आखिर क्या मजबूरी थी कि 70 साल की उम्र में खेती करने की ठानी, आज कमा रहे हैं लाखों
महाराष्ट्र के बुजुर्ग किसान ने साबित कर दिया कि अगर लगन हो तो उम्र, सफलता में कभी भी बाधा नहीं बन सकती.


Published : September 27, 2025 at 6:54 PM IST
अहिल्यानगर: उम्र सिर्फ एक संख्या है, हौसले और मेहनत से हर मंजिल पाई जा सकती है. महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के बुजुर्ग किसान विलास घाटकर इसी का जीता-जागता उदाहरण हैं. जिन्होंने 70 की उम्र में आराम चुनने के बजाय मेहनत का रास्ता अपनाया. आज उनके एक एकड़ खेत में केले का हरा-भरा बगान खड़ा है. उनकी यह जज़्बे भरी कहानी आज के ऐसे युवा जो खेती करने से कतराते हैं, उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
क्यों खेती करने को हुए मजबूर:
संगमनेर तालुका के पठारी इलाके में स्थित अम्बिखालसा के विलास घाटकर के पास दो एकड़ पुश्तैनी जमीन है. उनके दो बच्चे हैं. एक बेटा किराने की दुकान चलाता है और दूसरा बेटा विदेश में नौकरी करता है. इसलिए खेती पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है. ऐसे में, 70 साल की उम्र में उन्होंने फिर से खेती शुरू करने का फैसला किया.

अगस्त 2024 में, उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़कर जैविक खेती शुरू करने का फैसला किया. एक एकड़ जमीन पर 11 सौ G9 किस्म के केले के पौधे लगाए. यह केले का बगान अब 12 महीने फल दे रहा है. किसान घाटकर के दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता का फल देखकर इलाके के लोग अचंभित हैं.
बगीचे पर एक लाख रुपये का खर्च:
घाटकर ने रासायनिक खादों की बजाय, गोबर और प्राकृतिक उपचारों का इस्तेमाल किया. केले के बगान को लगाने में उन्होंने कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये खर्च किए. केले के बगान के पूरी तरह विकसित होने तक, उन्होंने इसी खेत में मेथी और सोयाबीन की खेती की. घाटकर ने बताया कि इस अंतर-फसल से केले के बगान को तैयार करने में आई एक लाख रुपये की लागत निकल गई.

विलास घाटकर ने बताया कि अब केले के बगान से होने वाली उपज, उनका शुद्ध लाभ होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में केले के बाग से अच्छी आमदनी होगी. घाटकर ने कहा कि अगर आप कड़ी मेहनत और लगन से खेती करें, तो कोई भी फसल अच्छा मुनाफा दे सकता है.

युवाओं के लिए प्रेरणादायी:
किसान विलास घाटकर 70 साल की उम्र में भी खेती के काम में पीछे नहीं हैं. उनकी कड़ी मेहनत के कारण आज उनके खेत में एक एकड़ में 1100 केले के पौधे खड़े हैं और बड़े-बड़े गुच्छे लटके हुए नजर आते हैं. विलास घाटकर ने साबित कर दिया है कि अगर कड़ी मेहनत और लगन हो, तो उम्र चाहे जो भी हो, खेती सफल हो सकती है.
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