इसरो ने जारी की धराली की दो तस्वीरें, देखिए आपदा ने कैसे बदला इलाके का भूगोल
खीर गंगा के फ्लैश फ्लड ने धराली कस्बे को तो नष्ट किया ही है, भागीरथी नदी के प्रवाह पर भी अतिक्रमण कर दिया है

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 8, 2025 at 11:08 AM IST
उत्तरकाशी: इन दिनों देश-दुनिया में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली में आई भीषण आपदा की ही चर्चा है. भौगोलिक और प्राकृतिक प्रयोगों से जुड़े बड़े-बड़े संस्थान इस आपदा को लेकर रिसर्च कर रहे हैं. हर कोई जानना चाहता है कि सिर्फ 30 से 35 सेकंड के अंदर एक बसा बसाया कस्बा कैसे प्राकृतिक आपदा में तबाह हो गया.
इसरो ने जारी की धराली की दो तस्वीरें: इसरो (Indian Space Research Organisation) ने NRSC (National Remote Sensing Centre) द्वारा ली गई धराली की दो तस्वीरें जारी की हैं. इनमें पहली तस्वीर 13 जून 2024 की है. दूसरी तस्वीर 7 जुलाई 2025 की है, जो आपदा आने के बाद तीसरे दिन ली गई है. आइए आपको बताते हैं, इन तस्वीरों में क्या दिख रहा है.

इसरो ने धराली की पहली तस्वीर पिछले साल 13 जून की जारी की: इसरो द्वारा अपनी वेबसाइट पर जारी की गई इन तस्वीरों में पिछले साल 13 जून को ली गई फोटो में खीर गंगा नदी के सामने और अगल-बगल तथा भागीरथी के तट पर बसे धराली गांव और उसके बाजार की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं. खीरगंगा के बहाव क्षेत्र में जब वो पहाड़ी से उतरकर मैदानी इलाके प्रवेश करती है, तो उसके ठीक सामने होटल, घर और बड़े-बड़े पेड़ पौधे दिखाई दे रहे हैं. कुल मिलाकर एक पहाड़ी कस्बे की बसावट दिख रही है.

इसरो ने धराली की दूसरी तस्वीर 7 अगस्त की जारी की: इसरो ने जो दूसरी तस्वीर जारी की है वो उत्तरकाशी धराली में 5 अगस्त को आई आपदा के बाद 7 अगस्त 2025 की है. इस तस्वीर में धराली का खीरगंगा नदी के सामने और अगल-बगल बसा इलाका पूरी तरह वॉश आउट हुआ दिख रहा है. वहां सिर्फ मैदान दिख रहा जिस पर मलबा जमा हुआ है. खीर गंगा ने जो तबाही मचाई और अपने साथ वो जितना मलबा लाई उसने भागीरथी की लय और रफ्तार को भी बिगाड़ दिया है.
दोनों तस्वीरों में बदला दिख रहा धराली का भूगोल: 7 अगस्त की तस्वीर में साफ दिख रहा है कि खीरगंगा की बाढ़ ने भागीरथी नदी के प्रवाह स्थल को भी संकुचित कर दिया है. भागीरथी नदी में आधे से ज्यादा क्षेत्र में मलबा पटा हुआ दिख रहा है. इस मलबे के कारण भागीरथी एक संकरे मार्ग से बह रही है. पहाड़ से उतरकर जो खीर गंगा दाईं तरफ होकर बहती थी, उसने सामने के बसावट को छिन्न-भिन्न करके सीधा रास्ता बना लिया है. इससे पता चल रहा है कि खीर गंगा की आपदा ने धराली का भूगोल पूरी तरह बदल दिया है. सिर्फ धराली का ही भूगोल नहीं बदला है, बल्कि भागीरथी जैसी अपने से काफी बड़ी नदी के प्रवाह मार्ग को भी डिस्टर्ब कर दिया है.
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