने आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. एबीसी कार्यक्रम के लिए सरकारी फंड की सराहना की.

Maneka Gandhi
मेनका गांधी. (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : August 22, 2025 at 1:31 PM IST

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नई दिल्ली: पशु अधिकार कार्यकर्ता और भाजपा नेता मेनका गांधी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को स्थायी रूप से नहीं पकड़ा जाना चाहिए. उन्होंने निर्दिष्ट भोजन क्षेत्र बनाने के न्यायालय के आदेश का समर्थन किया. बीजेपी सांसद ने बताया कि सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 2,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.

मेनका गांधी ने कहा, "मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं. कुत्तों के काटने के मुख्य कारण स्थानांतरण और डर हैं. रेबीज से संक्रमित कुत्तों को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. अदालत ने यह परिभाषित नहीं किया है कि आक्रामक कुत्ते क्या होते हैं. इसे परिभाषित करने की आवश्यकता है. आहार क्षेत्र बनाने का फैसला सही है. उन्हें (नगर निगमों को) ऐसे निर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए साइनबोर्ड भी लगाने होंगे."

इससे पहले आज, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के संबंध में 11 अगस्त के अपने पहले के आदेश को संशोधित करते हुए निर्देश दिया कि जानवरों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया जाएगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि रेबीज से संक्रमित या आक्रामक व्यवहार वाले आवारा कुत्तों को वापस नहीं छोड़ा जाएगा तथा उन्हें अलग रखा जाएगा.

अदालत ने आदेश दिया कि कुत्तों को सार्वजनिक रूप से भोजन कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी. आवारा कुत्तों के लिए अलग से भोजन स्थल बनाए जाएं. अदालत ने दिल्ली नगर निगम को वार्डों में भोजन क्षेत्र बनाने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि पशु प्रेमी कुत्तों को गोद लेने के लिए एमसीडी के समक्ष आवेदन कर सकते हैं.

न्यायालय ने आवारा कुत्तों के खतरे पर अपनी कार्यवाही का दायरा बढ़ाते हुए पशुपालन विभाग, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों को नोटिस जारी किया और इस समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी. इसने अपनी रजिस्ट्री को उन सभी उच्च न्यायालयों से जानकारी मांगने का भी निर्देश दिया जहां आवारा कुत्तों के मुद्दे पर याचिकाएं लंबित हैं. आदेश दिया कि ऐसे सभी मामले शीर्ष अदालत को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे.

बता दें कि 11 अगस्त को शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के सभी इलाकों को आवारा कुत्तों से मुक्त किया जाना चाहिए. इसमें कोई समझौता नहीं होना चाहिए. यह भी आदेश दिया था कि पकड़े गए किसी भी जानवर को वापस सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का पशु प्रेमी विरोध कर रहे थे.

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