जयपुर का एक कॉफी हाउस, जहां से चलता था सियासत में शह और मात का खेल
हिडन जेम्स ऑफ राजस्थान सिरीज पार्ट 6 में जानिए जयपुर के इंडियन कॉफी हाउस के बारे में..

Published : August 28, 2025 at 5:19 PM IST
|Updated : August 28, 2025 at 5:37 PM IST
जयपुर : राजस्थान अपने धरोहर, इतिहास और संस्कृति के लिए जाना जाता है. इसकी राजधानी जयपुर अपने आप में गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए है. जयपुर की गली-गली कुछ अनसुने किस्से कहती है. इन्हीं में शामिल है 'इंडियन कॉफी हाउस' का किस्सा. राजधानी की सबसे व्यस्ततम एमआई रोड में एक संकरी सी गली में स्थित है इंडियन कॉफी हाउस. बाहर से साधारण सा दिखने वाला यह ठिकाना अंदर जाते ही जैसे समय की परतें खोल देता है. दीवारों पर 1970 और 80 के दशक के चिपके हुए पोस्टर, लकड़ी की कुर्सियां, मेज और सफेद लिबास और टोपी में दिखाई देने वाले वेटर अलग अलग दौर की याद दिलाते हैं. यह वही जयपुर का इंडियन कॉफी हाउस है, जहां पर 1970 और 80 के दशक में राजस्थान और जयपुर की राजनीति की चालें चली जाती थीं. सियासत में शह और मात के खेल की रणनीति भी यहीं तैयार होती थी और पत्रकार लेखक साहित्यकार भी अपनी कलम को यहीं बैठकर धार देते थे.
1962 वाली थीम आज भी मौजूद : दरअसल, एमआई रोड पर स्थित इंडियन कॉफी हाउस की स्थापना जयपुर में 1962 में हुई थी. इंडियन कॉफी वर्कर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से इसकी स्थापना की गई थी. यहां की हॉट क्रीम कॉफी और फिल्टर कॉफी खूब मशहूर हुई और पत्रकारों, लेखकों, साहित्यकारों और राजनेताओं के बीच चर्चा का विषय बनी. यहां पर बुद्धिजीवियों का मजमा लगना शुरू हो गया. एक कॉफी पर घंटों राजनीतिक, सामाजिक चर्चाएं देखने को मिलती थी.
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भैरोंसिंह और अशोक गहलोत जैसे दिग्गज भी आते थे : इंडियन कॉफी हाउस में कई दशकों से लगातार आ रहे लोगों का कहना है कि यहां पर एक समय राजस्थान के दिग्गज नेता और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित नवल किशोर शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई राजनीतिक दलों के नेता अक्सर आकर बैठते थे. वे कॉफी के साथ सियासी चर्चा करते थे. 70, 80 और 90 के दशक तक भी यहां पर साहित्यकार, लेखक, पत्रकार रोजाना आकर बैठते थे और आपस में चर्चाएं होती थी, लेकिन अब पुराने लोग यहां पर नहीं आते हैं.

एमएफ हुसैन ने भी पी थी यहां की कॉफी : बताया जाता है कि प्रसिद्ध चित्रकार एमएफ हुसैन इंडियन कॉफी हाउस की कॉफी की प्रशंसा सुनने के बाद यहां आए थे और कॉफी पी थी. साथ ही यहां के स्टाफ से लंबी बातचीत की थी. साल 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जवाहर कला केंद्र में इंडियन कॉफी हाउस की दूसरी ब्रांच का उद्घाटन किया था. तब से पत्रकार, लेखक और साहित्यकार ज्यादातर जवाहर कला केंद्र में ही कॉफी पीते हुए नजर आते हैं.

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आधुनिकता से परे है इंडियन कॉफी हाउस : आज भले ही जयपुर में जगह-जगह पर आधुनिक कॉफी हाउस खुल गए हैं, लेकिन आज भी यहां पर पुरानी थीम पर आधारित इंडियन कॉफी हाउस में आना लोग नहीं भूलते हैं. पुराने लोगों के साथ ही युवा पीढ़ी भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचती है. इसके अलावा पर्यटक भी यहां पर आते हैं. यहां अक्सर आने वाले संजीव गर्ग का कहना है कि यहां का माहौल बहुत अच्छा है. पुरानी बातें होती हैं, पुराना माहौल मिलता है. सबसे अच्छी कॉफी यहीं मिलती है.
यहां काफी सालों से आ रहे हैं लोग : आलोक कुमार ने बताया कि यहां का माहौल काफी अच्छा है. यही कारण है वो यहां पर लगातार आ रहे हैं. पुरानी थीम पर ही आज भी बना हुआ है. कुछ नहीं बदला है. बस दीवारों का पेंट और बाथरूम में थोड़ा समय के साथ बदलाव हुआ है. बाकी लगभग वही पुराना माहौल है. कुर्सियां और टेबल सब पुरानी ही हैं.

फिल्टर कॉफी ज्यादा मशहूर : यहां करीब 30-35 साल से आ रहे जय सिंह जादौन का कहना है कि यहां फिल्टर कॉफी ही ज्यादा मशहूर है. पुराने लोग अब नहीं आते. पहले पत्रकार सामने की तरफ बैठा करते थे, राजनेता भी आते थे. ये 65 साल पुराना कॉफी हाउस है. भैरोंसिंह शेखावत, अशोक गहलोत किसी जमाने में यहां आते थे. बड़े-बड़े वकील और पत्रकार भी यहां आते थे. वो चीज अब नहीं रही है. हालांकि, अब पर्यटक काफी आते हैं. टूरिस्ट गाइड अशोक शर्मा का कहना है कि वो अपने पर्यटकों को लेकर कई बार यहां पर आते हैं. पर्यटकों को यहां पर अच्छा लगता है. एक विदेशी महिला पर्यटक ने भी कहा कि वे पहली बार आई हैं और उन्हें यहां पर आकर काफी अच्छा लगा है.

वेटर का ड्रेस कोड सभी जगह एक सा ही : इंडियन कॉफी हाउस के मैनेजर राम सिंह ने कहा कि वो 24 साल से इंडियन कॉफी हाउस में ही नौकरी कर रहे हैं. जयपुर में 1 साल से कार्यरत हैं. वह पंचकूला से ट्रांसफर होकर यहां पर आए हैं. उन्होंने बताया कि इंडियन कॉफी हाउस पुराना है और एक ऐसा ठिकाना रहा है, जहां पर पत्रकार और बड़े-बड़े पॉलिटिशियन आते थे. उन्होंने बताया कि इंडियन कॉफी हाउस की 10 -12 सोसाइटी है, जो पूरे देश में है. जयपुर का कॉफी हाउस दिल्ली सोसायटी के अधीन है. जयपुर में उसकी दो ब्रांच हैं. यहां का ड्रेस कोड पूरे देश में एक है.


