ETV Bharat / bharat

कर्नाटक सरकार ने विवादित कफ सिरपों की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया

यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में इन कंपनियों के कफ सिरप पीने से 12 बच्चों की मौत के बाद उठाया गया है.

KARNATAKA COUGH SYRUPS
प्रतीकात्मक तस्वीर (IANS)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : October 6, 2025 at 2:43 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

बेंगलुरु: मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से 12 बच्चों की मौत के बाद कर्नाटक सरकार ने राज्य में श्रीसन फार्मा और केसन्स फार्मा द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले कफ सिरप की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है.

अतिरिक्त औषधि नियंत्रक और राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने एक परिपत्र जारी कर तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ सिरप और कर्नाटक के जयपुर स्थित केसन्स फार्मा द्वारा निर्मित डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप की बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी है. इन सिरपों के कारण मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौतें होने का संदेह है.

परिपत्र में जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, चिकित्सा संस्थानों, सरकारी अस्पतालों, दवा स्टॉकिस्टों, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को इन कफ सिरपों की खरीद-बिक्री के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है. साथ ही यदि कोई सिरप उपलब्ध हो तो उसे वापस मंगाकर संबंधित क्षेत्राधिकार के सहायक औषधि नियंत्रक कार्यालय को आगे की कार्रवाई के लिए सूचित करने को कहा गया है.

विभाग ने राज्य में बेचे जा रहे समान मिश्रण वाले सभी कफ सिरप के नमूनों की क्लिनिकल जांच और विश्लेषण का भी आदेश दिया है. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में जिन कफ सिरप से मौतें हुई हैं, उनकी आपूर्ति राज्य में नहीं हुई है. फिर भी विभाग ने एहतियात के तौर पर सभी कफ सिरप के नमूनों की जाँच के आदेश दिए हैं. उन्होंने आगे कहा, 'दरअसल, यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है.'

दवाओं और औषधियों में मिलावट के मामलों से निपटने के लिए कड़े कानूनों की जरूरत पर जोर देते हुए गुंडूराव ने कहा कि उन्होंने केंद्र को पत्र लिखकर मिलावटी और अत्यधिक मात्रा में मिलने वाली दवाओं और औषधियों के बारे में राज्यों के बीच सूचना साझा करने और उनकी जाँच सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाने को कहा है. मंत्री ने कहा, 'केंद्र सरकार को इस सुझाव पर विचार करना चाहिए और सूचना साझा करने के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहिए.'

ये भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में 10 बच्चों की मौत का मामला, सरकारी डॉक्टर गिरफ्तार, दवा बनाने वाली कंपनी पर भी केस दर्ज - GOVERNMENT DOCTOR ARRESTED