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'अमित शाह से सावधान रहें पीएम मोदी': ममता बनर्जी ने क्यों दी यह सलाह?

ममता बनर्जी ने कहा "ऐसा लगता है कि दिल्ली में सब कुछ अमित शाह द्वारा चलाया जा रहा है. वह भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं."

Mamata Banerjees advice to PM Modi
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रेस वार्ता में बोलते हुए. (PTI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 8, 2025 at 7:22 PM IST

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Updated : October 8, 2025 at 7:58 PM IST

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लगभग एक साल का समय बचा है. लेकिन, राज्य में विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक घमासान बढ़ता जा रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी अमित शाह से सावधान रहने की सलाह दी है. ममता बनर्जी बुधवार को उत्तर बंगाल से लौटने के बाद कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहीं थीं.

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश शासन के दौरान बंगाल को धोखा देने वाले ऐतिहासिक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा, "मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगी- अमित शाह से सावधान रहें. हर चीज़ के लिए उन पर निर्भर न रहें. वह सबसे बड़े मीर ज़ाफर हैं." उनके इस बयान ने दिल्ली और कोलकाता दोनों जगह राजनीतिक बवाल मचा दिया.

उनकी यह टिप्पणी चुनाव आयोग के एक हालिया निर्देश की पृष्ठभूमि में आई है. आयोग ने आदेश दिया है कि चुनावी शिकायतों से संबंधित सभी प्राथमिकी 15 दिनों के भीतर दर्ज की जानी चाहिए. इस निर्णय की आलोचना करते हुए, ममता बनर्जी ने सवाल किया, "क्या चुनाव आयोग अब भाजपा के निर्देशों के तहत काम कर रहा है? क्या यह अमित शाह के आदेश पर काम कर रहा है?" उन्होंने तीखे स्वर में कहा, "ऐसा लगता है कि दिल्ली में सब कुछ अमित शाह द्वारा चलाया जा रहा है. ऐसा लगता है कि वह भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं."

ममता ने त्रिपुरा की घटना पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जहां कथित तौर पर भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की थी. अगरतला में अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को हुई बाधा से नाराज होकर, उन्होंने कहा, "त्रिपुरा में हमारी टीम को प्रीपेड टैक्सी भी नहीं दी गई. मुझे उन्हें पैदल चलने का निर्देश देना पड़ा. भाजपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने घर में झांकना चाहिए. जरूरत पड़ी तो मैं खुद वहां जाऊंगी और देखूंगी कि मुझे रोकने की हिम्मत किसमें है."

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और पार्टी विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "वह जगह (नागराकाटा) भाजपा का गढ़ है. लोग बाढ़ और सांप्रदायिक घटनाओं से नाराज हैं. चुनाव जीतने के बाद से वे वहां नहीं गए हैं. वे उस दिन अचानक वहां चले गए. क्या यह मेरी गलती है?"

4 और 5 अक्टूबर की रात हुई भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल के एक बड़े इलाके में बाढ़ आ गई है. भूस्खलन हुआ. ममता बनर्जी ने कहा- "यह आपदा भूटान के पानी से आयी. इस बार पूरे देश में बहुत बारिश हुई है. उत्तराखंड में कितने घर ढह गए हैं? भूस्खलन हुए हैं. मैं प्राकृतिक आपदाओं पर राजनीति नहीं करती. प्रधानमंत्री ने पहले दिन कहा कि पुल गिरने से मौतें हुईं. यह गुजरात नहीं है. पुल गिरने से कोई मौत नहीं हुई. हमने नए पुल पर काम शुरू कर दिया है. और वैकल्पिक पुल 15 दिनों में बन जाएगा."

केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए ममता ने कहा कि आपदा में पश्चिम बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया. ममता बनर्जी ने बताया कि उत्तर बंगाल के भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. कल रात से लगभग 400 राहत बैग तैयार किए गए हैं. इन्हें सुबह भेजा गया. इन बैगों में सभी ज़रूरी सामान हैं. महिलाओं की साड़ियां और स्वेटर भी हैं. कई जगहों पर वितरण शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द पहुंचना और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाना है."

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Last Updated : October 8, 2025 at 7:58 PM IST