उत्तराखंड में हवाला के पैसों से तो नहीं चल रहे अवैध मदरसे? धामी सरकार ने दिए जांच के आदेश
उत्तराखंड सरकार अब अवैध मदरसों पर ताला लगाने के साथ ही उनकी फंडिंग की जांच करने जा रही है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 24, 2025 at 5:11 PM IST
|Updated : March 24, 2025 at 7:44 PM IST
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में अवैध मदरसों की जांच की जा रही है. पुलिस-प्रशासन की जांच में कई मदरसे अवैध पाए गए, जिन पर प्रशासन ने ताला भी लगा दिया. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक प्रशासन ने 136 मदरसे सील किए हैं. वहीं अब सील किए मदरसों की फंडिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर इन मदरसों की फंडिंग कहां से आ रही थी, जिसकी जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के आदेश मिले हैं. धामी सरकार ने इसका बाकायदा प्रेस नोट जारी किया है.
दरअसल, बीते एक महीने से प्रदेश में अवैध मदरसों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. अब तक पूरे प्रदेश में 136 मदरसों को कागजात पूरे न होने पर सील किया जा चुका है, जबकि, रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में 500 से अधिक अवैध मदरसे संचालित हो रहे हैं. ऐसे में सरकार के सामने बड़ा सवाल यह है कि इन मदरसों को संचालित करने और कर्मियों के वेतन के लिए पैसा कहां से आ रहा है? क्या इसके पीछे धर्म की आड़ में कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं? जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि देवभूमि में संचालित हो रहे इन अवैध मदरसों को कहीं दूसरे देशों से फडिंग तो नहीं हो रही.
जिला स्तर की कमेटी करेगी जांच: राज्य में करीब 450 पंजीकृत मदरसे हैं, जो शासन को अपने दस्तावेज, बैंक खाते और आय-व्यय का पूरा ब्योरा देते हैं. लेकिन दूसरी ओर 500 से अधिक मदरसे बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहे हैं. इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का सत्यापन और आर्थिक स्रोतों की जांच के लिए शासन ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन अवैध मदरसों को किस स्रोत से धन मिल रहा है और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है.
सीमा से सटे क्षेत्रों में खुल रहे अवैध मदरसे: उत्तराखंड शासन के प्रेस नोट के अनुसार पिछले कुछ समय में यूपी से सटे कस्बों जैसे जसपुर, बाजपुर, किच्छा, काशीपुर, रुद्रपुर, गदरपुर, पछवादून और हरिद्वार जिले में बिना पंजीकरण के कई मदरसे खुलने की सूचना मिली है. इन क्षेत्रों में अवैध रूप से मदरसों की बढ़ती संख्या सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है. सरकार इन मदरसों के आर्थिक स्रोतों और उद्देश्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है.
अवैध मदरसे का निर्माण रुकवाया: देहरादून जिला प्रशासन की टीम ने आज 24 मार्च को सहसपुर के एक बड़े मदरसे को अवैध निर्माण मामले में पूर्व में दिए नोटिस के बाद सील किया. उक्त मदरसे ने बिना प्राधिकरण की अनुमति के एक मंजिल का अवैध रूप से निर्माण कर लिया था.
कितने अवैध मदरसे हुए सील
- उधम सिंह नगर जिले में 64 मदरसे सील हुए.
- देहरादून जिले में 44 मदरसे सील हुए.
- हरिद्वार जिले में 26 मदरसे सील हुए.
- पौड़ी गढ़वाल जिले में कुल दो मदरसों पर ताले लगे.
प्रदेश में अवैध मदरसों, मजारों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. अवैध रूप से बड़े पैमाने पर मदरसों का संचालन गंभीर विषय है. जिसकी जांच के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
अगर हवाला के जरिए मदरसों में पैसों का ट्रांजेक्शन हो रहा है तो वो सामने आएगा. जांच कमेटी में जो कुछ पॉइंट्स सामने आए हैं, उसमें ऐसी संभावना जताई गई है. ऐसे में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
-सुनीता विद्यार्थी, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी-
अगर सरकार के पास कोई सिस्टम हो तो पहले जांच कर ले, लेकिन सरकार सिर्फ उकसावे की कार्रवाही करना चाहती है. और इस मामले में कुछ नहीं है. सरकार लोगों को सड़क पर लाना चाहती है. ये कार्रवाई सिर्फ भ्रष्टाचार और बेरोजगारीसे ध्यान हटाने के लिए की जा रही है.
-मो० शहजाद, बसपा विधायक, लक्सर-
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