सोनम वांगचुक के पाकिस्तान से कनेक्शन! लद्दाख के DGP बोले- हमारे पास इसका रिकॉर्ड है
लद्दाख के डीजीपी ने सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान से कनेक्शन की जांच की जा रही है.

Published : September 27, 2025 at 3:52 PM IST
लेह: लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने पड़ोसी देशों की उनकी यात्राओं पर सवाल उठाए. लद्दाख में हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस शुक्रवार को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया है.
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को लेह में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी जामवाल ने कहा कि पुलिस ने एक पाकिस्तानी पीआईओ (पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑफिसर) को गिरफ्तार किया है, जो वांगचुक के संपर्क में था. उन्होंने कहा कि हमारे पास इसका रिकॉर्ड है. सोनम वांगचुक पाकिस्तान में डॉन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उन्होंने बांग्लादेश का भी दौरा किया था. इसलिए, उन पर बड़ा सवालिया निशान है... जांच की जा रही है.
#WATCH | Leh: Speaking on the 24th Sept violence, Ladakh DGP Dr. S.D Singh Jamwal says, "...We also arrested a Pakistan PIO in the recent past who was in touch with him (Sonam Wangchuk) and reporting back across. We have a record of this. He had attended a Dawn event in Pakistan.… pic.twitter.com/q4YnhyrQlE
— ANI (@ANI) September 27, 2025
डीजीपी ने वांगचुक पर 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक का लोगों को भड़काने का इतिहास रहा है. उन्होंने अरब स्प्रिंग, नेपाल और बांग्लादेश का जिक्र किया है. एफसीआरए उल्लंघन के लिए उनके फंडिंग की जांच चल रही है."
लेह हिंसा के पीछे किसी विदेशी संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर डीजीपी जामवाल ने बताया, "जांच के दौरान, दो और लोगों को पकड़ा गया. अगर वे किसी साजिश का हिस्सा हैं, तो मैं नहीं कह सकता. इस जगह पर नेपाली लोगों के मजदूरी करने का इतिहास रहा है, इसलिए हमें जांच करनी होगी."
#WATCH On curfew in Leh, Ladakh DGP Dr. S.D Singh Jamwal says, " ...we have decided to relax curfew from 1pm-3pm in a staggered manner. it will be relaxed in the old city. in the new area, we will relax it from 3.30 pm-5.30 pm..." pic.twitter.com/C79wf0Dd7o
— ANI (@ANI) September 27, 2025
डीजीपी जामवाल ने कहा कि भड़काऊ भाषण "तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ताओं" द्वारा दिए गए थे, जिसके कारण केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हिंसा हुई. डीजीपी ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर केंद्र के साथ बातचीत को पटरी से उतारने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "24 सितंबर को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. चार लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में नागरिक, पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल के अधिकारी घायल हो गए. इन चल रही प्रक्रियाओं (केंद्र के साथ बातचीत) को विफल करने के प्रयास किए गए."
#WATCH | On Leh violence, Ladakh DGP Dr. S.D. Singh Jamwal says, " we have arrested 44 people so far...the main ring leaders have been nabbed. sonam wangchuk, the main player, has been sent out under nsa charges." pic.twitter.com/Zx4qxlEpw0
— ANI (@ANI) September 27, 2025
डीजीपी जामवाल ने कहा, "इसमें कुछ तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ता शामिल थे; उनकी विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान है. उन्होंने मंच को हाईजैक करने की कोशिश की, और इसमें प्रमुख नाम सोनम वांगचुक का है, जिन्होंने पहले भी ऐसे बयान दिए हैं और इस प्रक्रिया को पटरी से उतारने का काम किया है."
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि एनएसए के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद सोनम वांगचुक को राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है. शुक्रवार को लद्दाख में गिरफ्तारी के बाद उन्हें रात में जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया.
लेह में 24 सितंबर को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यहां स्थित भाजपा कार्यालय में आग लगा दी थी. हिंसक विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. इसके दो दिन बाद, वांगचुक को एनएसए के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया, क्योंकि वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, जो हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद समाप्त हो गई.
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