लंदन चले हरियाणा के गूगल बॉय कौटिल्य पंडित, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेंगे, दादा के "प्यार" ने ऐसे बदली ज़िंदगी
हरियाणा के गूगल बॉय कौटिल्य पंडित लंदन जा रहे हैं. उन्हें 25 लाख रुपए की स्कॉलरशिप मिली है जिसके बाद वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ेंगे.

Published : August 28, 2025 at 6:16 PM IST
करनाल: हरियाणा के गूगल बॉय दुनियाभर में अपनी स्मार्टनेस को लेकर महज 5 साल की उम्र में ही मशहूर हो गए थे. हम बात कर रहे हैं, करनाल निवासी कौटिल्य पंडित की. कौटिल्य पंडित ने 5 साल की उम्र में ही दुनियाभर के देशों की राजधानी, करेंसी, जनसंख्या और भौगोलिक जानकारी को याद कर लिया था, जिसके बाद वे गूगल बॉय के नाम से मशहूर हो गए.
फिर सुर्खियों में गूगल बॉय: कौटिल्य पंडित छोटी सी उम्र में फेमस टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर भी बैठ चुके हैं. आज यही कौटिल्य पंडित 17 साल के हो गए हैं और इस बार उनकी चर्चा अलग वजह से है. कौटिल्य महज 17 साल की उम्र में इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ फिजिक्स की पढ़ाई करने जा रहे हैं. उनके परिजनों के लिए ये बड़े ही गर्व की बात है.
'फिजिक्स से है पुराना नाता': कौटिल्य ने कहा कि 'एक नई जगह जाने के लिए मैं बेहद उत्सुक हूं और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अपने आप में ही बहुत बड़ा संस्थान है. शुरू से ही मेरा पैशन फिजिक्स रहा है. इसी विषय पर अध्ययन भी करूंगा. फिजिक्स के अलावा और भी कई चीजों की पढ़ाई करता हूं. अभी तक बाकी चीजों में माता-पिता का भी सहयोग मिलता था. बहुत सी चीजें माता-पिता ही हैंडल करते थे. लेकिन अब संघर्ष और ज्यादा करने के लिए भी मैं तैयार हूं'.

कौटिल्य को क्वांटम कम्प्यूटिंग में दिलचस्पी : कौटिल्य ने बताया कि 'उन्हें क्वांटम कम्प्यूटिंग में भी दिलचस्पी है और इससे चीजें काफी सरल और फास्ट हो सकती है. क्वांटम कम्प्यूटिंग पूरी तरह से इंसानों की जिंदगी बदल सकती है. इसलिए इस फील्ड में आगे बहुत कुछ करना है. बाकी युवाओं के लिए यही संदेश है कि हमेशा खुश रहें और चीजों को नए तरीके से सोचें. अपने नए अवसरों को पहचानें और लगातार अभ्यास करते रहना चाहिए. अभ्यास करने से चीजें बहुत सरल हो जाती हैं. कड़ी मेहनत से जिंदगी जरूर सफल मुकाम तक पहुंच सकती है'.

25 लाख रुपए की स्कॉलरशिप मिली : कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने बताया कि 'ऑक्सफोर्ड के बैलियोल कॉलेज की तरफ से अगस्त में ही कौटिल्य को ऑफर मिला है. अक्टूबर से डिग्री की शुरुआत होगी और 25 लाख रुपये की स्कॉलरशिप भी मिली है. कौटिल्य केवल 17 साल की उम्र में ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ फिजिक्स की पढ़ाई करेंगे. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ब्रह्मांड विज्ञान (कॉस्मोलॉजी), प्लाज्मा फिजिक्स, डार्क मैटर, पार्टिकल थ्योरी और एआई फॉर ह्यूमैनिटी में रिसर्च करेंगे. कौटिल्य ने हाल ही में गुड़गांव के जी.डी. गोयनका स्कूल से 12वीं पास की है'.

'कौटिल्य के लिए सभी का है सहयोग': उनके पिता ने कहा कि 'बड़े ही गर्व की बात है, जब भी किसी का बच्चा सफलता का मुकाम हासिल करता है, तो मन में केवल भावनाएं होती हैं और शब्दों में उसे बयां नहीं किया जा सकता. बच्चे के अंदर अगर जिज्ञासा हो और उसकी पूर्ति होती रहे तो बच्चा खुद ही होशियार होता है. परिवार के साथ-साथ और भी बहुत लोग एक सफल बच्चे के पीछे होते हैं, जिनका नाम कभी सामने नहीं आता. घर पर कोई आए तो उनसे भी चंचल बच्चा मन की बातें करता रहता है और अपने मन के सवालों के जवाब उन लोगों से टटोलता है. ऐसा ही हमारे बच्चों के साथ भी हुआ'.

'गूगल बॉय की पहली पसंद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी': कौटिल्य के पिता ने बताया कि 'कौटिल्य के दादा जी भी काफी अच्छे शिक्षक रहे और उनके चाचा भी शिक्षक हैं. कौटिल्य के मम्मी-चाची, दोनों बहनें सब बहुत अच्छे हैं. सबका मिलाजुला सहयोग है. कौटिल्य ने IIT एडवांस भी क्वालीफाई किया था. लेकिन कौटिल्य का मन था कि विश्व की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी से वे पढ़ाई करेंगे. इसके लिए कौटिल्य ने 5 जगह पर अप्लाई किया था और पांचों ही जगह पर कौटिल्य का सिलेक्शन हुआ. हालांकि कौटिल्य की खुद की पसंद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ही थी'.

कौटिल्य के पिता की हर माता-पिता को नसीहत: कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने कहा, 'सवाल पूछने और नई जानकारी हासिल करने की उसकी आदत ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है. हम चाहते हैं कि वो न सिर्फ अच्छा वैज्ञानिक बने, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बने. विदेश जाकर अपने परिवार, देश को कभी ना भूलें. आजकल के युवा अक्सर बाहर जाकर अपनों को और अपने देश को भूल जाते हैं. कौटिल्य विदेश में सिर्फ पढ़ने के लिए जा रहा है. कौटिल्य वहां जाए और खूब पढ़ाई करे. खुद को सामर्थ्य बनाने के लिए कुछ दिन वहां रुकना पड़े, तो बेशक रुके. लेकिन बाद में देश में आकर अपने देश के लिए ही काम करें. आजकल के इस समय में सबसे बड़ी बात ये है कि बच्चों को फोन से दूर रखें'.

दादा के प्यार ने बदली ज़िंदगी : वहीं, कौटिल्य की मां सुमिता शर्मा ने कहा कि उनके बच्चे 'कौटिल्य पर भगवान का आशीर्वाद और कृपा है. बड़ी खुशी की बात है, सभी बच्चों को कहना चाहूंगी की सभी बच्चे पढ़ें और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें. कौटिल्य की दोनों बहनें भी पढ़ाई में शुरू से बहुत होशियार हैं. इसलिए दोनों बेटियों से उनके दादा बहुत लाड करते थे. कौटिल्य उनसे कहता था कि दादा जी आप तो दीदियों से ही प्यार करते हो और मुझसे नहीं करते. तो कौटिल्य के दादा ने कहा कि तुम भी पढ़ाई करो, ऐसे ही होशियार बनो. इसके बाद कौटिल्य के अंदर बचपन से ही पढ़ाई की जिज्ञासा जगी और हर बार नए-नए तरह के प्रश्न पूछता रहता था'.

'बचपन से जिज्ञासु हैं कौटिल्य': कौटिल्य की मां ने बताया कि 'सभी लोगों से कौटिल्य ने कुछ ना कुछ सीखा है. जब भी मैं कहीं कौटिल्य को लेकर जाती थी और अगर मैं किसी से बात करने के लिए रास्ते में खड़ी हो जाती, तो कौटिल्य मुझे छोड़कर आ जाता था. वो कहता था कि मम्मी आप मेरा पढ़ाई का समय बर्बाद कर रही हैं. उम्मीद है कि भगवान का आशीर्वाद बना रहे और भविष्य में भी अच्छा करें और अच्छी पढ़ाई करें. सबसे अहम बात है, अच्छा इंसान बने और मानवता की सेवा करे. सभी माता-पिता को अपने बच्चों को सही-गलत बताना चाहिए. बच्चों के साथ माता-पिता को ज्यादा समय बिताना चाहिए'.

कौटिल्य की बहनें भी बहुमुखी प्रतिभा की धनी: बता दें कि अकेले कौटिल्य ही अपने परिवार में बहुमुखी प्रतिभा के धनी नहीं है, बल्कि उनकी दोनों बहनें भी काफी होशियार हैं. उनकी एक बहन मृदुल एमएससी कर रही है. जबकि दूसरी बहन दीक्षा पंडित भी स्कॉलरशिप पर विदेश से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कर रही हैं. कौटिल्य की बहन दीक्षा पंडित ने बताया कि 'वे रॉकेट साइंटिस्ट बनना चाहती हैं और उसी के लिए यूके से पढ़ाई कर रही हैं'.
'परिवार को कौटिल्य पर गर्व': कौटिल्य की बहन दीक्षा पंडित ने कहा कि 'हमारे परिवार के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि कौटिल्य अब विश्व की सबसे पुरानी और सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्याल से पढ़ाई करेंगे. ये तो अभी बस शुरुआत है, अभी और भी बहुत सी सफलता की खबरें मिलती रहेंगी. वे बचपन से लेकर आजतक आपस में लड़ाई-झगड़ा, मस्ती मजाक खूब करते रहते हैं. लेकिन भविष्य के लिए गंभीर मुद्दों पर बैठकर माता-पिता के साथ चर्चा भी करते हैं. हम क्या कर सकते हैं और कैसे आगे बढ़ना है, पढ़ाई के बारे में लंबे समय तक डिस्कशन होती है. भले ही उनका जुड़ाव कई बड़ी हस्तियों से रहा हो, लेकिन परिवार बहुत ही सादगी के साथ जीवन जीना पसंद करता है'.
बचपन से ही अद्भुत प्रतिभा: कौटिल्य का आईक्यू लेवल बचपन से ही काफी ज्यादा रहा है. खास बात ये है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स ने कौटिल्य पर रिसर्च के बाद बताया था कि उनका आईक्यू लेवल 130-150 के बीच है जो जीनियस की कैटेगरी में आता है. कौटिल्य अब तक 100 से ज्यादा किताबें पढ़ चुके हैं. भारत के महान अर्थशास्त्री चाणक्य को वे अपना आदर्श मानते हैं और अध्यात्म में विश्वास रखते हैं.
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