5 साल की आरिनी बनी FIDE रेटिंग में नंबर वन खिताब, ETV Bharat को बताया कैसे बनीं चेस की लिटिल चैंप
आरिनी लाहोटी शतरंज के खेल में माहिर हैं. FIDE रेटिंग हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गईं. पढ़िए ये खास इंटरव्यू...

Published : September 8, 2025 at 6:16 PM IST
|Updated : September 8, 2025 at 8:30 PM IST
राहुल चौहान की रिपोर्ट
नई दिल्ली: प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती. अगर पूरे मन से मेहनत की जाए, तो बड़े से बड़ा मुकाम भी हासिल किया जा सकता है. आरिनी शतरंज की लिटिल चैंप्स है. उन्होंने जो कीर्तिमान हासिल किया है, उससे चेस की तीनों कैटिगरी में दुनिया की पहली सबसे कम उम्र की शतरंज की महिला खिलाड़ी बन गई हैं.
महज 5 साल 10 महीने आरिनि लाहोटी ने इंटरनेशनल चेस फेडरेशन की ओर से दी जाने वाली फिडे रेटिंग हासिल की है. ईटीवी भारत के संवाददाता राहुल चौहान ने आरिनी से खास बातचीत की...
आरिनी ने बताया कि वो डेली 3 से 5 घटे शतरंज खेलती हैं. उन्होंने असम यूनिवर्सिटी में हुई चेस चैंपियनशिप में तीनों कैटेगरी में फिडे रेटिंग हासल की है. ये तीनों कैटेगरी क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज हैं. क्लासिकल में आरिनि की रेटिंग 1553, रैपिड में 1550 और ब्लिट्ज में 1498 है.
उन्होंने पश्चिम बंगाल की चेस खिलाड़ी उद्धृति भट्टाचार्य और बांग्लादेश की अलीशा हैदर को पीछे छोड़ा. 2020 में जन्मीं अलीशा की रेटिंग 1552 है, जबकि आरिनी की 1553 है.

कक्षा एक में पढ़ती हैं आरिनी
आरिनी ने बताया, "मैं कक्षा एक में पढ़ती हूं और मेरे पिता ही मेरे कोच हैं. अब मेरा अगला लक्ष्य नवंबर में होने वाली एशियन चेस चैंपियनशिप है. उसी को लेकर तैयारी चल रही है. चेस पूरी तरह दिमाग का खेल है. इसमें अपने अपोनेंट की मूव (चाल) पर गौर करते हुए चाल चलनी पड़ती है. इसके लिए बहुत ध्यान रखना पड़ता है."
दिव्या देशमुख हैं आरिनी की रोल मॉडल
आरिनी ने बताया, "मैं भारतीय महिला शतरंज वर्ल्ड कप चैंपियन दिव्या देशमुख को अपना रोल मॉडल मानती हूं. साथ ही उनके रिकॉर्ड्स भी तोड़ना चाहती हूं." दिव्या देशमुख महिला शतरंज ओलंपियाड में दो स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं. वह 2025 का महिला शतरंज विश्व कप जीतकर 2026 के महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई भी कर चुकी हैं.

आरिनी के पिता हैं उनके कोच
आरिनी के पिता और कोच सुरेंद्र लाहोटी ने बताया, "हमने उसे घर पर ही तैयार किया. हमने उसे सभी प्रारूपों के टूर्नामेंट खेलने को कहा. टाइम टेबल के अनुसार खेलने की आदत डालने की कोशिश की. इसके बाद हमने उसे कई आधिकारिक टूर्नामेंट्स में भेजा. अब उसकी रेटिंग प्रकाशित हो गई है तो हम सब बहुत खुश हैं. घर पर हम उसे टूर्नामेंट के लिए तैयार करने के लिए उसी समय कंट्रोल के साथ प्रैक्टिस कराते रहे. इस समय भी ऐसी ही प्रैक्टिस जारी है. आरिनी ने हाल ही में एक स्थानीय टूर्नामेंट खेला जहां उसने अंडर-7 वर्ग में जीत हासिल की और अंडर-16 कैटेगरी में दूसरे स्थान पर रहीं."
उन्होंने यह भी बताया, "19 सितंबर, 2019 को जन्मी आरिनी इस साल अगस्त तक भारत में अपने आयु वर्ग में शीर्ष पर पहुंच चुकी थीं और उसने 2019 के बाद पैदा हुए किसी भी अन्य लड़के या लड़की से बेहतर रेटिंग प्राप्त की थी. जब मैं लॉकडाउन के दौरान दूसरे बच्चों को प्रैक्टिस कराता था, तो वह एक साल की थी और दूसरे बच्चों को देखकर खुद ही मोहरे सजाने लगती थी. लॉकडाउन के दौरान उसने मुझे ऑनलाइन पढ़ाते हुए देखा और खुद ही मोहरों को सही तरीके से चलाना शुरू कर दिया. अब हम चाहते हैं कि वह भारत की सबसे कम उम्र की ग्रैंड मास्टर बने और सभी को गौरवान्वित करे."
क्या होती है FIDE रेटिंग
शतरंज में FIDE रेटिंग, किसी खिलाड़ी के कौशल का एक अंतरराष्ट्रीय संख्यात्मक माप है, जो आधिकारिक, FIDE-स्वीकृत टूर्नामेंट्स में उसके प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित होता है. अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) द्वारा संचालित यह प्रणाली, खिलाड़ियों की क्षमताओं की तुलना करने, प्रगति पर नजर रखने और ग्रैंडमास्टर (GM) और अंतर्राष्ट्रीय मास्टर (IM) जैसे प्रतिष्ठित खिताबों के लिए पात्रता निर्धारित करने के लिए एक विश्वव्यापी मानक प्रदान करती है. एफआईडीई रेटिंग प्राप्त करने के लिए, खिलाड़ी को अपने राष्ट्रीय शतरंज महासंघ में पंजीकरण कराना होता है. साथ ही एफआईडीई आईडी प्राप्त कर आधिकारिक एफआईडीई-रेटेड टूर्नामेंट में भाग लेना होता है.
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